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‘पैदा सब मुसलमान ही होते हैं..’, बसीर ने बताया इस्लाम अपनाने को राजी थी एक्स-गर्लफ्रेंड, लेकिन..

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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बिग बॉस 19 के स्टार कंटेस्टेंट बसीर अली ने बताया कि जीवन साथी चुनते वक्त धर्म संबंधी विषयों पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।

सलमान खान होस्टेड रियलिटी टीवी शो ‘बिग बॉस’ का हिस्सा रहे कंटेस्टेंट बसीर अली उस सीजन के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक थे। बावजूद इसके कि बसीर शो से जल्दी एविक्ट हो गए थे, उन्हें ऑडियंस का काफी ज्यादा प्यार और सपोर्ट मिला। अब एक हालिया इंटरव्यू में बसीर ने अपनी निजी जिंदगी पर खुलकर बात की है। बसीर ने बताया है कि कैसे उनकी एक्स गर्लफ्रेंड उनके साथ रिलेशनशिप में रहने के लिए इस्लाम कबूल करने को भी तैयार थी। बसीर ने इसी इंटरव्यू में बातचीत के दौरान बताया कि कैसे लाइफ पार्टनर चुनते वक्त धर्म एक बहुत महत्वपूर्ण फैक्टर होता है।

बसीर ने खोले पर्सनल लाइफ के राज

बसीर ने बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी इंसान के साथ रिश्ते में गहराई से जुड़ने के पहले हमें भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। मॉडल ने कहा कि अगर आपको पता है कि किसी इंसान के साथ आपका कोई भविष्य नहीं है, तो उसके साथ वक्त बर्बाद नहीं करना चाहिए। फिर भले ही वह लड़का हो, या फिर लड़की हो। बसीर ने कहा कि अगर मामला धर्म से जुड़ा है, तो इस बारे में बहुत सोच-समझकर फैसला लें। बसीर ने अपनी पर्सनल लाइफ का एक किस्सा बताया कि कैसे एक लड़की उनके साथ रहने के लिए धर्म बदलने को तैयार थी।

अपना धर्म छोड़ने को तैयार थी पार्टनर

बिग बॉस 19 फेम एक्टर ने कहा, “क्योंकि लाइफ में एकाध बार मेरे साथ भी ऐसा फेज आया कि मैं किसी को पसंद करता था। मैं उसे बहुत पसंद करने लगा था। वह गैर मुस्लिम थी। मुझे लगा, कोई फ्यूचर नहीं है, मैं क्या करूंगा? और ये सवाल आते ही हैं, बेशक आते हैं, जब आप ऐसी स्थिति में हैं कि प्यार है, रिश्ता है, तो फिर कनवर्ट होना, घर वापसी करना, और ये वो।” बसीर ने बताया कि उनकी एक्स-गर्लफ्रेंड उनके साथ रहने के लिए यह कदम उठाने को तैयार थी, लेकिन उन्होंने इसके साथ आने वाली भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों के बारे में सोचना जरूरी समझा।

हर कोई मुसलमान ही पैदा हुआ था

बसीर ने बताया, “मैंने उससे कहा कि यार, तुम्हारी तुम्हारी भी फैमिली है। तुम्हारे मां-बाप ने तो तुमको एक तरीके से बड़ा किया है। ये वो बातें थीं जो मैंने उससे कही थीं, आप मानें या ना मानें। इसके बाद उसने मुझसे सच में कहा- मैं यह करने को (धर्मांतर) तैयार हूं। मैं इस धर्म को छोड़ने का कदम उठाने के लिए तैयार हूं।” बसीर ने यह भी बताया कि इस्लाम स्वीकार करने वाले किसी भी इंसान के बारे में उन्हें ‘धर्मांतर’ से ज्यादा ‘घर वापसी’ शब्द का इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद है। बसीर का मानना है कि हम सभी मुसलमान ही पैदा हुए थे, इसलिए हमें धर्मांतर नहीं बल्कि घर वापसी शब्द इस्तेमाल करना चाहिए।

क्यों होता है घर वापसी का इस्तेमाल?

बसीर ने बताया कि इस्लामिक दृष्टिकोण से देखें तो माना जाता है कि हर कोई जन्म से मुसलमान ही होता है, जब तक कि वह किसी दूसरे धर्म को फॉलो करना शुरू न कर दे। बसीर ने कहा, “क्योंकि मुस्लिम्स की नजर में हमारे में सब मुसलमान पैदा हुए थे, वह तो बाद में अपनी-अपनी जगह सबने अपने-अपने धर्म फॉलो करने शुरू कर दिए। तो आम लोग, वो कनवर्ट शब्द का इस्तेमाल करते हैं। वो इसको उस नजर से नहीं देखते हैं।”

SOURCE : LIVE HINDUSTAN