Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण यानी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट हर साल की जरूरी प्रक्रिया है
- 1 अक्टूबर से 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं
- अगर आपके घर में भी कोई 80 साल का पेंशनर है, तो 30 नवंबर से पहले यह प्रॉसेस करा लीजिए
पेंशन पाने वाले लोगों के लिए हर साल लाइफ सर्टिफिकेट (Life Certificate) यानी जीवन प्रमाण जमा करना जरूरी होता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है और उसकी पेंशन नियमित रूप से जारी रखी जा सके। डिजिटर लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) की सुविधा से अब कई पेंशनर्स घर बैठे या नजदीकी सेंटर से यह प्रॉसेस पूरी कर सकते हैं। अक्टूबर में खास तौर पर 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स को यह सुविधा पहले मिलती है।
अक्टूबर में कौन जमा कर सकता है जीवन प्रमाण?
मौजूदा व्यवस्था के तहत 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स 1 अक्टूबर से अपना लाइफ सर्टिफिकेट (Life Certificate) जमा कर सकते हैं। वहीं, 80 साल से कम उम्र वाले पेंशनर्स के लिए सामान्य तौर पर यह प्रॉसेस 1 नवंबर से शुरू होता है। सभी पात्र पेंशनर्स के लिए अंतिम समय सीमा आम तौर पर 30 नवंबर रहती है। इसलिए 80+ उम्र के पेंशनर्स अक्टूबर में ही अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) जमा कर सकते हैं।
क्या है जीवन प्रमाण?
जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) एक आधार-बेस्ड और बॉयोमैट्रिक-इनेबल्ड डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (biometric-enabled Digital Life Certificate) है। इसके जरिए पात्र पेंशनर्स को हर साल कागज पर लाइफ सर्टिफिकेट (Life Certificate) जमा करने की जरूरत कम होती है। आधार (Aadhaar) बेस्ड पहचान सत्यापन के बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) तैयार होता है और इसे जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा जाता है। इसके बाद संबंधित पेंशन डिसबर्सिंग एजेंसी (Pension Disbursing Agency) इसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से देख सकती है।
घर बैठे भी बन सकता है डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
पेंशनर्स जीवन प्रमाण सेंटर (Jeevan Pramaan Centre) के जरिए अपना प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। इसके लिए CSC (Common Service Centres), कुछ बैंक शाखाओं और सरकारी कार्यालयों में सुविधा उपलब्ध होती है। इसके अलावा जरूरी ऑथेंटिकेशन सुविधा और कंपेटिबल डिवाइस (Compatible Device) उपलब्ध होने पर जीवन प्रमाण ऐप (Jeevan Pramaan App) के माध्यम से घर से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। ऑथेंटिकेशन का तरीका इस्तेमाल की जा रही सुविधा के अनुसार फिंगरप्रिंट, Iris या फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) हो सकता है।
क्या जीवन प्रमाण हमेशा के लिए रहता है वैलिड?
नहीं। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) की वैलिडिटी हमेशा के लिए नहीं होती। इसकी वैधता संबंधित पेंशन सेंक्शनिंग अथॉर्टी (Pension Sanctioning Authority) के नियमों के अनुसार तय होती है। वैधता समाप्त होने के बाद पेंशनर को नया लाइफ सर्टिफिकेट (Life Certificate) जमा करना पड़ता है। नया डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) सफलतापूर्वक बनने पर एक नया प्रमाण ID भी जेनरेट होता है।
सर्टिफिकेट बनवाने से पहले ये जानकारी रखें तैयार
जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) बनवाने से पहले पेंशनर्स को अपना आधार नंबर (Aadhaar Number), मोबाइल नंबर (Mobile Number) और पेंशन (Pension) से जुड़ी जानकारी तैयार रखनी चाहिए। इसमें पेंशन पेमेंट ऑर्डर (Pension Payment Order) यानी PPO नंबर, पेंशन अकाउंट नंबर (Pension Account Number) और पेंशन डिसबर्सिंग बैंक (Pension Disbursing Bank) की जानकारी शामिल हो सकती है। सही जानकारी देना जरूरी है, क्योंकि गलत या रिकॉर्ड से अलग जानकारी होने पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट रिजेक्ट (Digital Life Certificate Reject) हो सकता है।
जीवन प्रमाण पत्र रिजेक्ट होने पर क्या करें?
अगर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) गलत या मिसमैच इंफॉर्मेशन (Mismatch Information) की वजह से रिजेक्ट हो जाता है, तो पेंशनर को संबंधित पेंशन डिसबर्सिंग एजेंसी (Disbursing Agency) से संपर्क करना चाहिए। बैंक या संबंधित एजेंसी के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी को चेक कराने के बाद जरूरत पड़ने पर सही जानकारी के साथ नया डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) बनाया जा सकता है। पेंशनर्स को अपने बैंक या पेंशन डिस्बर्सिंग एजेंसी (Pension Disbursing Agency) से किसी अतिरिक्त दस्तावेज या प्रक्रिया की जरूरत के बारे में भी पहले जानकारी ले लेनी चाहिए।
किनके लिए डिजिटल सुविधा लागू नहीं है?
जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) सुविधा उन पेंशनर्स के लिए उपलब्ध है, जिनकी पेंशन सेंक्शनिंग अथॉर्टी (Pension Sanctioning Authority) इस प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डेड है। वहीं, री-एम्पलॉयड या रीमैरिड पेंशनर्स डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Remarried Pensioners Digital Life Certificate) सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर सकते और उन्हें लागू कंवेंशनल प्रोशिजर (Conventional Procedure) के अनुसार लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होता है।
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