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Razorpay IPO को SEBI की मंजूरी, ₹6,500 करोड़ जुटाने की तैयारी; कहां होगा फंड का इस्तेमाल?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनी Razorpay को IPO के लिए SEBI से मंजूरी मिल गई है
  • कंपनी IPO के जरिए ₹5,500 करोड़ से ₹6,500 करोड़ तक जुटाने की तैयारी कर रही है और करीब ₹49,000-50,000 करोड़ की वैल्यूएशन का लक्ष्य रख सकती है
  • FY25 में कंपनी का रेवेन्यू 65% बढ़कर ₹3,783 करोड़ पहुंच गया था

Razorpay IPO latest updates: भारत की बड़ी फिनटेक कंपनियों में शामिल Razorpay अब शेयर बाजार में कदम रखने के करीब पहुंच गई है। इस कंपनी को अपने IPO के लिए SEBI से मंजूरी मिल गई है। बेंगलुरु स्थित Razorpay अपने IPO के जरिए करीब ₹5,500 करोड़ से ₹6,500 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी की नजर करीब 5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹49,000-50,000 करोड़ की वैल्यूएशन पर है। इसके साथ ही निवेशकों की नजर इस बात पर टिक गई है कि Razorpay कितनी प्राइस पर बाजार में एंट्री करेगी और कंपनी के IPO में कितना बड़ा मौका होगा? आइए इसको जरा विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।

2021 के मुकाबले कम हो सकती है वैल्यूएशन

रेजरपे (Razorpay) की मौजूदा IPO वैल्यूएशन इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि साल 2021 में कंपनी की वैल्यूएशन करीब 7.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी। उस समय कंपनी ने एक फंडिंग राउंड में 37.5 करोड़ डॉलर जुटाए थे। अब मार्केट में उतरने के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन पहले के मुकाबले कम रहने की संभावना है। हालांकि, IPO का फाइनल साइज और कीमत कंपनी की ओर से पब्लिक डॉक्यूमेंट में स्पष्ट होगी।

जून में गोपनीय तरीके से दाखिल किए थे IPO दस्तावेज

रेजरपे (Razorpay) ने जून 2026 में SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट (Confidential pre-filing route) के जरिए IPO के ड्रॉफ्ट पेपर जमा किए थे। इस व्यवस्था के तहत कंपनियां शुरुआती चरण में अपनी कारोबारी और वित्तीय जानकारियों को पब्लिक किए बिना नियामक के पास दस्तावेज दाखिल कर सकती हैं। IPO के प्रॉसेस के लिए एक्सिस कैपिटल (Axis Capital), कोटक महिंद्रा कैपिटल (Kotak Mahindra Capital), JP मॉर्गन और Citi को बैंकर नियुक्त किया गया है।

IIT के दो दोस्तों ने शुरू की थी कंपनी

रेजरपे (Razorpay) की शुरुआत साल 2014 में IIT Roorkee के पूर्व छात्र हर्षिल माथुर और शशांक कुमार ने की थी। आज कंपनी कारोबारियों को पेमेंट प्रोसेसिंग और बैंकिंग से जुड़े कई डिजिटल समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी के निवेशकों में GIC, Peak XV Partners और टाइगर ग्लोबल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

भारत के तेजी से बढ़ते फिनटेक बाजार में रेजरपे (Razorpay) का मुकाबला PayU, Cashfree Payments, Pine Labs, PhonePe और Paytm जैसी कंपनियों से है। आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार में फिनटेक कंपनियों की मौजूदगी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई बड़ी कंपनियां लिस्टिंग की तैयारी में हैं।

FY25 में रेवेन्यू में 65% की जोरदार बढ़ोतरी

रेजरपे (Razorpay) के कारोबार में तेजी से विस्तार देखने को मिला है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 65% बढ़कर ₹3,783 करोड़ पहुंच गया। इससे पहले वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,296 करोड़ था। कंपनी के पेमेंट गेटवे कारोबार, RazorpayX और अंतरराष्ट्रीय कारोबार ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई। वहीं, कंपनी का ग्रॉस प्रॉफिट बढ़कर ₹1,277 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹906 करोड़ था।

रेवेन्यू बढ़ा, फिर भी ₹1,209 करोड़ का घाटा क्यों?

तेजी से बढ़ते कारोबार के बावजूद Razorpay ने FY25 में ₹1,209 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया। हालांकि, इस घाटे के पीछे कंपनी के डेली बिजनेस से जुड़े खर्च ही नहीं, बल्कि कुछ खास कारण भी रहे। कंपनी को कर्मचारियों के ESOP से जुड़े एकमुश्त खर्च और अपने रिवर्स-फ्लिप प्रॉसेस (reverse-flip process) से जुड़े टैक्स लायबिलिटी का असर झेलना पड़ा। इसलिए निवेशकों के लिए IPO से पहले यह समझना अहम होगा कि कंपनी की भविष्य की कमाई और मुनाफे की दिशा कैसी रहती है।

अमेरिका से भारत लाई गई कंपनी की पैरेंट एंटिटी

Razorpay ने मई 2025 में अपना रिवर्स-फ्लिप प्रॉसेस (reverse-flip process) पूरा किया था। इसके तहत कंपनी की पैरेंट एंटिटी का डोमिसाइल अमेरिका से बदलकर भारत कर दिया गया। इस प्रॉसेस में अमेरिका में रजिस्टर्ड पैरेंट कंपनी का विलय इंडियन यूनिट रेजरपे सॉफ्टवेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Razorpay Software India Pvt Ltd) के साथ किया गया। कंपनी ने भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग की योजना के तहत इस प्रॉसेस की शुरुआत मई 2023 में की थी।

AI पेमेंट्स पर भी है Razorpay की नजर

रेजरपे (Razorpay) सिर्फ मौजूदा डिजिटल पेमेंट कारोबार तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO हर्षिल माथुर पहले कह चुके हैं कि आने वाले सालों में AI खरीदारी और पेमेंट के तरीके को बदल सकती है, जिस तरह UPI ने भारत में डिजिटल पेमेंट की तस्वीर बदल दी। उनका मानना है कि AI बेस्ड पेमेंट सिस्टम को अपनाने में समय लग सकता है, लेकिन अगले 5 सालों में यह ऑनलाइन कॉमर्स का एक अहम तरीका बन सकता है।

निवेशकों के लिए क्यों अहम है Razorpay का IPO?

रेजरपे (Razorpay) का IPO भारतीय फिनटेक सेक्टर के लिए एक बड़ी घटना हो सकता है। कंपनी के पास तेजी से बढ़ता रेवेन्यू, मजबूत ब्रांड और डिजिटल पेमेंट बाजार में बड़ी मौजूदगी है। दूसरी ओर निवेशकों की नजर कंपनी की वैल्यूएशन, घाटे से उबरने की रणनीति और भविष्य की मुनाफे की क्षमता पर भी रहेगी।

IPO के पब्लिक होने पर ऑफर की कीमत, शेयरों की संख्या और अन्य वित्तीय जानकारी सामने आएगी। इसके बाद ही निवेशकों को कंपनी के IPO में निवेश के जोखिम और संभावित अवसर को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा। Razorpay की SEBI मंजूरी ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि भारत का फिनटेक सेक्टर अब शेयर बाजार में एक नए बड़े खिलाड़ी का स्वागत करने के लिए तैयार हो रहा है।

(डिस्क्लेमर: ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों का प्रीमियम लगातार बदलता रहता है, इसलिए किसी भी आईपीओ पर दांव लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और उसके कारोबार की पूरी जानकारी जरूर कर लें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN