Home rss business hindi इस बैंक के ग्राहक अब सिर्फ 5000 रुपये निकाल सकेंगे, RBI का...

इस बैंक के ग्राहक अब सिर्फ 5000 रुपये निकाल सकेंगे, RBI का बड़ा एक्शन

2
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • आरबीआई ने वित्तीय स्थिति बिगड़ने के मद्देनजर पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक पर कई अंकुश लगाए हैं
  • ये अंकुश 21 अक्टूबर, 2026 को कारोबार बंद होने के समय से छह महीने तक लागू रहेंगे

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्तीय स्थिति बिगड़ने के मद्देनजर पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक पर कई अंकुश लगाए हैं। इसके तहत खाताधारक अब अपने खाते से अधिकतम 5,000 रुपये ही निकाल सकेंगे। आरबीआई ने बुधवार को बयान में कहा कि ये अंकुश 21 अक्टूबर, 2026 को कारोबार बंद होने के समय से छह महीने तक लागू रहेंगे। हालांकि, इनकी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।

क्या कहा आरबीआई ने?

केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसने हाल के दिनों में पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक के कामकाज में सुधार के लिए उसके निदेशक मंडल और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ बातचीत की थी। इसके बावजूद, बैंक ने निगरानी से जुड़ी चिंताओं को दूर करने और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। इसी कारण बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की संबंधित धाराओं के तहत ये निर्देश जारी करना जरूरी हो गया। इन निर्देशों के तहत बैंक पर लोन और एडवांस देने, निवेश करने, देनदारियां लेने, अपनी संपत्तियों या एसेट्स को ट्रांसफर करने अथवा उनका अन्य तरीके से सैटलमेंट करने पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।

आरबीआई ने कहा कि बैंक की मौजूदा नकदी की स्थिति को देखते हुए उसे निर्देश दिया गया है कि वह बचत खाते, चालू खाते या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते से 5000 रुपये से अधिक की निकासी की अनुमति न दे। हालांकि, निर्धारित शर्तों के अधीन बैंक को जमा राशि के बदले कर्ज का समायोजन करने की अनुमति होगी।

ग्राहकों का क्या होगा?

आरबीआई की कार्रवाई का असर ये होगा कि ग्राहक अब पैसे की सीमित निकासी कर सकेंगे। जमाकर्ताओं का पैसे डूबने का डर नहीं रहेगा क्योंकि पात्र जमाकर्ता, जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से पांच लाख रुपये तक की जमा बीमा राशि पाने के हकदार होंगे।

आरबीआई ने एमपीसी का ब्योरा जारी किया

इस बीच, आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का ब्योरा जारी किया है। इसके मुताबिक महंगाई बढ़ने और कई वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ने के संकेतों के बीच रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने इस महीने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने का सर्वसम्मति से फैसला किया था। तीन दिन चली बैठक में एमपीसी ने करीब चार साल में पहली बार प्रमुख नीतिगत दर रेपो को बढ़ाने का फैसला किया था। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक नीति के रुख को बदलकर चरणबद्ध सख्ती की ओर ले जाना उचित है। आपको बता दें कि आरबीआई ने सात अक्टूबर को हुई तीन दिवसीय एमपीसी बैठक के बाद रेपो दर 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दी थी। गवर्नर समेत समिति के सभी छह सदस्यों ने दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN