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Jio IPO: ₹1,119 तक हो सकता है प्राइस बैंड! जानिए कब से लगा सकते हैं दांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • कंपनी इस आईपीओ के जरिए 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है
  • इसके हिसाब से कंपनी निचले प्राइस बैंड पर करीब 28,755 करोड़ रुपये और ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है

Jio IPO: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईटी नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तक प्राइस बैंड तय कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत के सबसे बड़े आईपीओ में से एक बन सकता है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इसके हिसाब से कंपनी निचले प्राइस बैंड पर करीब 28,755 करोड़ रुपये और ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है। हालांकि, आईपीओ की फाइनल कीमत और कुल साइज की पुष्टि कंपनी की ओर से जारी ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स के बाद ही होगी।

19 अक्टूबर से दांव लगा सकते हैं एंकर निवेशक

रिपोर्ट के अनुसार, आईपीओ में बड़े संस्थागत निवेशकों यानी एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 19 अक्टूबर से शुरू हो सकती है। इसके बाद 21 अक्टूबर को आम निवेशकों के लिए आईपीओ खुलने की संभावना है। हालांकि, कंपनी की ओर से इन तारीखों की अंतिम आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ के बाद कंपनी की वैल्यूएशन कम से कम 10.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। अगर यह वैल्यूएशन हासिल होती है, तो जियो देश की सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो सकता है।

कितना होगा आईपीओ का साइज

रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ के जरिए कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2.9 से 3 प्रतिशत हिस्सा बाजार में आएगा। प्रस्तावित आईपीओ का साइज पिछले महीने आए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के करीब 22,600 करोड़ रुपये के आईपीओ से भी बड़ा हो सकता है। कंपनी की ओर से बाजार नियामक सेबी के पास जमा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के तहत 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) का हिस्सा नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी के मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचकर बाहर नहीं निकलेंगे। नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम सीधे कंपनी को मिलेगी। आईपीओ के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रमोटर बनी रहेगी।

IPO से मिलने वाले पैसे का क्या करेगी कंपनी

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपनी सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल कर सकती है। DRHP के मुताबिक, आईपीओ से मिलने वाली नेट अमाउंट में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल कर्ज का एडवांस पेमेंट करने के लिए किया जा सकता है। बाकी रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगी। हालांकि, इस कैटेगरी में खर्च की जाने वाली राशि आईपीओ से मिलने वाली कुल रकम के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। कर्ज कम होने से कंपनी पर ब्याज का बोझ घटाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

जियो प्लेटफॉर्म्स में किसकी कितनी हिस्सेदारी

उपलब्ध शेयरहोल्डिंग जानकारी के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, मेटा प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी कंपनी जादू होल्डिंग्स के पास 9.98 प्रतिशत और गूगल इंटरनेशनल के पास 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून 2026 को सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों के पास अपना ड्राफ्ट आईपीओ दस्तावेज जमा किया था। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त के अंत में इसे नियामकीय मंजूरी भी मिल गई थी। फिलहाल आईपीओ की अंतिम प्राइस बैंड, आवेदन बंद होने की तारीख और शेयर बाजार में लिस्टिंग की तारीख की जानकारी सामने नहीं आई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN