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Bank Strike: पूरे देश में इन बैंकों की ब्रांच में नहीं होगा काम? शुक्रवार 11 सितंबर को होगी बैंक हड़ताल!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Bank Strike: शुक्रवार 11 सितंबर को बैंक कर्मचारी हड़ताल करने वाले हैं। दरअसल, बैंकों में 5 दिन वर्किंग लागू करने की मांग को लेकर बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ है। दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच 4 सितंबर को हुई बैठक में प्रमुख मांगों पर कोई सहमति नहीं बन सकी है। यही कारण है कि 11 सितंबर को बैंक कर्मचारी हड़ताल करने वाली है। यानी शुक्रवार को पब्लिक सेक्टर बैंकों के कामकज पर असर पड़ सकता है। बैंक हड़ताल का असर सरकारी बैंकों पर ही ज्यादा नजर आएगा। प्राइवेट बैंकों की ब्रांच पर कामकाज सामान्य तरीके से होगा।

इन बैंकों के कामकाज पर पड़ेगा असर?

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन की 4 सितंबर की मीटिंग में बैंक ऑफ इंडिया (BOI), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूनियन बैंक (UB), इंडियन बैंक (Indian Bank), बैंक ऑफ बड़ौदा (BON), सेंट्रल बैंक और केनरा बैंक के प्रतिनिधियों ने 4 सितंबर को हुई बैठक में भाग लिया। ऐसी उम्मीद है कि इन सरकारी बैंकों की ब्रांच के रोजाना के कामकाज पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इन बैंकों की तरफ से हड़ताल होने या असर को लेकर कुछ नहीं कहा गया है। बैंक हड़ताल का असर सिर्फ सरकारी बैंकों की ब्रांच के कामकाज पर ही पड़ेगा। प्राइवेट बैंकों की ब्रांच पर हड़ताल का असर नहीं होगा।

बैंक एसोसिएशन ने क्या कहा?

यूएफबीयू ने साफ किया है कि वह 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल को फिलहाल स्थगित नहीं करेगा। यूएफबीयू ने बैठक के बाद कहा कि बैंकों में 5 दिन वर्किंग, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और अन्य पेंडिंग मुद्दों पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है। ऐसे में हड़ताल का फैसला वापस लेने या टालने का कोई आधार नहीं है।

बैंकों में 5 दिन वर्किंग की मांग क्यों?

बैंक यूनियनों की 5-डे वर्किंग की मांग 8 मार्च 2024 को आईबीए और बैंक यूनियनों के बीच हुए समझौते और ज्वाइंट नोट से जुड़ी है। प्रस्ताव के तहत दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा बाकी शनिवार को भी बैंक कर्मचारियों के लिए छुट्टी देने की बात है। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी की जानी है, ताकि ग्राहकों के लिए बैंकिंग बिजनेस के घंटों में कमी न आए। यूनियनों का कहना है कि इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजे काफी समय हो चुका है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।

पीएलआई पर भी विवाद?

बैंक यूनियनों और सरकार के बीच परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI को लेकर भी मतभेद है। यूएफबीयू का आरोप है कि सीनियर अधिकारियों के लिए प्रस्तावित PLI ढांचा कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भेदभाव करता है। यूनियनों के मुताबिक स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए पीएलआई 365 दिनों तक के बेसिक पे और महंगाई भत्ते (DAs) के बराबर हो सकता है, जबकि स्केल III तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिन का पीएलआई तय किया गया है। यूएफबीयू चाहता है कि इस सिस्टम को फिलहाल रोका जाए और यूनियनों के साथ द्विपक्षीय बातचीत के बाद फैसला लिया जाए।

कब-कब होगी बैंक हड़ताल?

यूएफबीयू के मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक

11 सितंबर 2026: एक दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल

28 से 30 सितंबर 2026: तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल

26 अक्टूबर 2026 से: अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल

अगर इससे पहले यूनियनों, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और सरकार के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तो 11 सितंबर की हड़ताल आगे बढ़ सकती है। हड़ताल के दौरान बैंक ब्रांच के कामकाज पर असर पड़ सकता है क्योंकि तक काफी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। हालांकि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सर्विस मिलेंगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN