आदित्य ठाकरे ने नई CBI FIR के जवाब में कड़ा खंडन जारी किया है, जिसमें उन्हें सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की 2020 में हुई मौत से जोड़ा गया है। 16 सितंबर, 2026 को जारी एक बयान में शिवसेना (UBT) नेता ने आरोपों को “चरित्र हत्या का प्रयास” बताया और कहा कि वह सालियान से कभी मिले या उन्हें जानते तक नहीं थे।
## राजनीतिक मकसद का आरोप लगाते हुए खंडन
ठाकरे ने अज्ञात पक्षों पर “निहित स्वार्थों द्वारा चलाए जा रहे लगातार बदनाम करने के अभियान” को संचालित करने का आरोप लगाया और कहा कि इस मामले को बिना किसी ठोस सबूत के फिर से उठाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक और व्यक्तिगत एजेंडे के जरिए उनका नाम ऐसी दुखद घटना से जोड़ना—जो लगभग छह वर्षों से जारी है—अन्यायपूर्ण और निराधार है।
उन्होंने जनता से “शोर को दरकिनार कर तथ्यों पर बात करने” की अपील की और अपना बयान दोहराया: “तेज आवाज वाली टीवी बहसें और मीडिया ट्रायल तथ्यों को नहीं बदलते। आधिकारिक पुनः जांच को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुर्भावनापूर्ण भटकाव और चरित्र हत्या के बिना आगे बढ़ने दें।” उन्होंने यह भी कहा, “हम हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे और उसके लिए लड़ेंगे।”
## FIR में क्या आरोप लगाए गए हैं
नई FIR दिशा के पिता, सतीश सालियान, द्वारा 2 सितंबर, 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले के बाद दर्ज कराई गई, जिसमें उनकी मौत की CBI जांच का निर्देश दिया गया था। शिकायत में सालियान ने आरोप लगाया है कि दिशा के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उनकी हत्या कर दी गई, तथा अधिकारियों ने अपराध को छिपाया।
FIR में आदित्य ठाकरे, उनके पिता उद्धव ठाकरे (महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री) और कई अन्य प्रमुख लोगों के नाम शामिल हैं—जिनमें राजनेता, पुलिस अधिकारी और बॉलीवुड हस्तियां शामिल हैं। शिकायत में इन लोगों पर मौत की साजिश रचने, दस्तावेज दबाने, रिकॉर्ड गढ़ने और इसमें शामिल लोगों को बचाने के लिए सार्वजनिक धन और पुलिस बलों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि FIR में नाम शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित कर दिया गया है।
## समयरेखा: मौत से जांच तक
– **9 जून, 2020**: दिशा सालियान रात लगभग 2:25 बजे मलाड की एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिर गईं। उन्होंने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ कुछ समय तक काम किया था।
– उनकी मौत के बाद, मालवणी पुलिस ने इसे दुर्घटनावश गिरने का मामला बताया और बाद में इसे आत्महत्या करार दिया तथा किसी साजिश की संभावना को खारिज कर दिया।
– **दिसंबर 2023**: एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया, जिसने भी किसी साजिश का कोई सबूत नहीं पाया।
– **2 सितंबर, 2026**: बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया।
– **13 सितंबर, 2026**: सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर CBI ने नई FIR दर्ज की।
## मामले पर ठाकरे का रुख
आदित्य ठाकरे ने जोर देकर कहा कि FIR के बावजूद उनके बारे में सार्वजनिक रूप से किए जा रहे सभी नामोल्लेख बिना सबूत के हैं। उन्होंने चिंता जताई कि राजनीतिक पक्ष और मीडिया मंच मामले की जांच के नाम पर निराधार दावे कर रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि ऐसी अटकलें सच्चाई और पारदर्शिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रभावित नहीं करेंगी।
उनकी मुख्य अपील है कि जांच बिना अनुचित प्रभाव और झूठे आरोपों के निष्पक्ष रूप से आगे बढ़े—ताकि निष्कर्ष कथाओं के आधार पर नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर निकाले जा सकें।
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