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शेयर बाजार की फिर बिगड़ी चाल, इस बार क्यों मचा है हाहाकार?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • अमेरिका और भारत में सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है
  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI की भारतीय शेयरों में बिकवाली बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है

शेयर बाजार में शुक्रवार की रिकवरी के बाद सोमवार को एक बार फिर भारी बिकवाली का माहौल लौट आया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स अपने इंट्रा-डे हाई से 1000 अंक से ज्यादा टूट गया। दोपहर 1 बजे के बाद सेंसेक्स 71850 अंक के नीचे आ गया। वहीं, निफ्टी में भी 300 अंक से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई। आइए जान लेते हैं कि बाजार में बड़ी गिरावट की वजह क्या है?

बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल

अमेरिका और भारत में सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.3 फीसदी के पार पहुंचने की खबरों ने निवेशकों का ध्यान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर खींचा। वहीं, भारत में 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 7.37 फीसदी तक पहुंच गई, जो करीब तीन साल का उच्च स्तर है। यह बढ़ोतरी RBI द्वारा बैंकिंग सेक्टर से अतिरिक्त लिक्विडिटी कम करने के उपायों की घोषणा के बाद हुई है। RBI ने कहा है कि 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े (दो हफ्ते की अवधि) से बैंकों को कैश रिजर्व रेशियो (CRR) की जरूरत का कम से कम 99% डेली बैलेंस बनाए रखना होगा, जो अब तक 90% था।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI की भारतीय शेयरों में बिकवाली बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अक्टूबर में विदेशी संस्थागत निवेशक की बिकवाली तेजी से बढ़ी है। विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में अब तक सिर्फ छह सेशन में 45,125 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे हैं, जो सितंबर महीने में कुल 45,536 करोड़ रुपये की बिकवाली के लगभग बराबर है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि अक्टूबर में FII की बिकवाली में तेजी के कारण 2026 में कुल FPI इक्विटी बिकवाली 3,60,952 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

– ईरान ने युद्ध खत्म करने के अपने प्रस्ताव पर अमेरिका के हालिया जवाब को नाकाफी बताते हुए खारिज कर दिया है। इसके साथ ही उसने चेतावनी दी है कि अगर लड़ाई फिर से तेज हुई तो क्षेत्रीय डेटा सेंटरों और केबलों पर हमले हो सकते हैं। इस बीच, यमन के हूथी विद्रोहियों ने शनिवार को रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए। सऊदी अधिकारियों ने रविवार को एयरपोर्ट पर हुए एक और हमले में भी लोगों के घायल होने की जानकारी दी।

– दलाल स्ट्रीट में गिरावट की एक वजह प्रॉफिट बुकिंग भी है। दरअसल, सेंसेक्स और निफ्टी पिछले हफ्ते बढ़त के साथ बंद हुए थे और आठ हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ा था जबकि बाजार में सावधानी बरतने की जरूरत वाले कई चुनौतीपूर्ण हालात भी थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN