Source :- LIVE HINDUSTAN
देवी दुर्गा की भक्ति के बिना नवरात्रि का त्योहार अधूरा होता है। अगर आप माता की भक्ति के लिए अपनी आवाज में कुछ गाना चाहते हैं तो यहां हम 3 भजन के लिरिक्स शेयर कर रहे हैं, जिन्हें सुनते ही हर कोई झूम उठता है।
नवरात्रि उत्सव की धूम भारत के हर शहर में देखी जाती है। खासतौर से नॉर्थ में देवी पूजन को बड़े खास अंदाज में सेलिब्रेट किया जाता है। वैसे तो विधि विधान से पूजा और उपवास हर जगह पर रखा ही जाता है लेकिन शाम के समय होने वाली माता रानी की भक्ति हर गली नुक्कड़ पर होती है। अगर आप भी माता रानी की भक्ति के लिए भजन सीखना चाहते हैं तो यहां हम 3 भजनों को लिरिक्स शेयर कर रहे हैं इन्हें आसानी से गा सकते हैं और इन भजनों को सुनते ही आप झूम उठेंगे।
भोर भई दिन चढ़ गया
- भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय मां।
हे दरबारा वाली आरती जय मां ।
ओ पहाड़ा वाली आरती जय मां।
काहे दी मैया तेरी आरती बनावा,
काहे दी पावां विच बाती,
मंदिर विच आरती जय मां।
सुहे चोलेयां वाली आरती जय मां ।
हे मां पहाड़ा वाली आरती जय मां॥
सर्व सोने दी आरती बनावा,
अगर कपूर पावां बाती,
मंदिर विच आरती जय मां ।
हे मां पिंडी रानी आरती जय मां।
हे पहाड़ा वाली आरती जय मां ॥
कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया,
कौन जागेगा सारी रात,
मंदिर विच आरती जय मां ।
सच्चिया ज्योतां वाली आरती जय मां।
हे पहाड़ा वाली आरती जय मां ॥
सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी अम्बे,
ज्योत जागेगी सारी रात,
मंदिर विच आरती जय मां ।
हे माँ त्रिकुटा रानी आरती जय मां ।
हे पहाड़ा वाली आरती जय मां ॥
जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा,
जिस तेरा भवन बनाया,
मंदिर विच आरती जय मां ।
हे मेरी अम्बे रानी आरती जय मां ।
हे पहाड़ा वाली आरती जय मां ॥
सिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे,
जो ध्यावे सो, यो फल पावे,
रख बाणे दी लाज,
मंदिर विच आरती जय मां ।
सोहनेया मंदिरां वाली आरती जय मां ॥
चलो बुलावा आया है
- माता जिनको याद करे,
वो लोग निराले होते हैं।
माता जिनका नाम पुकारे,
किस्मत वाले होतें हैं।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
ऊंचे पर्वत पर रानी मां ने,
दरबार लगाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
सारे जग मे एक ठिकाना,
सारे गम के मारो का,
रास्ता देख रही है माता,
अपने आंख के तारों का ।
मस्त हवाओं का एक झोखा,
यह संदेशा लाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
जय माता दी। जय माता दी।
जय माता की कहते जाओ,
आने जाने वालो को,
चलते जाओ तुम मत देखो,
अपने पीछे वालों को।
जिस ने जितना दर्द सहा है,
उतना चैन भी पाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
जय माता दी। जय माता दी।
वैष्णो देवी के मन्दिर मे,
लोग मुरादे पाते हैं,
रोते रोते आते है,
हस्ते हस्ते जाते हैं।
मैं भी मांग के देखूं,
जिस ने जो माँगा वो पाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
जय माता दी। जय माता दी।
मैं तो भी एक मां हूं माता,
मां ही मां को पहचाने।
बेटे का दुःख क्या होता है,
और कोई यह क्या जाने।
उस का खून मे देखूं कैसे,
जिसको दूध पिलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है।
प्रेम से बोलो, जय माता दी।
ओ सारे बोलो, जय माता दी।
वैष्णो रानी, जय माता दी।
अम्बे कल्याणी, जय माता दी।
मां भोली भाली, जय माता दी ।
मां शेरों वाली, जय माता दी।
झोली भर देती, जय माता दी।
संकट हर लेती, जय माता दी।
ओ जय माता दी, जय माता दी।
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार
दरबार तेरा दरबारों में,
एक ख़ास एहमियत रखता है।
उसको वैसा मिल जाता है,
जो जैसी नियत रखता है।
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी।
भक्तों की लगी है कतार भवानी॥
ऊंचे पर्बत भवन निराला।
आ के शीश निवावे संसार, भवानी।
प्यारा सजा है द्वार भवानी।
जगमग जगमग ज्योत जगे है।
तेरे चरणों में गंगा की धार, भवानी।
तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी।
लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा।
गले लाल फूलों के सोहे हार, भवानी।
प्यारा सजा है द्वार, भवानी।
सावन महीना मैया झूला झूले।
देखो रूप कंजको का धार भवानी।
प्यारा सजा है द्वार भवानी।
पल में भरती झोली खाली।
तेरे खुले दया के भण्डार, भवानी।
तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी।
लक्खा को है तेरा सहारा मां।
करदे अपने सरल का बेडा पार, भवानी।
प्यारा सजा है द्वार भवानी।
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