Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- BHEL के शेयर 15 अक्टूबर को करीब 5% तक गिर गए, जबकि कंपनी का Q2 FY27 नेट प्रॉफिट दोगुने से ज्यादा है
- नए ऑर्डर इनफ्लो में 85% की गिरावट और बढ़ते खर्च के बीच Nuvama ने शेयर का टारगेट ₹540 और JM Financial ने ₹535 रखा है
- आइए जानते हैं कि निवेशकों को इसे खरीदना चाहिए या बेचना चाहिए?
सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों में गुरुवार 15 अक्टूबर को तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद शेयर करीब 5% तक टूट गया। खास बात यह है कि BHEL ने सितंबर तिमाही में अपना मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ाया है और रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके बावजूद शेयर में बिकवाली ने निवेशकों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या अभी शेयर से दूरी बनाकर रखनी चाहिए? आइए इस सिचुएशन को जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का नजरिया अब भी पॉजिटिव बना हुआ है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) और JM फाइनेंशियल ने शेयर पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस में भी बढ़ोतरी की है। वहीं, नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार में भारी गिरावट और कंपनी के बढ़ते खर्च निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। BHEL ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान 820.94 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 374.89 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 9,553.01 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 7,686.11 करोड़ रुपये थी, यानी सालाना आधार पर कुल आय में करीब 24% की वृद्धि हुई है।BHEL के पावर बिजनेस से रेवेन्यू (Revenue) बढ़कर 6,637.90 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 5,675.64 करोड़ रुपये था। वहीं, इंडस्ट्री बिजनेस का रेवेन्यू (Revenue) 1,836.16 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,662.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी के दोनों प्रमुख कारोबार में वृद्धि दर्ज की गई।
शानदार नतीजों के बावजूद क्यों टूटे BHEL के शेयर?
मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद शेयरों में गिरावट की एक बड़ी वजह मुनाफावसूली मानी जा रही है। नतीजों की घोषणा के बाद पिछले कारोबारी सत्र में शेयर करीब 4% चढ़ा था। ऐसे में कुछ निवेशकों ने तेजी का फायदा उठाकर मुनाफा निकालना बेहतर समझा। इसके अलावा, कंपनी के खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है। सितंबर तिमाही में BHEL का कुल खर्च बढ़कर 8,482.40 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 7,201.54 करोड़ रुपये था।
एक और अहम चिंता नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार में गिरावट है। कंपनी के ताजा ऑर्डर इनफ्लो में सालाना आधार पर करीब 85% की कमी आई है। हालांकि, कंपनी के पास अभी भी 2.6 लाख करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर बुक है, जो भविष्य में काम और Revenue की संभावनाओं को सहारा दे सकता है।
Nuvama ने ₹540 किया टारगेट, क्यों दी Buy रेटिंग?
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) ने BHEL पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 530 रुपये से बढ़ाकर 540 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी के काम पूरा करने की रफ्तार में सुधार, मार्जिन में बढ़ोतरी और आने वाले वर्षों में कमाई बढ़ने की संभावनाएं शेयर के लिए सकारात्मक हैं।
कंपनी का EBITDA मार्जिन दूसरी तिमाही में बढ़कर करीब 11% हो गया, जबकि पिछले स्तर के मुकाबले इसमें 3.3 प्रतिशत अंक का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान 8.5% से भी बेहतर रहा। वहीं, ग्रॉस मार्जिन बढ़कर 36.5% पहुंच गया।
नुवामा (Nuvama) का अनुमान है कि बेहतर एक्जीक्युशन के दम पर वित्त वर्ष 2028-29 तक BHEL का EBITDA मार्जिन 13.8% तक पहुंच सकता है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना EPS अनुमान हालांकि 12% घटाया है। इसका कारण कंपनी के प्रबंधन की ओर से कमीशनिंग को लेकर दिए गए अनुमान हैं।
JM फाइनेंशियल भी शेयर पर बुलिश, ₹535 का टारगेट
JM फाइनेंशियल ने भी BHEL पर Buy रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 535 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसके पीछे कंपनी के बेहतर एग्जीक्यूशन, ग्रॉस मार्जिन में सुधार, थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं और मजबूत वित्तीय स्थिति को प्रमुख वजह बताया गया है। ब्रोकरेज के अनुसार, BHEL के पास करीब 4,600 करोड़ रुपये की नेट कैश पोजिशन है। इसके अलावा कंपनी की वर्किंग कैपिटल साइकिल में भी सुधार हुआ है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के 164 दिनों से घटकर 141 दिन रह गई है। बेहतर कलेक्शन और ब्याज खर्च में कमी से कंपनी को मदद मिली है। JM Financial ने वित्त वर्ष 2027-28 और 2028-29 के लिए EBITDA मार्जिन का अनुमान भी बढ़ाया है। अब ब्रोकरेज को इन सालों में क्रमशः 13.2% और 15% मार्जिन की उम्मीद है।
BHEL शेयर प्राइस: टेक्निकल चार्ट क्या संकेत दे रहा है?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस (Motilal Oswal Financial Services) के हेड ऑफ इक्विटी टेक्निकल रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट रुचित जैन के मुताबिक, तिमाही नतीजों के बाद पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में BHEL के शेयर में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। हालांकि, शेयर अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के DEMA यानी डबल एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे व्यापक टेक्निकल ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है। 15 अक्टूबर को शेयर ने BSE पर 453.40 रुपये का इंट्राडे हाई और 441.20 रुपये का इंट्राडे लो छुआ। इससे पता चलता है कि मजबूत नतीजों के बावजूद शेयर पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
निवेशक अब क्या करें – खरीदें या बेचें?
BHEL को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया पॉजिटिव है और दोनों प्रमुख फर्मों ने Buy रेटिंग के साथ 535-540 रुपये तक के टारगेट दिए हैं। कंपनी का बड़ा ऑर्डर बुक, बढ़ता रेवेन्यू और बेहतर मार्जिन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, नए ऑर्डर इनफ्लो में 85% की गिरावट, बढ़ते खर्च और कमीशनिंग से जुड़े अनुमान ऐसे जोखिम हैं जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। इसलिए केवल एक तिमाही के मुनाफे में बढ़ोतरी देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
आज का शेयर परफॉर्मेंस
15 अक्टूबर (गुरुवार) को खबर लिखे जाने तक (12:14PM पर) Bharat Heavy Electricals Ltd (BHEL) के शेयर NSE पर 4.64% गिरावट के साथ 442.45 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
(डिस्क्लेमर- शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि BHEL में निवेश से पहले अपनी जोखिम उठाने की क्षमता, शेयर का मौजूदा भाव और कंपनी के आगामी ऑर्डर इनफ्लो पर ध्यान दें। ब्रोकरेज के टारगेट अनुमान है, गारंटीड रिटर्न नहीं।)
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