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किम जोंग उन पहुंचे चीन, ट्रंप के दौरे से पहले उत्तर कोरियाई नेता की यात्रा के क्या मायने

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Source :- LIVE HINDUSTAN

दक्षिण कोरियाई सरकार के अधिकारी के मुताबिक, किम जोंग उन यालू नदी पुल के रास्ते दानदोंग पहुंचे। यह उन 2 पुलों में से एक है, जो पिछले महीने खुले हैं और उत्तर कोरिया को उसके अहम व्यापारिक साझेदार चीन और रूस से जोड़ते हैं।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन शनिवार को चीन के सीमावर्ती शहर दानदोंग पहुंचे। सितंबर 2025 के बाद यह उनकी दूसरी चीन यात्रा है। उनकी यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के दौरे पर आने वाले हैं। ट्रंप ने पहले किम जोंग उन के साथ आमने-सामने की बैठक की इच्छा जताई थी, हालांकि हाल में उन्होंने ऐसी मुलाकात की संभावनाओं को लेकर उम्मीदें कम कर दी हैं। किम की चीन यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

दक्षिण कोरियाई सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, किम जोंग उन नए यालू नदी पुल के रास्ते दानदोंग पहुंचे। यह उन 2 प्रमुख पुलों में से एक है, जो पिछले महीने खुले हैं और उत्तर कोरिया को उसके अहम व्यापारिक साझेदार चीन और रूस से जोड़ते हैं। चीन ने उत्तर कोरिया के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। सीनियर चीनी नेता वांग हुनिंग ने नए यालू नदी पुल के खुलने को दोनों देशों के बीच संपर्क और आदान-प्रदान बढ़ाने का अवसर बताया। वांग ने किम जोंग उन से मुलाकात के दौरान उन्हें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से शुभकामनाएं भी दीं। इसके बाद दोनों नेताओं ने कोरियाई युद्ध में लड़ने वाले चीनी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों पर जोर

किम और वांग ने दानदोंग में गाड़ियां बनाने वाले एक कारखाने का दौरा भी किया। वांग ने नए यालू नदी पुल पर किम को विदाई दी। इस यात्रा में आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दिया। किम जोंग उन सितंबर 2025 में बीजिंग में आयोजित एक बड़े सैन्य परेड में शामिल होने पहुंचे थे। इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जून में उत्तर कोरिया का दौरा किया था। चीन और उत्तर कोरिया ऐतिहासिक सहयोगी रहे हैं। हाल के महीनों में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें दोनों देशों की राजधानियों के बीच ट्रेन और विमान सेवाएं फिर से शुरू करना भी शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नए पुलों के खुलने से व्यापार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ने की संभावनाएं भी बनी हैं। ऐसे में किम की दानदोंग यात्रा को सिर्फ अमेरिका के साथ संभावित बातचीत के संदर्भ में देखना पर्याप्त नहीं होगा। दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय संबंध भी इस यात्रा के अहम मुद्दे हो सकते हैं। एक जानकार के मुताबिक, किम जोंग उन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात पर सहमति जताने से पहले शी जिनपिंग के साथ बातचीत कर अपनी रणनीति तय करना चाहते हों, यह संभव है। हालांकि, किम के पास अमेरिका के साथ कूटनीति के अलावा चीन से चर्चा करने के कई दूसरे मुद्दे हैं। आने वाले एक-दो दिनों में यात्रा के एजेंडे को लेकर स्थिति और साफ हो सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN