Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹9.50 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है
- कंपनी ने 28 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है
- सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 6% घटकर ₹324.4 करोड़ रहा
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट (Nippon Life India Asset Management) से जुड़ी अहम खबर है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ ₹9.50 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। खास बात यह है कि कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 6% घटा है, जबकि रेवेन्यू में 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नतीजों के बाद गुरुवार 22 अक्टूबर को कंपनी के शेयर BSE पर 3.14% गिरकर ₹970 पर बंद हुए। इस AMC के शेयर ने पिछले 3 साल में करीब 163% रिटर्न दिया है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट, कंपनी के तिमाही नतीजों और शेयर के प्रदर्शन पर है।
निप्पॉन इंडिया AMC का ₹9.50 डिविडेंड
निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट (Nippon Life India Asset Management) के बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹9.50 के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। यह शेयर की फेस वैल्यू का 95% है। कंपनी ने डिविडेंड के लिए 28 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसी तारीख के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि किन शेयरधारकों को डिविडेंड का भुगतान मिलेगा।
ध्यान रखें कि रिकॉर्ड डेट पर पात्रता के लिए शेयर खरीदने की आखिरी तारीख और शेयरों के सेटलमेंट से जुड़े नियम महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए केवल रिकॉर्ड डेट देखकर उसी दिन शेयर खरीदना पर्याप्त नहीं है। निवेश करने से पहले कंपनी की आधिकारिक सूचना और लागू एक्सचेंज नियमों की पुष्टि कर लें।
मुनाफा 6% घटकर ₹324.4 करोड़
निप्पॉन इंडिया AMC ने सितंबर तिमाही में ₹324.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹344.64 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 6% की गिरावट आई। कंपनी के मुनाफे पर एक असाधारण खर्च का असर पड़ा। स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी के मुताबिक, SEBI सेटलमेंट कार्यवाही से संबंधित ₹96.76 करोड़ का वन-टाइम एक्सेप्शनल आइटम दर्ज किया गया।
इस खर्च के कारण तिमाही के मुनाफे पर दबाव पड़ा। हालांकि, एक तिमाही के नतीजों से कंपनी की लंबी अवधि की कमाई की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती। निवेशकों के लिए यह देखना भी जरूरी होगा कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी का मुनाफा किस दिशा में जाता है।
रेवेन्यू में 21% की बढ़ोतरी
मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी के रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹796 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान अवधि में यह ₹658.1 करोड़ था।
रेवेन्यू और मुनाफे में अलग-अलग दिशा में बदलाव को समझना जरूरी है। कंपनी की कमाई बढ़ी, लेकिन सेटलमेंट से जुड़े एकमुश्त खर्च ने तिमाही के नेट प्रॉफिट को प्रभावित किया। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि रेवेन्यू की ग्रोथ मुनाफे में कितनी मजबूती से बदलती है।
3 साल में 163% रिटर्न
निप्पॉन इंडिया (Nippon India) AMC के शेयर ने पिछले 3 साल में शानदार रिटर्न दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शेयर का प्रदर्शन इस प्रकार रहा है।
| अवधि | शेयर का रिटर्न |
|---|---|
| इस साल अब तक (YTD) | 10.87% |
| 2 साल | 46.76% |
| 3 साल | 163% |
22 अक्टूबर को शेयर BSE पर 3.14% गिरकर ₹970 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹62,084.07 करोड़ रहा। वहीं, पिछले 3 साल में 163% का रिटर्न लंबी अवधि के निवेशकों के लिए उल्लेखनीय है, लेकिन मौजूदा कीमत पर निवेश का फैसला केवल पिछले रिटर्न के आधार पर नहीं करना चाहिए। कंपनी की कमाई, वैल्यूएशन, म्यूचुअल फंड उद्योग की स्थिति और बाजार के जोखिमों को भी देखना जरूरी है।
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
Nippon India AMC के ताजा नतीजों में दो महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। एक तरफ कंपनी के रेवेन्यू में 21% की बढ़ोतरी हुई, तो दूसरी तरफ एकमुश्त सेटलमेंट खर्च के कारण नेट प्रॉफिट 6% घट गया। इसके साथ ही कंपनी ने ₹9.50 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। डिविडेंड पाने की पात्रता के लिए रिकॉर्ड डेट और शेयर सेटलमेंट की समयसीमा पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं, शेयर में गिरावट को अपने आप खरीदारी का मौका मानना भी उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी के आगामी नतीजों, कमाई की गुणवत्ता और मौजूदा वैल्यूएशन का आकलन करना चाहिए।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




