Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- PNC Infratech: शेयर मंगलवार को 13.30 प्रतिशत उछलकर 156.70 रुपये पर बंद हुआ और आज बुधवार को भी इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की जा रही है
- हालांकि, सुबह पीएनसी के शेयर गिरावट के साथ 153.32 रुपये पर खुले थे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के शेयर उड़ान भर रहे हैं और दो दिन में करीब 18 प्रतिशत तक उछल चुके हैं। दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद कंपनी का शेयर मंगलवार को 13.30 प्रतिशत उछलकर 156.70 रुपये पर बंद हुआ और आज बुधवार को भी इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की जा रही है। हालांकि, सुबह पीएनसी के शेयर गिरावट के साथ 153.32 रुपये पर खुले थे।
बता दें कोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से कंपनी और उसकी सहयोगी इकाई पर लगाए गए तीन साल के डिबारमेंट आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले से कंपनी के नए सरकारी प्रोजेक्ट हासिल करने की संभावनाओं को लेकर निवेशकों की उम्मीद बढ़ी है। बता दें उद्घाटन के कुछ ही दिन बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में कई जगह दरारें और गड्ढों की शिकायतें मिली थीं।
NHAI के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक
NHAI ने पीएनसी इंफ्राटेक और उसकी सहयोगी कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ तीन साल के डिबारमेंट की कार्रवाई की थी। इसके तहत कंपनी के नए प्रोजेक्ट हासिल करने की संभावनाओं पर असर पड़ सकता था। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर को इस कार्रवाई से जुड़े आदेशों पर रोक लगा दी है। इससे कंपनी को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
कंपनी के कारोबार पर क्या होगा असर?
पीएनसी इंफ्राटेक के लिए यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकारी सड़क और हाईवे परियोजनाएं उसके कारोबार का अहम हिस्सा हैं। NHAI की ओर से मिलने वाले नए प्रोजेक्ट कंपनी की ऑर्डर बुक और भविष्य की कमाई के लिए महत्वपूर्ण हैं। डिबारमेंट पर रोक से नए प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने की संभावनाओं को राहत मिल सकती है।
जून 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 19,200 करोड़ रुपये थी। इसमें NHAI की हिस्सेदारी लगभग 36 फीसदी बताई गई थी। ऐसे में हाईकोर्ट का फैसला कंपनी के भविष्य के कारोबार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
निवेशक अब क्या करें?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शेयर में आई तेजी से निवेशकों का फोकस कंपनी पर बढ़ा है। हालांकि, एक दिन की तेजी को आगे भी शेयर चढ़ने का संकेत नहीं माना जा सकता। निवेशकों को अदालत की अगली सुनवाई, कंपनी को मिलने वाले नए ऑर्डर और वित्तीय प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
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