Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं। ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता अब तक हुए अन्य समझौतों से काफी अलग तरह का हो सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं। ट्रंप ने वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे समझौता करना चाहते हैं। हम भी करेंगे। हां, हम काफी करीब हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता अब तक हुए अन्य समझौतों से काफी अलग तरह का हो सकता है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पहले वीजा पर रोक और शुल्क लगाने की धमकियों को लेकर तनाव बढ़ा था। रुबियो ने कहा कि शुल्क लगाने का मकसद भारत को सजा देना नहीं है और वीजा प्रतिबंध भी भारत को खास तौर पर निशाना बनाकर नहीं लगाए गए।
रुबियो ने भी समझौते को बहुत करीब बताया
दरअसल, रुबियो ने एक दिन पहले बताया था कि दोनों पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर करने के बहुत करीब हैं और ’99 प्रतिशत’ काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब कुछ छोटी बातें बाकी हैं, जो मुख्य रूप से भाषा और शब्दों के मतलब से जुड़ी हैं। दोनों पक्षों को पूरी तरह सहमत होना जरूरी है, वरना आगे समस्या हो सकती है। रुबियो के मुताबिक, समझौते को अंतिम रूप देने में हफ्ते लग सकते हैं, महीने नहीं।
शुल्क और रूसी तेल का मुद्दा
ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से अमेरिका ने वियतनाम, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते किए हैं। भारत के साथ बातचीत भी फरवरी 2025 में एक रूपरेखा पर सहमति के बाद शुरू हुई थी। उम्मीद थी कि मार्च तक समझौता हो जाएगा, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से बातचीत प्रभावित हुई। इसके साथ ही 50 प्रतिशत शुल्क (जवाबी शुल्क और रूसी तेल खरीदने पर अतिरिक्त शुल्क) लगाए जाने से भी गति धीमी पड़ गई थी। वहीं, भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद कम करने के बाद बातचीत फिर तेज हुई।
भारत का क्या है पक्ष?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि व्यापार वार्ता एक स्थिर स्थिति में पहुंच गई है और आगे छूट देना या मांगें बढ़ाना दोनों पक्षों के लिए बहुत मुश्किल हो गया है, क्योंकि शुल्क को तेजी से हथियार बनाया जा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 14 अक्टूबर को कहा कि दोनों देश मतभेद दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं और एक ‘समझौते के बिंदु’ की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा कि बातचीत सक्रिय रूप से चल रही है और वे समझौते को पूरा करने के बहुत करीब हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मिलकर समझौते की बारीक बातों पर चर्चा की थी।
आगे क्या हो सकता है?
बता दें कि अमेरिका में कुछ हफ्तों बाद मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं और G20 बैठक के लिए प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका जाने की भी संभावना है। ऐसे में समझौते को जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। फिलहाल बातचीत जारी है।
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