Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेस्ले इंडिया को Lactogen Pro 1 पाउडर में मौजूद व्हे प्रोटीन को आसानी से पचने वाला बताने के दावे पर नोटिस जारी किया है
मैगी से लेकर बेबी फूड प्रोडक्ट तक बनाने वाली चर्चित कंपनी नेस्ले इंडिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेस्ले इंडिया को एक बार फिर से नोटिस जारी किया है। यह नोटिस कंपनी के Lactogen Pro 1 पाउडर में मौजूद व्हे प्रोटीन को आसानी से पचने वाला बताने के दावे को लेकर जारी किया गया है।
क्या कहा FSSAI ने?
खाद्य नियामक FSSAI का कहना है कि Lactogen Pro 1 पाउडर की पैकेजिंग या विज्ञापन सामग्री में यह दावा किया गया था कि इसमें मौजूद व्हे प्रोटीन दूध के प्रोटीन का एक हिस्सा है और इसे आसानी से पचाया जा सकता है। अब कंपनी को निर्धारित समय के भीतर इस दावे को प्रमाणित करने वाले वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। नियामक ने बताया कि नेस्ले इंडिया को भेजा गया यह नोटिस खाद्य कारोबार ऑपरेटरों (FBOs) द्वारा किए जा रहे भ्रामक दावों और नियमों के खिलाफ प्रचार के मामलों पर की जा रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। नियामक ने Complan, Nan Excella Pro Stage 1 और शिशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले दूध के विकल्पों समेत कई उत्पादों से जुड़े प्रचार और अनुपालन संबंधी मामलों पर भी कार्रवाई की है। खाद्य नियामक का जोर इस बात पर है कि कंपनियां अपने उत्पादों के बारे में ऐसे दावे न करें, जिनके समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध न हों।
150 से अधिक कंपनियों को नोटिस
इस महीने की शुरुआत में FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रजित पुन्हानी ने ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ को बताया कि नियामक ने हाल के महीनों में 150 से अधिक खाद्य और पेय निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस सामग्री के बारे में भ्रामक दावों से लेकर लेबलिंग नियमों का पालन न करने जैसे मुद्दों पर दिए गए हैं। पुन्हानी ने कहा कि नियामक को उम्मीद है कि बड़ी कंपनियां खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने में एक मिसाल कायम करेंगी और ऐसे दावों से बचेंगी जिनसे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा सके। इसके अलावा, FSSAI ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं को उत्पादों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए नियामक नियमों में बदलाव करने पर भी विचार कर रहा है।
बीते 7 दिन में दूसरी बार है जब FSSAI ने नेस्ले इंडिया को नोटिस दिया है। हाल ही में कुछ खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर भ्रामक दावे करने को लेकर नेस्ले इंडिया के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) को नोटिस जारी किए गए हैं। नियामक ने ‘रेडी-टू-ड्रिंक’ उत्पादों से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर नेस्ले इंडिया, श्रेइबर डायनामिक्स डेयरीज प्राइवेट लिमिटेड और लोटस डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया है।
नेस्ले इंडिया को ई-कॉमर्स मंचों पर श्रेइबर डायनामिक्स डेयरीज और लोटस डेयरी प्रोडक्ट्स द्वारा निर्मित ‘नेस्कैफे इंटेंस कैफे’ कैपुचीनो फ्लेवर, ‘नेस्कैफे चोको मोचा’ और ‘नेस्कैफे चिल्ड लाटे’ का विपणन तथा बिक्री करते पाया गया। नियामक ने कहा कि इन उत्पादों की पैकेजिंग पर परस्पर विरोधी विवरण पाए गए।
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