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प्रदर्शनकारियों के मां-बाप भी फंसेंगे, भरना होगा तोड़ फोड़ का जुर्माना; इटली की मेलोनी ने कर ली तैयारी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यूरोप के पांच देशों के सौ से ज्यादा शहरों में सड़कों पर उपद्रव की स्थिति है। फ्रांस, स्पेन जैसे देशों के युवा भी नाराज हैं। इटली की प्रधानमंत्री ने अब एक कानून को मंजूरी दे दी जिसकी खूब चर्चा है।

दुनिया के कई खुशहाल देशों में भी इस वक्त हिंसा फैली हुई है। ब्राजील से लेकर इटली, स्पेन से लेकर अर्जेंटीना, फ्रांस, बेल्जियम, अल्बानिया, सर्बिया और चिली में सड़कों पर उत्पात के हालात हैं। आगजनी और लूटपाट की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। यहां की सरकारें अब इन प्रदर्शनों को काबू करने की मशक्कत कर रही हैं। इस क्रम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बड़ा फैसला लिया है।

जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने हिंसक प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों से निपटने के लिए एक बेहद कड़ा सुरक्षा कानून पास कर दिया है। इस नए अध्यादेश के तहत हिंसक प्रदर्शन करने वालों के लिए कठोर सजा के साथ-साथ नाबालिगों पर पुलिस कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया गया है। साथ ही अगर कोई तोड़फोड़ करता है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके माता-पिता भी फंसेंगे।

तोड़फोड़ क्रांति नहीं, अपराध है- मेलोनी

बता दें कि यह कदम इटली के मिलान शहर सहित कई इलाकों में वीकेंड के दौरान हुई भीषण हिंसा और लूटपाट के बाद उठाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसा में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और उपद्रवियों ने दुकानों में जमकर लूटपाट और आगजनी भी की थी। मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद मेलोनी ने कहा है कि तोड़-फोड़ को क्रांति का नाम नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, “लूटपाट और तोड़फोड़ करने में कोई क्रांतिकारी नहीं है। यह विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आपराधिक कृत्य है। कोई भी हिंसा को विरोध का जरिया बताकर जायज नहीं ठहरा सकता।”

नए कानून में क्या?

इसके तहत किसी प्रदर्शन में 5 या उससे ज्यादा लोगों के समूह में शामिल होकर हिंसा फैलाने पर 5 साल तक की जेल और करीब 22,500 डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं अगर आरोपी ने अपना चेहरा ढका हुआ है तो सजा और ज्यादा सख्त होगी। इसके अलावा अगर कोई नाबालिग सार्वजनिक या निजी संपत्ति जैसे ट्रैफिक लाइट, बस स्टॉप, गाड़ियां, दुकानें या कारें को नुकसान पहुंचाता है, तो प्रशासन और दुकान मालिक सीधे उसके माता-पिता से मुआवजे की भरपाई करवाएंगे। मेलोनी ने कहा- “जिसने तोड़ा है वो भरेगा, और अगर तोड़ने वाला नाबालिग है, तो उसके माता-पिता भरेंगे।”

नाबालिगों पर भी एक्शन

इसके अलावा उपद्रव में शामिल 14 से 17 साल के नाबालिगों को भी हिरासत में लेने के लिए पुलिस के अधिकार बढ़ा दिए गए हैं। साथ ही सरकार ने बाल सुधार गृहों में क्षमता बढ़ाने और नाबालिग अपराधियों के मामलों से निपटने के लिए नए जजों की नियुक्ति का भी फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक यह नया अध्यादेश इटली में तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि इसे 60 दिनों के भीतर इटली की संसद से कानून के रूप में पास कराना जरूरी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN