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ट्रंप ने नहीं लिया भारत का नाम, पर नोबेल तो मांग ही लिया; कमेटी को खूब सुनाया

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जा रही है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने लिए पुरस्कार की दावेदारी पेश की है। हालांकि, अवॉर्ड नहीं मिलने को लेकर उन्हें नॉर्वे की समिति को जमकर सुनाया भी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल पुरस्कार राग शुरू कर दिया है। बुधवार को ही उन्होंने 8 युद्ध रुकवाने का दावा कर दिया। खास बात है कि वह पहले भी कई मौकों पर ये दावा कर चुके हैं, जिनमें भारत और पाकिस्तान भी शामिल है। हालांकि, भारत की ओर से साफ किया जा चुके है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के अनुरोध पर ही संघर्ष विराम किया गया था, जिसमें किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।

ट्रंप ने ओवल से कहा, ‘मैंने ऐसे काम किए हैं जो किसी और ने कभी नहीं किए। मैं डींग नहीं मार रहा, बस आपको सच बता रहा हूं। शायद ही किसी राष्ट्रपति ने कभी कोई युद्ध खत्म किया हो। मैंने आठ युद्ध खत्म किए।’ ओवल ऑफिस अमेरिका के राष्ट्रपति के काम करने की जगह है, जो राजधानी वॉशिंगटन डीसी स्थित वाइट हाउस में है।

नोबेल कमेटी पर ही सवाल

ट्रंप ने यह भी कह दिया कि उन्हें नोबेल नहीं देने से पुरस्कार देने वाली नॉर्वे की समिति की प्रतिष्ठा पर ही असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘उनकी ऐसी छवि है कि वे शायद मुझ जैसे लोगों को यह सम्मान नहीं देते। लेकिन मुझे यह मिले या न मिले, मैंने इससे कहीं ज्यादा काम किया है। मुझे लगता है कि यह उनके लिए बहुत बड़ी बदनामी की बात होगी। और मैं यह बात नफरत से नहीं कह रहा हूं।’

बराक ओबामा का लिया नाम

इस दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का भी नाम लिया। साथ ही आरोप लगाए कि इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति ने कुछ नहीं किया था। उन्होंने कहा, ‘ओबामा को यह मिला और उन्होंने इसके लिए कुछ नहीं किया। उन्हें अब भी नहीं पता कि उन्हें यह क्यों मिला। उन्हें यह तब मिला जब वे चुने गए थे बिल्कुल शुरुआत में और उन्हें कोई अंदाजा नहीं था कि उन्हें यह क्यों मिला।’

दूसरे देश की विजेता ने दिया अपना अवॉर्ड

खास बात है कि ट्रंप उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार मिल सकता था, जो वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को मिल गया था। उन्होंने कहा, ‘पिछली बार उन्होंने यह एक लड़की को दिया था जो एक शानदार इंसान है और उन्होंने कहा कि वह इसके लायक नहीं है कि मैं इसका हकदार हूं और उन्होंने यह मुझे दे दिया।’

उन्होंने कहा, ‘इस तरह से पुरस्कार हासिल करना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात थी। पिछली बार इसे पाने वाले ने कहा था कि इतिहास में राष्ट्रपति ट्रंप से ज्यादा इसका कोई हकदार नहीं है।’

ईरान से युद्ध जारी

खास बात है कि ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे चले युद्ध के बाद भी तनाव जारी है। दोनों मुल्कों के बीच अब भी आम सहमति नहीं बन सकी है। इसके चलते दुनिया की तेल सप्लाई खासी प्रभावित हुई थी, जिसका असर भारत पर भी देखने को मिला था। अब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों मुल्कों में तनातनी जारी है।

रूस और यूक्रेन युद्ध

खास बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है। इस संबंध में वह रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की से भी मुलाकात कर चुके हैं। दोनों देशों के बीच फरवरी 2022 में युद्ध शुरू हो गया था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN