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ग्रे मार्केट में ₹220 प्रीमियम पर शेयर, 21 अक्टूबर से लगा सकेंगे दांव, जानिए डिटेल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • इस आईपीओ की एक खास बात यह है कि इसमें मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेचेंगे
  • यानी इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा
  • पूरा इश्यू नए शेयर जारी करके लाया जाएगा, जिससे जुटाई गई रकम सीधे कंपनी को मिलेगी
  • आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे

Jio IPO GMP: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में अभी से हलचल तेज हो गई है। ग्रे मार्केट में इसके शेयर ₹220 के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों को संभावित लिस्टिंग गेन की उम्मीद है। कंपनी का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 से खुलने वाला है। वहीं, ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के मजबूत ग्राहक आधार, बढ़ती कमाई और डिजिटल कारोबार में ग्रोथ की संभावनाओं को देखते हुए इसमें दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती।

बता दें कि आईपीओ साइज के लिहाज से जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा है। इस आईपीओ की एक खास बात यह है कि इसमें मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेचेंगे। यानी इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। पूरा इश्यू नए शेयर जारी करके लाया जाएगा, जिससे जुटाई गई रकम सीधे कंपनी को मिलेगी। आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का अनुमानित मार्केट कैप करीब ₹10.30 लाख करोड़ बताया गया है।

ब्रोकरेज भी IPO को लेकर क्यों दिखा रहे हैं दिलचस्पी?

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। इसके पीछे कंपनी की बाजार में मजबूत स्थिति, ग्राहकों से कमाई करने की क्षमता और भविष्य में कारोबार बढ़ाने के कई मौके बताए जा रहे हैं। जियो ने भारत के टेलीकॉम सेक्टर में बड़ी जगह बनाई है। कंपनी का कारोबार सिर्फ मोबाइल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल सेवाओं और दूसरे टेक्नोलॉजी से जुड़े सेक्टस में भी इसकी मौजूदगी है। इसी वजह से निवेशकों की नजर इस आईपीओ पर बनी हुई है।

कंपनी का कारोबार

जियो प्लेटफॉर्म्स एक टेक्नोलॉजी आधारित कंपनी है, जो देशभर में डिजिटल कनेक्टिविटी और टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं देती है। इसकी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड है, जिसके जरिए कंपनी टेलीकॉम और इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी ने अपनी डिजिटल तकनीक और देशभर में फैले नेटवर्क के दम पर बड़ा ग्राहक आधार तैयार किया है। जियो को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का भी सपोर्ट हासिल है, जो भारत की प्रमुख निजी कंपनियों में शामिल है।

बता दें कि जियो के ग्राहक आधार में पिछले कुछ सालों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या बढ़कर 53.33 करोड़ हो गई थी। वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर 52.44 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ग्राहकों की संख्या 53.33 करोड़ पहुंच गई थी। जियो के ग्राहकों के बीच इंटरनेट डेटा की खपत में भी इजाफा हुआ है। वित्त वर्ष 2024 में एक ग्राहक हर महीने औसतन 28.7 जीबी डेटा इस्तेमाल करता था। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक यह आंकड़ा बढ़कर 43.7 जीबी प्रति माह हो गया। जियो प्लेटफॉर्म्स की एक बड़ी ताकत उसका नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर है। कंपनी के नेटवर्क में करीब 3,60,537 टावर और लगभग 57 लाख तैनात सेल शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, उसके ज्यादातर टावर फाइबर नेटवर्क से जुड़े हैं।

(डिस्क्लेमर: ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों का प्रीमियम लगातार बदलता रहता है, इसलिए किसी भी आईपीओ पर दांव लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और उसके कारोबार की पूरी जानकारी जरूर कर लें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN