Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- कोरिया के शेयर बाजार में भी इस समय हाहाकार मचा हुआ है
- मंगलवार को कोरिया के शेयर बाजार KOSPI 5% टूट गया
- इसके अलावा SK Hynix और Samsung के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली
दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों की बिकवाली तेज हो गई है। मंगलवार को देश का प्रमुख शेयर सूचकांक KOSPI करीब 5% तक गिर गया। इस गिरावट के पीछे सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में कमजोरी और AI पर कंपनियों के बढ़ते खर्च को लेकर निवेशकों की चिंता अहम वजह मानी जा रही है। AI चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी SK Hynix के शेयर अपने अप्रैल के बाद के सबसे निचले स्तर की ओर बढ़े, जबकि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के शेयरों पर भी दबाव बना रहा। वहीं, डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनी Elice के शेयरों में कारोबार के पहले ही दिन 32% तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि AI सेक्टर में तेजी के बाद अब निवेशक कंपनियों की कमाई, खर्च और भविष्य के मुनाफे का नए सिरे से आकलन कर रहे हैं।
KOSPI में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
दक्षिण कोरिया का बाजार AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों पर काफी हद तक निर्भर है। मई में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और SK Hynix का संयुक्त भार KOSPI इंडेक्स में करीब 44% था। ऐसे में इन दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट का सीधा असर पूरे बाजार पर पड़ रहा है। गिरावट की बड़ी वजह दुनिया भर में AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली है। पिछले सप्ताह दुनिया की 20 बड़ी AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू से 1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक की रकम घट गई। निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि AI के लिए डेटा सेंटर, चिप और कंप्यूटिंग क्षमता पर किया जा रहा भारी खर्च क्या भविष्य में पर्याप्त मुनाफा दे पाएगा।
KOSPI की तेजी को देखें तो साल 2026 में जून के रिकॉर्ड स्तर पर इंडेक्स की बढ़त करीब 116% तक पहुंच गई थी। लेकिन, इसके बाद बिकवाली ने तेजी का बड़ा हिस्सा मिटा दिया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, इंडेक्स अपने 9,386 के शिखर से 40% से ज्यादा नीचे आ चुका है। हालांकि, इतनी बड़ी गिरावट के बाद भी साल के दौरान इसकी बढ़त घटकर करीब 30% रह गई है।
OpenAI की कमाई के आंकड़ों ने भी बढ़ाई चिंता
AI कंपनियों के कारोबार और कमाई को लेकर उठ रहे सवालों ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। रायटर्स (Reuters) की रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI ने पिछले सप्ताह निवेशकों को बताया कि सितंबर में उसकी सालाना आधार पर अनुमानित रेवेन्यू रन रेट (Revenue Run Rate) करीब 50 अरब डॉलर थी। इससे पहले एक अलग कार्यक्रम में कंपनी ने सितंबर के लिए यह आंकड़ा करीब 70 अरब डॉलर के स्तर के पास बताया था।
इन दोनों आंकड़ों के बीच अंतर ने निवेशकों को AI कारोबार की वास्तविक कमाई और भविष्य की संभावनाओं पर अधिक बारीकी से विचार करने के लिए प्रेरित किया है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, यह अंतर मुख्य रूप से प्रतिस्पर्धी कंपनी एनथ्रॉपिक (Anthropic) के आंकड़ों से सीधी तुलना करने की कोशिश से जुड़ा था। इसलिए इन आंकड़ों को सीधे तौर पर OpenAI की कमाई में गिरावट का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
बाजार की चिंता सिर्फ कमाई के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। AI कंपनियां डेटा सेंटर, चिप और अन्य तकनीकी बुनियादी ढांचे पर बड़ी रकम खर्च कर रही हैं। अब निवेशक जानना चाहते हैं कि इस निवेश से कितनी कमाई होगी और कंपनियां अपना खर्च कितनी जल्दी निकाल पाएंगी।
AI कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के दिग्गजों ने भी AI विस्तार की लागत को लेकर चिंता जताई है। Broadcom के CEO Hock Tan के मुताबिक, AI सेक्टर की अगली चुनौती चिप या बिजली की उपलब्धता के बजाय पूंजी जुटाने की लागत हो सकती है। Intel के CEO Lip-Bu Tan ने भी बढ़ती पूंजी लागत और भारी निवेश से पर्याप्त रिटर्न मिलने की जरूरत पर जोर दिया है।
इसका मतलब है कि AI कंपनियों के लिए सिर्फ तकनीक विकसित करना या डेटा सेंटर बनाना ही काफी नहीं होगा। उन्हें यह भी साबित करना होगा कि इस पर खर्च की गई रकम भविष्य में मुनाफे में बदल सकती है। यदि ब्याज दरें और कर्ज लेने की लागत ऊंची रहती हैं, तो बड़े निवेश वाली कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।
क्या AI शेयरों की तेजी अब धीमी पड़ सकती है?
निवेश रणनीतिकार अब AI शेयरों से आगे दूसरे सेक्टरों में भी निवेश फैलाने की सलाह दे रहे हैं। Jefferies की रिपोर्ट में वैश्विक AI शेयरों की कमाई की वृद्धि दर 2026 में करीब 100% से घटकर 2027 में 30% और 2028 में 22% रहने का अनुमान जताया गया है। इसके मुकाबले AI सेक्टर को छोड़कर बाकी वैश्विक शेयरों की कमाई में वृद्धि 2026 में 16% से घटकर 2027 और 2028 में करीब 9% रहने का अनुमान है।
वैल्युएशन के मामले में भी AI शेयर महंगे नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक AI शेयरों का औसत Forward P/E करीब 23 गुना है, जबकि AI सेक्टर को छोड़कर बाकी वैश्विक बाजार का यह आंकड़ा लगभग 13 गुना है। इसका अर्थ है कि निवेशक AI कंपनियों की भविष्य की कमाई को लेकर अधिक उम्मीदें लगाए बैठे हैं। अगर ये कंपनियां उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं देतीं, तो शेयरों पर दबाव और बढ़ सकता है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
दक्षिण कोरिया के बाजार में आई गिरावट यह संकेत देती है कि AI सेक्टर में निवेश को लेकर बाजार का नजरिया बदल रहा है। अब केवल AI से जुड़ा होना किसी कंपनी के शेयर में तेजी की गारंटी नहीं है। निवेशक कंपनियों की कमाई, कर्ज, पूंजी जुटाने की लागत और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
आने वाले समय में AI कंपनियों के तिमाही नतीजे और उनके खर्च से जुड़ी योजनाएं बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। अगर कंपनियां अपने भारी निवेश को मजबूत कमाई में बदलने में सफल रहती हैं, तो भरोसा लौट सकता है। लेकिन यदि खर्च बढ़ता रहा और मुनाफे की रफ्तार धीमी पड़ी, तो ऊंची वैल्युएशन वाले शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निवेशकों के लिए अहम बात यह है कि बाजार में आई तेज गिरावट को अपने आप खरीदारी का मौका नहीं मानना चाहिए। किसी भी AI या सेमीकंडक्टर शेयर में निवेश से पहले कंपनी के नतीजों, वैल्युएशन, कर्ज और जोखिम को समझना जरूरी है।
(डिस्क्लेमर:- यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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