Home LIFESTYLE NEWS HINDI शारदीय नवरात्रि में गाएं माता रानी के ये 5 पॉपुलर भजन, दिल...

शारदीय नवरात्रि में गाएं माता रानी के ये 5 पॉपुलर भजन, दिल छू लेगी एक-एक लाइन!

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

शारदीय नवरात्रि में माता रानी की कृपा प्राप्त करनी है तो ये पॉपुलर भजन गा सकते हैं। कीर्तन में ढोलक की ताल पर ये बहुत ही सुंदर लगते हैं और इनका एक-एक बोल इतना गहरा और दिल छू लेने वाला है कि सुनने और गाने वाले का मन खुश हो जाए। नोट करें लिरिक्स

माता रानी के भक्तों को नवरात्रि का इंतजार बड़ी बेसब्री से रहता है। मां के नौ अलग-अलग स्वरूपों को समर्पित ये नौ दिन बड़े ही खास होते हैं। इन दिनों तक देवी दुर्गा के भजनों की गूंज हर घर में सुनाई देती है। भक्त अपने घरों में कीर्तन भी करते हैं, जिसमें ढोलक और मंजीरे की ताल पर मैया रानी के भजन गाए जाते हैं। अगर आप भी माता रानी की भक्ति में पूरी तरह डूबना चाहते हैं तो ये भजन गुनगुना सकते हैं। इनकी एक-एक लाइन और हर एक बोल आपके दिल को छू जाएगा और आप खुद को माता रानी से जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। यहां देखिए नवरात्रि पर गाने के लिए कुछ पॉपुलर भजनों के लिरिक्स।

शारदीय नवरात्रि पर गाएं माता रानी के ये भजन

1) पवन उड़ा के ले गई रे…

पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया,

भक्तों के मन को भा गयी रे मेरी माँ की चुनरिया

उड़-उड़ चुनरी अयोध्या में पहुंची,

सीता जी के मन को भा गयी रे मेरी माँ की चुनरिया,

पवन उड़ा………

उड़-उड़ चुनरी मथुरा में पहुंची,

राधा जी के मन को भा गयी रे मेरी माँ की चुनरिया,

पवन उड़ा……..

उड़-उड़ चुनरी बद्रीनाथ में पहुंची,

लक्ष्मी जी के मन को भा गयी रे मेरी माँ की चुनरिया,

पवन उड़ा………

उड़-उड़ चुनरी कैलाश में पहुंची,

गौरा जी के मन को भा गयी रे मेरी माँ की चुनरिया,

पवन उड़ा………

2) मैं मंदिर खुला छोड़ आई..

मैं मंदिर खुला छोड़ आई नींद के मारे,

रात मेरी मैया ने लहंगा मांगा,

मैं चुनरी उढ़ाय आई नींद के मारे,

मैं मंदिर खुला छोड़ आई नींद के मारे….

रात मेरी मैया में हरवा मांगा,

मैं पेंडल पहनाई आई नींद के मारे,

मैं खुला मंदिर छोड़ आई नींद के मारे…..

रात मेरी मैया ने चूड़ी मांगी,

मैं कंगना पहना आई नींद के मारे,

मैं खुला मंदिर छोड़ आई नींद के मारे……

रात मेरी मैया ने कुंडल मांगा,

मैं झुमका पहनाई आई नींद के मारे,

मैं खुला मंदिर छोड़ आई नींद के मारे……

रात मेरी मैया ने पायल मांगा,

मैं बिछुआ पहनाई आई नींद के मारे,

मैं खुला मंदिर छोड़ आई नींद के मारे……

रात मेरी मैया ने हलवा मांगा,

मैं बर्फी खिलाई आई नींद के मारे,

मैं खुला मंदिर छोड़ आई नींद के मारे….

3) मंदिर से दौड़ी चली आऊँगी…

मंदिर से दौड़ी चली आऊंगी, कोई दिल से पुकारे..

पहला संदेसा मेरे राम जी का आया,

राम जी का आया धनुधारी का आया

सीता का रूप धर आऊंगी, कोई दिल से पुकारे ..

दूजा संदेसा मेरे विष्णु का आया,

विष्णु जी का आया चक्रधारी का आया

लक्ष्मी का रूप धर आऊंगी, कोई दिल से पुकारे …

तीजा संदेसा मेरे भोले का आया,

भोले का आया मेरे शंकर का आया

गौरा का रूप धर आऊंगी, कोई दिल से पुकारे …

जब भी संदेसा मेरे भक्तों का आया,

भक्तों का आया मेरे सेवक का आया

दुर्गा का रूप धर आऊंगी, कोई दिल से पुकारे ….

4) नवरात्रों में मच गया शोर…

नवरात्रों में मच गया शोर, मैया आई है, आई है मैया आई है नवरात्रों….

कोई कहे तुम्हें शेरोवाली, कोई कहे तुम्हें जोता वाली हम तो कहेंगे पहाड़ा वाली कि मैया….

कोई कहे तुम्हें लाटा वाली, कोई कहे तुम्हें मेहरा वाली हम तो कहेंगे झंडेवाली कि मैया….

कोई कहे तुम्हें चिंतापूर्णी, कोई कहे तुम्हें मंगलकरणी हम तो कहेंगे संकटहरणी कि मैया….

कोई कहे तुम्हें महाकाली, कोई कहे तुम्हें दुर्गा भवानी हम तो कहेंगे मां कल्याणी कि मैया….

जय माता दी!

5) अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये..

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये,

बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये,

मैंने सोने का टीका बनवाया,

लेकिन मइया को पसन्द नहीं आया,

उसको तो फूलों का टीका पसन्द आया,

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये,

बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये,

मैंने सोने के कंगन बनवाये

लेकिन मइया को पसन्द नहीं आये

उनको तो फूलों के कंगन पसन्द आये

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये

बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये ।

मैंने सोने का हार बनवाया

लेकिन मइया को पसन्द नहीं आया

उसको तो फूलों का हार पसन्द आया

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये

बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये ।

मैंने सोने की तगड़ी बनवायी

लेकिन मइया को पसन्द नहीं आयी

उसको तो फूलों की तगड़ी पसन्द आयी

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये

बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये ।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN