Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Yash Highvoltage के शेयर 22 अक्टूबर को मजबूत H1 FY27 नतीजों के बाद 14% तक उछल गए
- कंपनी का रेवेन्यू 95% बढ़कर ₹194.5 करोड़ और नेट प्रॉफिट 165% बढ़कर ₹36.2 करोड़ हो गया
- CIE (Choice Institutional Equities) ने Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,200 से बढ़ाकर ₹1,500 कर दिया है
यश हाईवोल्टेज लिमिटेड (Yash Highvoltage Limited) के शेयरों में गुरुवार, 22 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के मजबूत H1 FY27 नतीजों के बाद शेयर करीब 14% तक उछल गया। पहली छमाही में कंपनी का रेवेन्यू लगभग दोगुना हो गया, जबकि EBITDA और मुनाफे में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस प्रदर्शन के बाद CIE (Choice Institutional Equities) ने शेयर पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,200 से बढ़ाकर ₹1,500 कर दिया है। 21 अक्टूबर के ₹1,149 के बंद भाव के मुकाबले यह करीब 30.6% की संभावित तेजी का संकेत देता है। हालांकि, मजबूत नतीजों के बाद शेयर में आई तेजी के बीच निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि कंपनी की ग्रोथ के पीछे क्या वजहें हैं और आगे किन बातों पर नजर रखनी चाहिए।
H1 FY27 में यश हाईवोल्टेज का प्रदर्शन कैसा रहा?
यश हाईवोल्टेज लिमिटेड (Yash Highvoltage Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया। कंपनी का कॉन्सिलेडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) सालाना आधार पर 95% बढ़कर ₹194.5 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि में यह ₹99.6 करोड़ था। कंपनी की कमाई के साथ मुनाफे में भी तेज सुधार हुआ। EBITDA 136% बढ़कर ₹54.7 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA Margin पिछले साल के 23.3% से बढ़कर 28.1% पर पहुंच गया। यानी कंपनी ने ज्यादा बिक्री के साथ अपनी परिचालन लाभप्रदता में भी सुधार किया।
वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 165% उछलकर ₹36.2 करोड़ हो गया। पिछले साल की पहली छमाही में यह इससे काफी कम था। PAT मार्जिन भी 13.7% से बढ़कर 18.6% पर पहुंच गया। इसके अलावा EPS (Earnings Per Share) ₹4.8 से बढ़कर ₹12.5 हो गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी की ग्रोथ केवल रेवेन्यू तक सीमित नहीं रही, बल्कि मुनाफे पर भी इसका असर पड़ा है।
अमेरिका में कारोबार बढ़ाने पर कंपनी का जोर
यश हाईवोल्टेज लिमिटेड (Yash Highvoltage Limited) अपने कारोबार का विस्तार भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कर रही है। वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने अपनी अमेरिकी सब्सिडियरी Yash HV USA Inc. के जरिए Ensales Electrical Associates Inc. और Gateway Power Sales के साथ प्रतिनिधित्व समझौते किए। इन समझौतों के तहत कंपनी की पहुंच अमेरिका के 22 राज्यों तक बढ़ेगी।
कंपनी ने अमेरिकी बाजार के लिए 138 kV और 230 kV क्षमता वाले OIP Transformer Bushings का Seismic Qualification Test भी पूरा किया है। भूकंप की आशंका वाले क्षेत्रों में बिजली से जुड़े उपकरणों की विश्वसनीयता महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यह उपलब्धि कंपनी के लिए अमेरिकी बाजार में नए अवसर खोल सकती है। इसके अलावा कंपनी ने एक सरकारी PSU (Public Sector Undertaking) को अपना पहला 245 kV Wall-through Transformer Bushing सफलतापूर्वक टेस्ट करके सप्लाई किया। इससे कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और तकनीकी क्षमताओं का विस्तार हुआ है।
Jarod प्लांट से क्या उम्मीदें हैं?
कंपनी गुजरात के Jarod में अपने नए ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसेलिटी (Greenfield Manufacturing Facility) में RIP (Resin-Impregnated Paper) और RIS (Resin-Impregnated Synthetic) Bushings का पूरी तरह से निर्माण शुरू करने की तैयारी में है। मैनेजमेंट के मुताबिक, यह काम वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में शुरू करने की योजना है। नए प्लांट से कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए प्रोडक्ट पेश करने और लागत सुधारने में मदद मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को यह देखना होगा कि प्लांट तय समय पर शुरू होता है या नहीं और नई क्षमता का बिक्री तथा मुनाफे पर कितना असर पड़ता है।
मैनेजिंग डायरेक्टर केयूर शाह (Keyur Shah) के मुताबिक, बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में निवेश, रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) का विस्तार, ग्रिड मॉडर्नाइजेशन (Grid Modernisation) और इलेक्ट्रिफिकेशन (Electrification) से कंपनी के लिए लंबी अवधि में अवसर बन सकते हैं।
ब्रोकरेज ने ₹1,500 का टारगेट क्यों दिया?
Choice Institutional Equities ने Yash Highvoltage के मजबूत नतीजों और आगे की ग्रोथ संभावनाओं को देखते हुए अपना टारगेट प्राइस ₹1,200 से बढ़ाकर ₹1,500 कर दिया है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, पहली छमाही में रेवेन्यू की 95% बढ़ोतरी को घरेलू मांग और वॉल्यूम में करीब 40% की वृद्धि से समर्थन मिला। कंपनी का ऑर्डर बुक करीब ₹760 करोड़ है। ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत ऑर्डर और जारोड प्लांट में उत्पादन बढ़ने से आने वाले सालों में ग्रोथ को सहारा मिल सकता है।
Choice Institutional Equities को वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच कंपनी के रेवेन्यू, EBITDA और एडजेस्टेड PAT में क्रमशः 49%, 62% और 58% की CAGR से बढ़ोतरी की उम्मीद है। ये ब्रोकरेज के अनुमान हैं, कंपनी के तय नतीजे नहीं। ₹1,500 का टारगेट DCF (Discounted Cash Flow) वैल्यूएशन पर आधारित है।
टेक्निकल चार्ट पर कौन-से स्तर अहम हैं?
लाइव मिंट से बातचीत में SAHI के हेड ऑफ रिसर्च गौरव अरोड़ा के अनुसार, यश हाईवोल्टेज (Yash Highvoltage) का शेयर फिलहाल अपट्रेंड (Uptrend) में है। कॉन्सॉलिजेशन (Consolidation) से ब्रेकआउट के बाद शेयर में तेजी जारी रही है और 20-डे EMA (Exponential Moving Average) को टेस्ट करने के बाद इसमें फिर मजबूती दिखाई दी।
अरोड़ा ने ₹1,155 को अहम ट्रेलिंग सपोर्ट और ₹1,400 को इमिडिएट रेजिस्टेंस बताया है। उनके मुताबिक, शेयर अगर सपोर्ट के ऊपर बना रहता है, तो इसमें आगे भी तेजी की संभावना रह सकती है। हालांकि, सपोर्ट टूटने पर तेजी की मौजूदा तकनीकी तस्वीर कमजोर पड़ सकती है। 22 अक्टूबर को शेयर BSE पर ₹1,300 के स्तर पर खुला और इंट्राडे में ₹1,310 तक पहुंचा। कारोबार के दौरान इसका निचला स्तर ₹1,220.10 रहा।
क्या शेयर खरीदना चाहिए?
Yash Highvoltage के मजबूत नतीजे, बढ़ता ऑर्डर बुक, अमेरिकी बाजार में विस्तार और नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। CIE (Choice Institutional Equities) का ₹1,500 का टारगेट भी मौजूदा ग्रोथ संभावनाओं को दर्शाता है। लेकिन निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि शेयर में तेज उछाल के बाद उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। कंपनी की भविष्य की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने ऑर्डर को समय पर पूरा कर पाती है या नहीं, नया प्लांट कब शुरू होता है और अनुमानित मुनाफे की बढ़ोतरी कितनी हद तक हासिल होती है। निवेश से पहले शेयर का मौजूदा भाव, वैल्यूएशन, कंपनी के नतीजे और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता जरूर जांचें। ब्रोकरेज का टारगेट संभावित मूल्यांकन है, मुनाफे की गारंटी नहीं।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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