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ट्रेन में चेन खींचने पर क्या होता है? कितनी देर में रुकती है ट्रेन और कितना लगता है जुर्माना

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Source :- LIVE HINDUSTAN

क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन में इमरजेंसी चेन खींचने पर क्या होता है, ट्रेन कितनी देर में रुकती है और बिना वजह चेन खींचने पर कितना जुर्माना लगता है? चलिए जानते हैं रेलवे से जुड़े जरूरी नियम।

ट्रेन में आपने इमरजेंसी चेन को लटके हुए देखा होगा, जिसे खींचने पर ट्रेन रुक जाती है। किसी खास या इमरजेंसी की स्थिति में ही इस चेन को खींचने का रेलवे की ओर से निर्देश है लेकिन कई बार लोग ऐसे ही इसे खींच देते हैं। आपने देखा होगा कि ट्रेन की चेन खींचने पर फौरन उस जगह रेलवे पुलिस पहुंच जाती है। क्या आप जानते हैं चेन खींचने के कितनी देर बाद ट्रेन रुकती है और बिना किसी खास कारण के ऐसा करने पर कितना जुर्माना लगता है। आइये आपको पूरी जानकारी देते हैं।

ट्रेन में चेन खींचने पर क्या होता है?

जब कोई यात्री ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींचता है, तो उस डिब्बे में लगे आपातकालीन ब्रेक सिस्टम के सक्रिय होने से ट्रेन की स्पीड कम हो सकती है और ट्रेन धीरे-धीरे रुक सकती है। इसके बाद लोको पायलट और रेलवे कर्मचारी स्थिति की जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर ट्रेन में मौजूद रेलवे स्टाफ यह पता लगाने की कोशिश करता है कि चेन क्यों खींची गई है। अगर किसी यात्री ने मेडिकल इमरजेंसी, किसी व्यक्ति के ट्रेन से गिरने की आशंका या दूसरी किसी आपातकालीन स्थिति में चेन खींची है, तो रेलवे कर्मचारी उसके अनुसार कार्रवाई करते हैं। वहीं, बिना किसी खास कारण के चेन खींचने पर यात्री से पूछताछ की जा सकती है और रेलवे कानून के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।

चेन खींचने के कितनी देर बाद रुकती है ट्रेन?

ट्रेन की चेन खींचने के बाद उसके रुकने का कोई एक तय समय नहीं है। ट्रेन कितनी जल्दी रुकेगी, यह उसकी स्पीड, वजन, ब्रेकिंग सिस्टम, ढलान और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करता है। चेन खींचने पर ट्रेन का ब्रेक सिस्टम एक्टिव हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रेन उसी पल रुक जाएगी। ट्रेन को सही से रोकने में कुछ समय और दूरी लग सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर ट्रेन चेन खींचने के ठीक इतने सेकंड बाद रुक जाती है।

ट्रेन की चेन किन परिस्थितियों में खींच सकते हैं?

रेलवे में इमरजेंसी चेन का इस्तेमाल कुछ आपातकालीन परिस्थितियों करने के लिए कहा गया है। किसी यात्री की तबीयत अचानक गंभीर रूप से खराब हो जाए और तत्काल मदद की जरूरत हो। कोई व्यक्ति ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय छूट जाए और उसे गंभीर खतरा हो। किसी यात्री के ट्रेन से गिरने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो जाए। अन्य ऐसी किसी आपात स्थिति जिसमें ट्रेन रोकना जरूरी हो।

बिना वजह ट्रेन की चेन खींचने पर कितना जुर्माना लगता है?

भारतीय रेलवे में बिना उचित कारण के ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींचना दंडनीय अपराध माना जाता है। रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित कारण के ट्रेन में संचार के साधनों में हस्तक्षेप करने या अलार्म चेन का इस्तेमाल करने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। इस अपराध के लिए एक साल तक की कैद, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। पहली बार दोष सिद्ध होने पर कानून में 1 महीने की कैद और 500 रुपये के जुर्माने का प्रावधान भी है। हालांकि, यह सजा अदालत में मामले के तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार तय होती है।

ट्रेन की चेन खींचने पर रेलवे क्या कार्रवाई करता है?

चेन खींचे जाने पर रेलवे कर्मचारी घटना की जांच कर सकते हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि किस डिब्बे में चेन खींची गई और इसके पीछे क्या कारण था। अगर मामला बिना उचित कारण के ट्रेन रोकने का पाया जाता है, तो संबंधित यात्री से पूछताछ की जा सकती है और रेलवे पुलिस या अन्य अधिकारियों की मदद से कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN