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Amarnath Yatra 2026 पर जा रहे तो ऑफलाइन-ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ जानें यात्रा के लिए कौन सा रास्ता चुनें?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है और पहला श्रद्धालुओं का जत्था भी रवाना हो चुका है। काफी सारे लोग बाबा बर्फानी के दर्शन जाने का प्लान बना रहे होंगे ऐसे में उनके लिए रजिस्ट्रेशन और रूट के बारे में जानना जरूरी है।

अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। हर साल आषाढ़ या सावन महीने से यात्रा शुरू होती है और सावन की पूर्णिमा को पूरी होती है। लेकिन मौसम के हिसाब से ये कुछ दिन बढ़ या घट जाती है। भोले बाबा के भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचना शुरू कर देते हैं। यात्रा का शुभारंभ 3 जुलाई से हो रहा है। ऐसे में कुछ जरूरी नियमों की जानकारी का रखना जरूरी है। जिससे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। चूंकि ये यात्रा दुर्गम मार्गों और कश्मीर के पहाड़ों से होकर गुजरती है इसलिए यात्रा के दौरान जरूरी कागजात, परमिशन, रजिस्ट्रेशन और हेल्थ से जुड़ी जानकारी का सर्टिफिकेट रखना जरूरी होता है।

यात्रा के दौरान जरूरी कागज

अमरनाथ यात्रा के दौरान कुछ कागजों को साथ रखना जरूरी है। जिसमे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ ही

मूल फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी

हेल्थ सर्टिफिकेट शामिल है। वहीं अगर आप तत्काल रजिस्ट्रेशन करवा रहे तो भी इन आईडी को वहां पर दिखाना होगा।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आपको श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
  • एक मोबाइल नंबर से 4 श्रद्धालु रजिस्टर्ड हो सकते हैं।
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 3 जुलाई से लेकर 12 अगस्त तक होंगे।
  • ऑनलाइन प्रोसेस में भी आपको ऑथराइज्ड डॉक्टर या अस्पताल से इशू हेल्थ सर्टिफिकेट देना होगा।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन

  • वहीं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन अमरनाथ यात्रा शुरू करने के पहले ही करानी होगी। ये रजिस्ट्रेशन जम्मू में बनाए गए कई रजिस्ट्रेशन सेंटर पर होगा। जैसे कि तवी रिवर फ्रंट के पास बना सेंटर श्रद्धालुओं के लिए आसान पड़ेगा।
  • वहीं देशभर की 500 बैंक ब्रांच में भी ये रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक की ब्रांच शामिल हैं।

अमरनाथ यात्रा के लिए कौन सा रास्ता होगा सही?

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से शुरू होगी, जो पूरे 28 अगस्त तक चलेगी। इस बार ये यात्रा पूरे 57 दिन तक होगी। इस दौरान सरकार की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए पूरी सुविधा और सुरक्षा का इंतजाम किया जाता है। काफी सारे लोगों के मन में सवाल रहता है कि यात्रा का रूट क्या होता है तो बता दें कि अमरनाथ यात्रा के लिए 2 रूट हैं।

पहला है ट्रेडिशनल पहलगाम रूट, जिसमे श्रद्धालुओं को जम्मू, पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए अमरनाथ गुफा तक पहुंचना होता है। ये रास्ता काफी लंबा और इस रास्ते पर कई स्टॉपेज मिलेंगे। पूरे 32 किमी लंबे इस ट्रैक पर सुविधाएं पूरी है। पहलगाम के पास नूनवान जगह पर इसका बेस कैंप है। श्रीनगर से 90 किमी दूर अनंतनाग जिला है।

वहीं दूसरा रूट है बालटाल, जिसमे श्रद्धालुओं को जम्मू, बालटाल, डोमेल और बरारी होते हुए अमरनाथ गुफा तक पहुंचना होता है। ये रास्ता दूरी में तो छोटा है लेकिन इस रास्ते की चढ़ाई काफी कठिन और सीधी है। इसकी दूरी मात्र 14 किमी है। यहां पर बेस कैंप बालटाल है जो सोनमर्ग के पास है, श्रीनगर से 95 किमी दूर गांदेरबल जिला।

यात्रा के इन 2 मार्गों में से आप अपनी फिटनेस और क्षमता के अनुसार रूट चुन सकते हैं। पहला ट्रेडिशनल रूट लंबा लेकिन आसान होगा वहीं दूसरा रूट छोटा लेकिन कठिन चढ़ाई वाला है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN