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स्मोकिंग करने वालों के होंठ क्यों हो जाते हैं काले? डॉक्टर से जानें वजह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

क्या आपने गौर किया है कि स्मोकिंग करने वाले लोगों के होंठ धीरे-धीरे काले पड़ने लगते हैं? इसके पीछे सिर्फ निकोटिन नहीं, बल्कि शरीर में होने वाले कुछ बदलाव भी जिम्मेदार हैं। जानिए डॉक्टर से इसकी वजह।

सिगरेट पीने का असर सिर्फ लंग्स और दिल पर ही नहीं पड़ता, बल्कि इसका असर चेहरे और होंठों पर भी दिखने लगता है। कई लोगों के होंठ धीरे-धीरे गुलाबी रंग से डार्क ब्राउन या काले दिखने लगते हैं। कुछ लोगों को होंठों पर सूखापन, झुर्रियां और पपड़ी जमने जैसी परेशानी भी होने लगती है। आखिर सिगरेट पीने से होंठों का रंग क्यों बदलता है? क्या इसकी वजह निकोटिन है या सिगरेट के धुएं में मौजूद दूसरे हानिकारक पदार्थ भी इसके लिए जिम्मेदार हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. चांदनी जैन गुप्ता से समझते हैं कि स्मोकिंग किस तरह होंठों के नेचुरल रंग को प्रभावित करती है।

स्मोकिंग करने से होंठ काले क्यों पड़ते हैं?

डॉ. चांदनी जैन गुप्ता (एमबीबीएस और एमडी, डर्मेटोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक फिजिशियन, अटलांटिस हेल्थकेयर, नई दिल्ली) के अनुसार, स्मोकिंग की वजह से होंठों का रंग गहरा पड़ने की एक बड़ी वजह मेलेनिन का ज्यादा बनना है। मेलेनिन एक नेचुरल पिगमेंट है, जो हमारी स्किन, बालों और होंठों को रंग देता है।

  • जब कोई व्यक्ति लगातार सिगरेट पीता है, तो उसके धुएं में मौजूद हानिकारक केमिकल स्किन और होंठों के टिश्यू को प्रभावित करते हैं। इससे कुछ लोगों में मेलेनिन का प्रोडक्शन बढ़ सकता है। इस परेशानी को मेडिकल भाषा में ‘स्मोकर्स मेलानोसिस’ कहते हैं। इसमें होंठों पर गहरे भूरे या ग्रे रंग के पैच दिखने लगते हैं।

निकोटिन और सिगरेट का धुआं भी है जिम्मेदार

सिगरेट में मौजूद निकोटिन और दूसरे केमिकल्स होंठों के नाजुक टिश्यू पर असर डालते हैं। बार-बार धुएं के संपर्क में आने और सिगरेट जलने से निकलने वाली गर्मी के कारण होंठों में इरिटेशन हो सकती है। इससे होंठ ड्राई होने लगते हैं और उनका नेचुरल रंग भी प्रभावित हो सकता है।

स्मोकिंग से होंठों पर झुर्रियां क्यों आती हैं?

लगातार सिगरेट पीने से शरीर को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसका असर स्किन पर भी पड़ता है। इसके अलावा, स्मोकिंग से स्किन को मुलायम और टाइट रखने वाले कोलेजन और इलास्टिन नाम के प्रोटीन को नुकसान पहुंचता है। इनकी कमी से होंठों के आसपास छोटी-छोटी झुर्रियां दिखने लगती हैं। होंठ भी रूखे और बेजान नजर आने लगते हैं।

क्या दोबारा गुलाबी हो सकते हैं होंठ?

  • अगर स्मोकिंग की वजह से होंठों का रंग काला पड़ गया है, तो सबसे जरूरी है सिगरेट पीना छोड़ना। यही इस परेशानी को बढ़ने से रोकने का सबसे असरदार तरीका है। स्मोकिंग छोड़ने से होंठों में होने वाली इरिटेशन और पिगमेंटेशन धीरे-धीरे कम हो सकती है।
  • हालांकि, होंठों का पुराना रंग कितने समय में वापस आएगा, यह हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। कुछ लोगों में रंग में सुधार दिखता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि होंठ पूरी तरह पहले जैसे हो जाएं।

होंठों की हेल्थ के लिए अपनाएं ये टिप्स

  1. लिप बाम लगाएं: होंठों को ड्राई होने से बचाने के लिए ऐसा लिप बाम चुनें, जिसमें पेट्रोलियम जेली, शीया बटर या सेरामाइड्स हों। ये होंठों को मॉइस्चराइज रखने में मदद करते हैं।
  2. धूप से बचाएं: धूप में निकलते समय एसपीएफ वाला लिप बाम लगाएं। सूरज की यूवी किरणें भी होंठों के रंग को गहरा कर सकती हैं।
  3. पानी पीते रहें: दिनभर पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है। इससे होंठों का सूखापन कम करने में मदद मिल सकती है।
  4. डाइट का ध्यान रखें: खाने में विटामिन सी, विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल और सब्जियां शामिल करें। संतुलित डाइट स्किन की हेल्थ के लिए अच्छी रहती है।
  5. डॉक्टर से सलाह लें: स्मोकिंग छोड़ने और सही देखभाल के बाद भी होंठों का रंग ठीक नहीं हो रहा है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें। अगर मुंह में कोई पैच, घाव या ऐसा निशान दिखे जो ठीक नहीं हो रहा, तो उसे इग्नोर न करें।

क्या सिर्फ लिप बाम लगाने से ठीक हो जाएंगे काले होंठ?

नहीं, अगर होंठों का रंग स्मोकिंग की वजह से बदला है, तो सिर्फ लिप बाम लगाने से पिगमेंटेशन पूरी तरह खत्म नहीं होगा। लिप बाम होंठों को नमी देने और ड्राईनेस कम करने में मदद करता है, लेकिन इसके लिए स्मोकिंग छोड़ना सबसे जरूरी है। इसके साथ धूप से बचाव और सही स्किन केयर भी जरूरी है।

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