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Videocon के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल धूत दिवालिया घोषित, NCLT का बड़ा आदेश

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रमोटर और निदेशक वेणुगोपाल नंदलाल धूत को NCLT ने दिवालिया घोषित कर दिया है
  • धूत का व्यक्तिगत दिवाला समाधान प्रक्रिया और कर्ज चुकाने का प्रस्ताव विफल होने के बाद ट्रिब्यूनल ने यह फैसला सुनाया

संकट में फंसी कंपनी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रमोटर और निदेशक वेणुगोपाल नंदलाल धूत को दिवालिया घोषित कर दिया गया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की याचिका पर यह आदेश दिया। ट्रिब्यूनल के ज्यूडिशियल मेंबर विनय गोयल और टेक्निकल मेंबर चरणजीत सिंह गुलाटी ने यह फैसला इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत सुनाया है। इसके साथ ही NCLT ने आशीष नारायण को बैंकरप्सी ट्रस्टी नियुक्त किया है। अब धूत की संपत्ति का नियंत्रण दिवालिया ट्रस्टी के पास चला जाएगा। ट्रस्टी इस संपत्ति का प्रबंधन करेगा और IBC के प्रावधानों के तहत कर्जदाताओं के बीच इसका वितरण करेगा। बता दें कि धूत पर बैंकों का करीब 12,668 करोड़ रुपये बकाया है।

व्यक्तिगत गारंटर बने थे धूत

SBI ने धूत के खिलाफ व्यक्तिगत गारंटर के तौर पर दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। धूत ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज को दिए गए अलग-अलग कर्जों के लिए व्यक्तिगत गारंटी दी थी। इनमें रुपये में दिए गए टर्म लोन, वीडियोकॉन टेलीकॉम्युनिकेशंस लिमिटेड (VTL) से जुड़े कर्ज और वर्किंग कैपिटल सुविधाएं शामिल थीं।

बैंकों ने फरवरी 2018 में इन व्यक्तिगत गारंटियों को लागू करते हुए भुगतान की मांग की थी। उस समय टर्म लोन के तहत 3,171.37 करोड़ रुपये, VTL से जुड़ी सुविधाओं के तहत 676.91 करोड़ रुपये और वर्किंग कैपिटल के तहत 795.57 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इन रकमों के अलावा ब्याज और अन्य देनदारियां भी शामिल थीं। SBI के मुताबिक, ब्याज और जुर्माने समेत 30 सितंबर 2026 तक धूत पर कुल डिफॉल्ट करीब 12,668.06 करोड़ रुपये पहुंच गया था।

धूत पर कैसे कसा शिकंजा?

NCLT के आदेश में बताया गया है कि धूत की पर्सनल इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस अप्रैल 2026 में शुरू हुई थी। हालांकि, कर्जदाताओं ने उनके द्वारा पेश की गई कर्ज चुकाने की योजना को मंजूरी नहीं दी। दरअसल, धूत ने सिलीगुड़ी में एक प्रस्तावित विकास परियोजना से जुड़ा कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें 36 महीनों की अवधि में 600 करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी। यह प्रस्ताव भविष्य के विकास, मंजूरियों और कैश फ्लो पर निर्भर था और इसमें किसी भी तरह के अग्रिम भुगतान का प्रावधान नहीं था। इसके बाद कर्जदाताओं ने पर्सनल इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस को बंद करने और बैंकरप्सी (दिवालियापन) की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया।

बता दें कि वीडियोकॉन को जून 2018 में कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) में शामिल किया गया था। बाद में समूह की अन्य कंपनियों की दिवाला प्रक्रिया के साथ इसे भी जोड़ा गया। जून 2021 में ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की ओर से पेश समाधान योजना को NCLT ने मंजूरी दी थी। अब कंपनी के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल धूत को व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े कर्ज के मामले में दिवालिया घोषित किया गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN