Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- पीएनबी, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने रेपो-लिंक्ड लोन की दरों में इजाफा किया है
- इससे इन बैंकों से होम लोन या अन्य फ्लोटिंग रेट वाला लोन लेने वाले ग्राहकों की ईएमआई (EMI) बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है
त्योहारी सीजन में होम लोन और दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले लोन लेने वाले ग्राहकों को झटका लगा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद कई बैंकों ने अपनी लोन ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। पीएनबी, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने रेपो-लिंक्ड लोन की दरों में इजाफा किया है। इससे इन बैंकों से होम लोन या अन्य फ्लोटिंग रेट वाला लोन लेने वाले ग्राहकों की ईएमआई (EMI) बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं किन बैंकों ने कितनी ब्याज दर बढ़ाई है और इसका आपकी जेब पर कितना असर पड़ सकता है।
इन बैंको के ब्याज दरों में इजाफा
पीएनबी और बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी लोन दर 8.10 फीसदी से बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दी है। पीएनबी की नई दर 8 अक्टूबर 2026 से लागू हुई है, जबकि बैंक ऑफ इंडिया की नई दर 7 अक्टूबर से लागू है। वहीं, इंडियन बैंक की आरबीएलआर 7.95 फीसदी से बढ़कर 8.20 फीसदी हो गई है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी रिटेल लोन के लिए बीआरएलएलआर को बढ़ाकर 8.15 फीसदी कर दिया है। यह दर 8 अक्टूबर 2026 से लागू है। बैंक के मुताबिक, इस दर में आरबीआई का 5.50 फीसदी रेपो रेट और 2.65 फीसदी बेस स्प्रेड शामिल है। यानी इन बैंकों के रेपो-लिंक्ड लोन की ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई है।
क्या है रेपो रेट
रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को पैसा देता है। जब आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंकों के लिए फंड जुटाना महंगा हो जाता है। इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनका होम लोन या अन्य फ्लोटिंग रेट वाला लोन रेपो रेट से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बैंक ईएमआई बढ़ा सकते हैं या ईएमआई को समान रखते हुए लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं।
ईएमआई पर पड़ेगा असर
होम लोन लेने वालों को अब अपने बैंक से यह जरूर पूछना चाहिए कि ब्याज दर बढ़ने का असर ईएमआई पर पड़ेगा या लोन की अवधि बढ़ेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर संभव हो तो हर साल थोड़ी-सी प्री-पेमेंट करने से लोन की कुल ब्याज लागत कम की जा सकती है। पीएनबी, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के बाद आने वाले दिनों में अन्य बैंक भी अपनी लोन दरों में बदलाव कर सकते हैं।
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