Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- भारतीय शेयर बाजार में आने वाले दिनों में और गिरावट देखने को मिल सकती है
- ग्लोबल अनसर्टेन्टी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है
Stock Market Prediction: शेयर बाजार में एक बार फिर बड़ी गिरावट का खतरा मंडरा रहा है। ग्लोबल अनसर्टेन्टी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है। एक्सपर्ट समीर दलाल ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में निफ्टी करीब 5 फीसदी तक टूट सकता है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और जल्दबाजी में बड़ा दांव लगाने से बचने की सलाह दी गई है। हालांकि, रुपये की मजबूती और म्यूचुअल फंड में लगातार आ रहे निवेश से बाजार को कुछ सहारा मिलने की उम्मीद है।
संभावित टैरिफ कार्रवाई बाजार के लिए बड़ा जोखिम
नटवरलाल एंड संस स्टॉकब्रोकर्स के प्रेसिडेंट समीर दलाल ने बिजनेस टुडे से बातचीत में बाजार को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने को लेकर संभावित टैरिफ कार्रवाई बाजार के लिए बड़ा जोखिम बन सकती है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों और शिपिंग खर्च में उतार-चढ़ाव भी भारतीय बाजार की चाल पर असर डाल सकता है।
SIP निवेश में कमी बढ़ा सकती है बाजार की परेशानी
समीर दलाल के मुताबिक, बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक लिक्विडिटी यानी बाजार में पैसों का फ्लो है। अगर शेयर बाजार में गिरावट और बढ़ती है और म्यूचुअल फंड निवेशकों को नुकसान होने लगता है, तो उनका भरोसा कमजोर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में निवेशक अपनी SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में पैसा डालना कम कर सकते हैं। इतना ही नहीं, कुछ निवेशक म्यूचुअल फंड से अपना पैसा निकालना भी शुरू कर सकते हैं। इससे बाजार में घरेलू निवेश का सहारा कमजोर हो सकता है।
घरेलू संस्थागत निवेशकों का दांव
अभी तक घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने बाजार को काफी हद तक संभालने में मदद की है। लेकिन अगर घरेलू निवेशकों की तरफ से पैसा आना कम होता है और निकासी बढ़ती है, तो विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की बिकवाली के साथ मिलकर बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है।
लंबी अवधि के लिए भारत की कहानी मजबूत
समीर दलाल के मुताबिक, फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता जरूर है, लेकिन देश की लंबी अवधि की निवेश कहानी अब भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से बचें और धीरे-धीरे बाजार में पैसा लगाएं। साथ ही, ऐसी कंपनियों के शेयरों पर ध्यान दें जिनका कारोबार मजबूत है और जिनकी बुनियादी स्थिति अच्छी है। मौजूदा हालात में बिना सोचे-समझे अग्रेसिव इन्वेस्टमेंट करना जोखिम भरा हो सकता है।
सेंसेक्स 548 अंक टूटा, निफ्टी में भी गिरावट
इस बीच, सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में तेजी के बाद बाजार सोमवार को शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख सका। बीएसई सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76 फीसदी गिरकर 71,924.68 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 157.10 अंक यानी 0.70 फीसदी टूटकर 22,363.35 अंक पर आ गया। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.08 फीसदी की मामूली बढ़त रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.42 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल सावधानी बरतने की जरूरत है। निवेशकों के लिए बेहतर रणनीति यही हो सकती है कि वे बाजार की दिशा पर नजर रखें और मजबूत कंपनियों में सोच-समझकर धीरे-धीरे निवेश करें।
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