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Yes Bank के शेयरों में जबरदस्त उछाल, 3 दिन में 14% चढ़ा स्टॉक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • शेयर बाजार में शुक्रवार, 6 नवंबर को यस बैंक के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली
  • बैंक का शेयर करीब 6% उछलकर 17.26 रुपये पर बंद हुआ
  • बता दें कि पिछले तीन कारोबारी सेशन से लगातार शेयर में तेजी बनी हुई है
  • इस तेजी के साथ ही एक हफ्ते में यस बैंक के शेयर करीब 14% चढ़ चुके हैं

Yes Bank share Price: शेयर बाजार में शुक्रवार, 6 नवंबर को यस बैंक के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। बैंक का शेयर करीब 6% उछलकर 17.26 रुपये पर बंद हुआ। बता दें कि पिछले तीन कारोबारी सेशन से लगातार शेयर में तेजी बनी हुई है। इस तेजी के साथ ही एक हफ्ते में यस बैंक के शेयर करीब 14% चढ़ चुके हैं। इससे पहले बैंक के शेयर लगातार 7 हफ्तों तक गिरावट में रहे थे। ऐसे में हालिया तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। हालांकि, शेयर में तेजी के पीछे फिलहाल कोई बड़ा नया फंडामेंटल कारण सामने नहीं आया है।

जमकर हुई शेयरों में खरीदारी

शुक्रवार को यस बैंक के शेयरों में जमकर खरीदारी हुई। BSE और NSE को मिलाकर करीब 51.4 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ। Trendlyne के आंकड़ों के मुताबिक, यह शेयर के साप्ताहिक औसत वॉल्यूम से करीब 3.78 गुना ज्यादा है। भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम को शेयर में तेजी की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। यह बैंक के शेयरों में अक्टूबर के दौरान भारी बिकवाली देखने को मिली थी। इस दौरान स्टॉक करीब 28% तक गिर गया था।

इसकी बड़ी वजह सुप्रीम कोर्ट का AT-1 बॉन्ड से जुड़ा फैसला था। दरअसल, मार्च 2020 में यस बैंक के रेस्क्यू प्लान के तहत करीब ₹8,415 करोड़ के AT-1 बॉन्ड को राइट ऑफ कर दिया गया था। यानी इन बॉन्ड में निवेश करने वालों की रकम खत्म कर दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ बॉन्डधारकों ने कानूनी लड़ाई लड़ी थी। 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने यस बैंक, RBI और केंद्र सरकार की अपील खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 20 जनवरी 2023 को अपने फैसले में AT-1 बॉन्ड को राइट ऑफ करने के फैसले को गलत ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उन निवेशकों को राहत मिली, जिनकी रकम साल 2020 में इन बॉन्ड के राइट ऑफ होने से डूब गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बैंक की पूंजी पर असर?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यस बैंक की वित्तीय स्थिति और पूंजी पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठने लगे थे। फैसले के अगले दिन बैंक ने बताया था कि उसका कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET1) कैपिटल रेशियो करीब 250 बेसिस पॉइंट यानी 2.5 प्रतिशत अंक तक घट सकता है। हालांकि, बैंक के मुताबिक प्रोफॉर्मा आधार पर उसका कुल Tier-1 कैपिटल रेशियो करीब 14% पर बना रह सकता है। इसका मतलब है कि AT-1 बॉन्ड से जुड़ा मामला बैंक की पूंजी पर असर डाल सकता है, लेकिन बैंक का कुल Tier-1 कैपिटल रेशियो फिलहाल 14% रहने का अनुमान है।

AT-1 बॉन्ड के ब्याज भुगतान पर अब भी फंसा पेंच

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी AT-1 बॉन्ड में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ा सवाल बना हुआ है। यह सवाल है कि उन्हें बॉन्ड पर बकाया ब्याज यानी कूपन पेमेंट कब मिलेगा? रॉयटर्स की पिछले हफ्ते की रिपोर्ट के मुताबिक, यस बैंक इस साल देय AT-1 बॉन्ड का ब्याज चुकाने की संभावना नहीं रखता है। रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से यह बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका दाखिल करने की तैयारी भी कर रहा है। वहीं, बॉन्ड में पैसा लगाने वाले निवेशक साल 2020 से बकाया ब्याज भुगतान की मांग कर रहे हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN