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सेल की लालच, बिगड़ न जाए बजट की हालत, पढ़ें और इन 5 नियमों को फॉलो करें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • दशहरा एक अच्छा मौका है अपनी अनहेल्दी मनी हैबिट्स, बिना प्लानिंग वाले खर्च और पुरानी गलत आदतों को छोड़ने का
  • आज ही सीखें सोच-समझकर खर्च करना, लंबे समय की प्लानिंग करना, अनुशासन से बचत करना और क्रेडिट का सही इस्तेमाल करना

त्योहार के समय ई-कॉमर्स साइट्स पर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, परफ्यूम और दूसरी चीजों पर अच्छे डिस्काउंट मिलते हैं। इससे बिना सोचे-समझे खर्च बढ़ सकता है।

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें जीवन की कुछ अच्छी सीख देता है। त्योहार के समय ई-कॉमर्स साइट्स पर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, परफ्यूम और दूसरी चीजों पर अच्छे डिस्काउंट मिलते हैं। इससे बिना सोचे-समझे खर्च बढ़ सकता है। यानी सेल की लालच आपके बजट को खराब कर सकती है। आसानी से मिलने वाले क्रेडिट और लोन की वजह से खर्च और भी बढ़ जाता है। अगर सही प्लानिंग न हो, तो घर का बजट बिगड़ सकता है और कर्ज भी बढ़ सकता है।

इसलिए त्योहार से पहले ही खर्च और कर्ज की अच्छी प्लानिंग करना जरूरी है। इस दशहरा, अपने लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाए बिना त्योहार का पूरा आनंद लेने के लिए ये पांच आसान पर्सनल फाइनेंस नियम अपनाएं…

पांच आसान पर्सनल फाइनेंस नियम

1. 50-30-20 बजट रूल अपनाएं

आपकी मासिक आय का 50% जरूरी खर्चों पर, 30% मनपसंद चीजों पर और 20% बचत पर जाता है।

इस नियम में आपकी मासिक आय का 50% जरूरी खर्चों पर, 30% मनपसंद चीजों पर और 20% बचत पर जाता है। जरूरी खर्चों में राशन, किराया और EMI आते हैं। त्योहार की खरीदारी 30% वाले हिस्से से करें, बचत या जरूरी खर्चों से नहीं।

2. क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल 30% से कम रखें

कोशिश करें कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल न हो। जैसे अगर आपकी लिमिट 3 लाख रुपये है, तो बकाया 90,000 रुपये से कम रखें। इससे ज्यादा खर्च और कर्ज दोनों काबू में रहते हैं, और क्रेडिट स्कोर भी अच्छा रहता है।

क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल न करें।

3. त्योहार के लिए खर्च की सीमा तय करें

पहले से तय करें कि त्योहार पर कितना खर्च करना है और उसी सीमा में रहें। अपनी असली जरूरत के हिसाब से शॉपिंग लिस्ट बनाएं और खर्च को ट्रैक करें। कोशिश यही हो कि त्योहार खत्म होने के बाद कोई कर्ज न बचे।

3. त्योहार के लिए खर्च की सीमा तय करें

4. इमरजेंसी फंड को न छुएं

मेडिकल खर्च, ऑपरेशन या दुर्घटना जैसी अचानक आने वाली जरूरतों के लिए इमरजेंसी फंड जरूरी है। इसे 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर अलग रखें और त्योहार की खरीदारी में इसका इस्तेमाल न करें। जैसे अगर आपका महीने का खर्च 1 लाख रुपये है, तो 3 से 6 लाख रुपये अलग रखें।

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5. खर्च से पहले बचत को ऑटोमैटिक करें

अपनी बचत, म्यूचुअल फंड SIP, FD और दूसरे निवेश को ऑटोमैटिक कर दें, ताकि पैसा अपने आप बैंक खाते से कट जाए। इससे वित्तीय अनुशासन बनता है और रिटायरमेंट के लिए अच्छा फंड जमा होता है। अगर समझ न आए, तो किसी सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। त्योहार की वजह से निवेश को टालें नहीं।

(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। अपनी परिस्थितियों पर विचार करें और निर्णय लेने से पहले एक योग्य फाइनेंशियल एडवायजर से परामर्श लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN