Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- संगठन के मुताबिक, सैलरी लिमिट में बदलाव के कारण ECR फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है
- बता दें कि इस बदलाव से उन कंपनियों और एम्प्लॉयर्स को राहत मिलेगी, जिन्हें कर्मचारियों के PF, पेंशन और बीमा से जुड़े योगदान का हिसाब नए नियमों के अनुसार तैयार करना है
EPFO ECR Deadline 2026: एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने कंपनियों और एम्प्लॉयर्स को बड़ी राहत दी है। सितंबर 2026 का इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECR) जमा करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। EPFO ने 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। संगठन के मुताबिक, सैलरी लिमिट में बदलाव के कारण ECR फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बता दें कि इस बदलाव से उन कंपनियों और एम्प्लॉयर्स को राहत मिलेगी, जिन्हें कर्मचारियों के PF, पेंशन और बीमा से जुड़े योगदान का हिसाब नए नियमों के अनुसार तैयार करना है।
क्या होता है ECR
ECR यानी इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न एक ऑनलाइन रिटर्न है, जिसे एम्प्लॉयर EPFO पोर्टल पर जमा करते हैं। इसमें हर कर्मचारी की सैलरी और उसके वेतन से जुड़े योगदान की जानकारी होती है। इसमें कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) से जुड़ा विवरण शामिल होता है। इसी जानकारी के आधार पर कर्मचारियों के खाते में PF और अन्य संबंधित योगदान का हिसाब रखा जाता है।
सितंबर के ECR में क्यों हो रही है देरी
सरकार ने 17 सितंबर 2026 को PF से जुड़ी वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले यह सीमा 15,000 रुपये थी। इस बदलाव के कारण सितंबर महीने के योगदान की गणना में विशेष ध्यान देना होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 1 से 16 सितंबर तक पुराने 15,000 रुपये की वेतन सीमा के आधार पर और 17 से 30 सितंबर तक नई 25,000 रुपये की सीमा के अनुसार योगदान की गणना करनी होगी। इस तरह सितंबर का ECR तैयार करना पहले के मुकाबले थोड़ा जटिल हो गया है। इसी वजह से EPFO ने पहले तय 15 अक्टूबर की समयसीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी है।
PF ट्रस्ट के लिए भी जरूरी खबर
EPFO ने PF ट्रस्ट की छूट वाली स्थिति को पुराने समय से नियमित करने के लिए एमनेस्टी स्कीम 2026 की जानकारी भी दी है। इसके तहत पात्र संस्थानों को 28 दिसंबर 2026 तक आवेदन करना होगा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के 13 अक्टूबर के बयान के मुताबिक, इस योजना में कुछ शर्तों में राहत देने का प्रावधान है। इसमें कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या, फंड में जरूरी राशि और तीन साल के कम्प्लायंस नियम जैसी शर्तों में छूट शामिल है। योजना के तहत रेगुलराइजेशन के बाद पात्र संस्थानों को लागू नियमों के अनुसार छूट प्राप्त या बिना छूट वाले संस्थान के तौर पर काम करने का विकल्प भी मिल सकता है।
कंपनियों को जागरूक कर रहा EPFO
इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक संस्थानों तक पहुंचाने के लिए EPFO देशभर में बैठकें और सेमिनार आयोजित कर रहा है। इसके लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) जैसे संगठनों के साथ भी सहयोग किया जा रहा है। चार्टर्ड अकाउंटेंट और वैधानिक ऑडिटर भी पात्र PF ट्रस्ट की पहचान करने और आवेदन में मदद करने के लिए जुड़े हैं।
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