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LTCG टैक्स पर मिलेगी राहत? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया बड़ा संकेत

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • निर्मला सीतारमण के मुताबिक, शेयर बाजार में लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और अलग-अलग तरह के निवेश पर टैक्स की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हो रही है
  • निवेशक चाहते हैं कि अलग-अलग एसेट क्लास पर टैक्स लगाने के नियमों को लेकर भी विचार किया जाए

FM Sitharaman on LTCG tax review: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स पर सुझावों को लेकर निवेशकों की राय सुनने की बात कही है। उन्होंने कहा कि बजट से पहले होने वाली चर्चा में भारतीय और विदेशी निवेशकों के सुझावों पर विचार किया जाएगा। मंगलवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि शेयर बाजार में LTCG टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वित्त मंत्री ने अभी टैक्स हटाने या इसकी दरों में बदलाव करने का कोई ऐलान नहीं किया है। फिलहाल सरकार इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की राय सुनने के लिए तैयार है।

LTCG टैक्स पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?

निर्मला सीतारमण के मुताबिक, शेयर बाजार में लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और अलग-अलग तरह के निवेश पर टैक्स की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हो रही है। निवेशक चाहते हैं कि अलग-अलग एसेट क्लास पर टैक्स लगाने के नियमों को लेकर भी विचार किया जाए। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट कंसल्टेशंस के दौरान इन मुद्दों पर अलग-अलग राय सुनी जाएगी।

अभी कितना लगता है LTCG टैक्स?

LTCG यानी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स, किसी निवेश को तय अवधि से ज्यादा समय तक रखने के बाद उसे बेचने पर होने वाले मुनाफे पर लगता है। शेयर बाजार में एलिजिबाल लिस्टेड इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड की यूनिट्स पर एक साल से ज्यादा समय तक रखने के बाद मुनाफा होने पर 12.5% LTCG टैक्स लागू होता है। हालांकि, एक वित्त वर्ष में ऐसे निवेश से होने वाले कुल पात्र मुनाफे के पहले 1.25 लाख रुपये पर छूट मिलती है। STT इससे अलग है, जो शेयर बाजार में कुछ खास लेन-देन पर लगाया जाता है।

क्या आम निवेशकों के लिए हट जाएगा टैक्स?

फिलहाल यह क्लियर नहीं है। बता दें कि वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई को लोकसभा में कहा था कि फिलहाल सरकार की घरेलू और छोटे निवेशकों के लिए LTCG टैक्स खत्म करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि टैक्स दरों की समय-समय पर समीक्षा बजट और आर्थिक हालात को ध्यान में रखकर की जाती है। यानी वित्त मंत्री के ताजा बयान से इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना जरूर दिखती है, लेकिन टैक्स हटने का फैसला अभी नहीं हुआ है।

SBI रिसर्च ने टैक्स हटाने की मांग क्यों की?

SBI रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी पर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से ₹2.61 लाख करोड़ से ज्यादा की रकम निकाली है। इससे पहले 2025 में भी करीब ₹1.66 लाख करोड़ की निकासी दर्ज की गई थी। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि इक्विटी निवेश की होल्डिंग अवधि बढ़ाकर दो से तीन साल की जाए और शेयरों पर LTCG टैक्स हटाने पर विचार किया जाए, ताकि विदेशी निवेश एक्ट्रैक्टिव हो सके और बाजार में लंबे समय तक टिकने वाली पूंजी आए।

विदेशी निवेशकों को कहां मिली टैक्स छूट?

सरकार ने 2026 में सरकारी सिक्योरिटी में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए ब्याज और पूंजीगत मुनाफे पर कुछ शर्तों के तहत टैक्स छूट का प्रावधान किया है। यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू निवेशों पर लागू होती है। सरकार का उद्देश्य पेंशन फंड, बीमा कंपनियों और सॉवरेन वेल्थ फंड जैसे बड़े निवेशकों को आकर्षित करना है। हालांकि, यह छूट सरकारी सिक्योरिटी तक सीमित है, इसे शेयर बाजार में LTCG टैक्स खत्म करने के फैसले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN