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Rajat Sharma’s Blog: क्या ट्रंप की हार भारतीय उद्योग जगत के लिए खुशखबरी है?

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Source :- INDIATV NEWS

धनतेरस देश की अर्थव्यस्था के लिए शुभ रहा। अमेरिका, चीन और जापान के शेयर बाज़ार बुरी तरह धराशायी हुए, लेकिन हमारा शेयर मार्केट बम-बम रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में रिकॉर्ड तेजी रही। एक ही दिन में निवेशकों ने एक लाख करोड़ रु. से ज्यादा कमा लिए।

अमेरिका की बड़ी-बड़ी AI कंपनियों के शेयर जमीन पर औंधे मुंह गिरे लेकिन हमारी IT कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी रही। विदेशी निवेशकों ने हमारे शेयर बाज़ारों में पैसे पंप किए। हमारा रुपया मजबूत हुआ। एक डॉलर की कीमत अब 94 रु. है। कच्चे तेल के दाम भी अन्तरराष्ट्रीय बाज़ार में गिरे।

दुनिया के सबसे अमीर आदमी Elon Musk की net worth एक झटके में 40 अरब डॉलर  कम हो गई। ये झटका ये समझने के लिए काफी है कि ट्रंप का समर्थन करने वालों का स्टॉक मार्केट में क्या हश्र हुआ। AI कंपनियों का crash होना ये दिखाता है कि अमेरिका में शेयर मार्केट का हाल किस कदर खराब हुआ। लेकिन यूरोप में इतना नुकसान नहीं हुआ। स्टॉक मार्केट थोड़ा बहुत उठा। शेयर बाजार के डीलर्स ने कहा कि अब अमेरिका में मनमाना टैरिफ लगाने का ज़माना गया। ये यूरोप के लिए सकारात्मक बात है।

असली फायदा भारत के शेयर मार्केट में दिखाई दिया क्योंकि अब अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत का upper hand रहेगा। ट्रंप ने टैरिफ की जो तलवार लटकाई थी, वो हट जाएगी। तेल की कीमतें कम हुई हैं, डॉलर में गिरावट आई, इन सब बातों का मतलब है, सितारे भारतीय बाजार के पक्ष में हैं। ट्रंप की हार भारत के स्टॉक मार्केट में invest करने वालों के लिए खुशखबरी लेकर आई। इस बार दिवाली पर बाजार में खूब धमाके होंगे जिसकी गूंज दूर तक सुनाई देगी।

क्या बिहार पुलिस जाति के आधार पर एनकाउंटर कर रही है?

बिहार पुलिस ने मनेर में तीन अपराधियों, जे पी यादव, बबलू यादव और राजा शर्मा को एनकाउंटर में मार गिराया। तीनों हत्या के केस में वांटेड थे।  लेकिन इस एनकाउंटर के बाद बिहार की सियासत गरमा गई। जमकर हंगामा हुआ, पुलिस के साथ बदसलूकी की गई।

लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार यादवों के साथ दुश्मनों जैसा सलूक कर रही है, आम लोगों को अपराधी बताकर फर्जी एनकाउंटर में मारा जा रहा है।

आमतौर पर एनकाउंटर के मामलों में देखा गया है कि पुलिस अपराधी को गिरफ्तार कर लेती है, जब तफ्तीश के लिए उसे मौके पर ले जा रही होती है, तो गाड़ी पलट जाती है, अपराधी पुलिस पर हमला करने की कोशिश करते हैं और मारे जाते हैं। इसलिए शक पैदा होता है।

लेकिन बिहार में जिन अपराधियों का एनकाउंटर किया गया, वे छिपे हुए थे, उन्होंने पुलिस पर गोली चलाई और cross firing में मारे गए।  पुलिस के मुताबिक वे तीनों पक्के अपराधी थे। इसका पूरा रिकॉर्ड भी मौजूद है लेकिन तो भी इस मामले में राजनीति आ गई, जाति का जिक्र आ गया। क्या पुलिस को छिपे हुए अपराधियों को पकड़ने से पहले उनकी जाति पूछनी चाहिए? क्या गोली चलाने से पहले अपराधी से उसका I-card मांगना चाहिए? अपराधियों को लेकर ऐसी सोच दुर्भाग्यपूर्ण है।

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 06 नवंबर, 2026 का पूरा एपिसोड

SOURCE : INDIATV NEWS