Home LIFESTYLE NEWS HINDI CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह कौन हैं? जानें उनकी पढ़ाई, करियर...

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह कौन हैं? जानें उनकी पढ़ाई, करियर और निजी जिंदगी

8
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह छात्र आंदोलनों और कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में हैं। जानिए उनकी पढ़ाई, पत्रकारिता से वकालत तक का सफर और पार्टी में उनकी भूमिका।

आजकल कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का नाम छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुनने को मिल रहा है। इस पार्टी से जुड़े कई चेहरे युवाओं के मुद्दे उठाने की वजह से चर्चा में हैं। इन्हीं में एक नाम रत्ना सिंह का भी है। वह सीजेपी की लीगल टीम की जिम्मेदारी संभालती हैं और पार्टी से जुड़े कानूनी मामलों में सक्रिय रहती हैं। छात्र आंदोलनों के दौरान जब पुलिस कार्रवाई या प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी जैसे मामले सामने आते हैं, तो कानूनी मदद की जरूरत भी बढ़ जाती है। ऐसे में रत्ना सिंह की भूमिका अहम हो जाती है। आखिर वह कौन हैं, उन्होंने कहां से पढ़ाई की और पत्रकारिता से वकालत तक उनका सफर कैसा रहा? आइए जानते हैं।

  • लखनऊ के स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई

रत्ना सिंह ने अपनी स्कूली पढ़ाई लखनऊ के डीपीएस एल्डिको से की। उन्होंने साल 2002 से 2013 के बीच यहां पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई के लिए एमिटी लॉ स्कूल में एडमिशन लिया। साल 2020 में उन्होंने यहां से लॉ की डिग्री पूरी की।

  • पत्रकारिता में भी किया काम

रत्ना सिंह कानूनी पत्रकारिता में भी काम कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने अदालतों से जुड़े मामलों, कानूनी फैसलों और जरूरी मुद्दों पर रिपोर्टिंग की। बार एंड बेंच, स्क्रॉल डॉट इन और लॉबीट जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म में लीगल जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम किया। इस दौरान उन्हें अदालतों में चल रहे मामलों और कानून से जुड़े मुद्दों को करीब से समझने का मौका मिला।

सीजेपी में क्या करती हैं रत्ना सिंह?

  • कॉकरोच जनता पार्टी में रत्ना सिंह लीगल टीम की जिम्मेदारी संभालती हैं। उनका काम पार्टी से जुड़े कानूनी मामलों को देखना और जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद देना है। वह कानूनी मामलों को समझने, जरूरी दस्तावेज तैयार करने और पार्टी की कानूनी रणनीति बनाने में मदद करती हैं।
  • इसके अलावा रत्ना सिंह सीजेपी से जुड़े छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में भी हिस्सा लेती हैं। नीट परीक्षा से जुड़े विवादों के दौरान छात्रों ने कई जगह प्रदर्शन किए। ऐसे मामलों में परीक्षा, छात्रों के अधिकार और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। इन आंदोलनों में रत्ना सिंह की भूमिका कानूनी मामलों को संभालने की रहती है।

अक्टूबर 2026 में हिरासत को लेकर आईं चर्चा में

10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले रत्ना सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस घटना को लेकर सीजेपी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रत्ना सिंह ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था। हालांकि, अदालत ने उनकी अर्जी को उस समय जरूरी कानूनी शर्तें पूरी नहीं होने के आधार पर स्वीकार नहीं किया। इस घटना के बाद रत्ना सिंह की भूमिका और उनके कानूनी कदमों को लेकर काफी चर्चा हुई।

कैसी है रत्ना सिंह की लाइफस्टाइल?

  • रत्ना सिंह की लाइफस्टाइल की बात करें, तो उनकी सार्वजनिक पहचान उनके काम और सामाजिक मुद्दों पर सक्रियता से जुड़ी है। सीजेपी की लीगल टीम की जिम्मेदारी संभालना, छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों पर काम करना और कानूनी मुद्दों को समझना उनके सार्वजनिक जीवन का हिस्सा है।
  • विरोध प्रदर्शनों के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं को कई बार लंबे समय तक मौके पर रहकर काम करना पड़ता है। लोगों से बातचीत करना, उनकी समस्याएं समझना और आगे की रणनीति तैयार करना भी इस काम का हिस्सा होता है। रत्ना सिंह का काम भी इन्हीं गतिविधियों से जुड़ा है। उनकी पहचान किसी ग्लैमरस लाइफस्टाइल के बजाय कानून और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली महिला के रूप में है।

रत्ना सिंह का काम दिखाता है कि किसी आंदोलन में सिर्फ नारे लगाना या अपनी बात रखना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि कानूनी प्रक्रिया को समझना भी उतना ही अहम है। यही वजह है कि सीजेपी में उनकी भूमिका को कानूनी नजरिए से महत्वपूर्ण माना जाता है। पत्रकारिता से जुड़े अनुभव और कानून की पढ़ाई ने उनके करियर को एक अलग दिशा दी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN