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भुवनेश्वर कुमार की वापसी: क्यों खास है ‘स्विंग के उस्ताद’ का ये कमबैक?

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Source :- BBC INDIA

भुवनेश्वर कुमार

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पढ़ने का समय: 6 मिनट

भारतीय तेज़ गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है.

36 साल के भुवनेश्वर को न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पांच मैचों की टी-20 सिरीज़ के लिए भारतीय टीम में चुना गया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने 6 अक्तूबर को टीम का ऐलान किया.

यह वापसी इसलिए बड़ी खबर है क्योंकि भुवनेश्वर क़रीब चार साल से भारतीय टीम से बाहर थे.

दिलचस्प बात ये है कि इससे पहले भुवनेश्वर कुमार का आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच भी न्यूज़ीलैंड के ही ख़िलाफ़ था. 22 नवंबर 2022 को न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ नेपियर में खेले गए टी-20 मैच में वो भारतीय टीम का हिस्सा थे.

यानी क़रीब 47 महीने बाद भुवनेश्वर दोबारा मैदान में भारत की जर्सी में दिख सकते हैं.

लेकिन सवाल है-आख़िर ऐसा क्या हुआ कि 36 साल के भुवनेश्वर की चर्चा फिर से भारतीय क्रिकेट में होने लगी?

इसका जवाब पिछले दो आईपीएल सीज़न में छिपा है.

आईपीएल में भुवनेश्वर ने क्या किया?

आईपीएल-2026 में आरसीबी के लिए खेलते हुए भुवनेश्नवर कुमार के परफ़ॉर्मेंस की काफ़ी तारीफ़ हुई थी

2025 में उन्होंने 17 विकेट लिए, जबकि 2026 में उनके नाम 28 विकेट रहे.

यानी दो सीज़न में कुल 45 विकेट.

ख़ास तौर पर 2026 का सीज़न उनके लिए शानदार रहा.

उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लिए. उनका गेंदबाज़ी औसत 17.89 और इकॉनमी रेट 7.95 रहा. वह विकेट लेने के मामले में आईपीएल में दूसरे नंबर पर रहे.

यही वह प्रदर्शन था जिसके बाद क्रिकेट फ़ैन्स के बीच यह चर्चा होने लगी कि अगर भुवनेश्वर अभी भी इतनी अच्छी गेंदबाज़ी कर सकते हैं तो उन्हें भारत के लिए दोबारा क्यों नहीं आज़माया जा सकता?

क्या कहते हैं विशेषज्ञ और क्रिकेटिंग जगत?

पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना ने भुवनेश्वर की टीम इंडिया में वापसी का स्वागत किया.

उन्होंने एक्स पर लिखा, “भारत के बेहतरीन और सबसे हुनरमंद गेंदबाज़ों में से एक को फिर से वह पहचान मिलते देखकर बहुत खुशी हो रही है, जिसके वह हकदार हैं. पिछले कई वर्षों में उन्होंने जिस अनुशासन, मेहनत और जुझारूपन का परिचय दिया है, वह वाकई प्रेरणादायक है. उत्तर प्रदेश से लेकर आईपीएल तक और अब फिर भारतीय टी20 टीम में वापसी- यह कमबैक पूरी तरह उनके हक में जाता है.”

भुवनेश्वर की वापसी की सबसे मज़बूत पैरवी करने वालों में पूर्व भारतीय ऑफ़ स्पिनर आर अश्विन रहे हैं.

जुलाई में अश्विन ने कहा था कि भुवनेश्वर को भारतीय टीम में वापसी का मौक़ा क्यों नहीं मिलना चाहिए? उन्होंने भारत के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण में अनुभव की कमी की ओर इशारा किया और भुवनेश्वर के आईपीएल प्रदर्शन को उनके पक्ष में बड़ा तर्क बताया.

अश्विन का यह बयान उस समय आया था जब भुवनेश्वर आईपीएल में लगातार अच्छा कर रहे थे और 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर उनकी वापसी की चर्चा तेज़ हो रही थी.

वहीं भुवनेश्वर की वापसी पर पूर्व भारतीय विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने चयनकर्ताओं की तारीफ़ करते हुए कहा कि चार साल बाद भुवनेश्वर को चुनने के लिए उन्होंने ‘हिम्मत’ दिखाई है.

क्रिकबज़ से बातचीत में कार्तिक ने कहा कि भारतीय टीम पिछले एक साल में कई तेज़ गेंदबाज़ों को आज़मा चुकी है, लेकिन अगर सिर्फ़ स्किल की बात करें तो भुवनेश्वर ‘बेहतरीन’हैं. कार्तिक ने भुवनेश्वर की तीन ख़ासियतें गिनाईं- नई गेंद से दोनों तरफ़ स्विंग, पावरप्ले में बेहद असरदार और डेथ ओवरों में दबाव संभालने का अनुभव.

उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर जिस तरह की गेंदबाज़ी कर सकते हैं, वह भारतीय टीम के लिए आसानी से मिलने वाला विकल्प नहीं है.

वहीं पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने भी क्रिकबज़ के इसी शो में भुवनेश्वर की वापसी को ‘वेल डिज़र्व्ड’ बताया है.

भुवनेश्वर ख़ुद क्या कहते रहे हैं?

भुवनेश्वर कुमार

भुवनेश्वर ने भी पिछले कुछ महीनों में भारत में वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया था.

अगस्त में जब उनसे 2027 वर्ल्ड कप को लेकर सवाल पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें भारत से बुलावा आता है तो वह क्यों मना करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा था कि फ़ैसला चयनकर्ताओं को करना है और उनका काम क्रिकेट खेलना है.

इससे पहले उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर से बाहर होने को लेकर भी कहा था कि टीम से बाहर किए जाने के दिन ही उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया था. उनके मुताबिक़ उन्होंने भारतीय टीम के साथ करीब एक दशक बिताया था और बहुत कुछ देख लिया था, इसलिए उनके लिए इससे अलग होना आसान रहा.

नवंबर 2022 के बाद भुवनेश्वर धीरे-धीरे भारतीय टीम की योजना से बाहर होते गए.

उनका आख़िरी टेस्ट जनवरी 2018 और आख़िरी वनडे जनवरी 2022 में था.

नवंबर 2022 के बाद टी-20 टीम में भी उनकी जगह नहीं रही. इस दौरान भारतीय क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ों की नई पीढ़ी सामने आई.

अर्शदीप सिंह, मयंक यादव और दूसरे युवा तेज़ गेंदबाज़ टीम की योजनाओं का हिस्सा बने.

ऐसे में 36 साल के भुवनेश्वर के लिए वापसी आसान नहीं थी. लेकिन पिछले दो आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद फिर से सिलेक्टर्स का ध्यान उन पर गया.

भुवनेश्वर के आंकड़े

2022 आते-आते उनकी गेंदबाज़ी की रफ़्तार में लगातार कमी आ रही थी और वह पुरानी स्विंग भी नज़र नहीं आई थी.

उसी साल के टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भुवनेश्वर की गेंदबाज़ी पर सवाल उठे थे.

इसके बाद न्यूज़ीलैंड दौरे में भी उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक़ नहीं रहा और भारतीय टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल बढ़े.

उनकी एक और बड़ी चुनौती चोटों का इतिहास और उम्र है. 36 साल की उम्र में वह भारतीय टीम में लौट रहे हैं और 2022 के बाद से टीम ने अर्शदीप सिंह, मयंक यादव जैसे युवा तेज़ गेंदबाज़ों पर भी निवेश किया है.

भुवनेश्वर कुमार ने 21 टेस्ट मैचों में 26.09 के औसत से 63 विकेट लिए हैं. वहीं 121 वनडे मैचों में उनके 141 विकेट हैं 35.11 के औसत से और उनका इकॉनमी रेट 5.08 रहा है.

भुवनेश्वर ने 87 टी-20 मैचों में 23.10 के औसत से 90 विकेट लिए हैं. उनका इकॉनमी रेट 6.96 रहा है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS