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अखिलेश यादव पर सोमवार को दोतरफा हमला हुआ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिलेश घुसपैठियों के यार हैं, दंगा करने वालों को सम्मानित करते हैं। सीएम योगी ने कहा कि अखिलेश यूपी को फिर दंगों की आग में झोंकना चाहते हैं लेकिन अखिलेश की उम्मीद अब पूरी नहीं होगी, क्योंकि काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती। इसके जवाब में अखिलेश ने कहा कि योगी पहले ये बताएं कि वो घुसपैठिया किसे कहते हैं? क्योंकि योगी खुद उत्तराखंड से यूपी में आए हैं, तो क्या वो भी घुसपैठिए हैं? दूसरी तरफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अखिलेश मुसलमानों को अपना गुलाम समझते हैं, अखिलेश चाहते हैं कि उन्हें अब्दुल के वोट से गद्दी मिले, लेकिन अब्दुल कुर्सी न मांगे, सिर्फ दरी बिछाए, अब ऐसा नहीं होगा। इसके बाद भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर आजाद ने भी अखिलेश से हिस्सेदारी मांग ली। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी से लड़ना है तो भीम आर्मी को भी साथ लेना होगा। भीम आर्मी को सम्मानजनक सीटें देनी होंगी, वरना वोटों के बंटवारे के लिए अखिलेश ही जिम्मेदार होंगे।
सपा को तो दंगाइयों से प्यार है- सीएम योगी
सीएम योगी सोमवार को कानपुर में थे। बिठूर में सीएम योगी ने 441 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। चूंकि बिठूर आस्था का बड़ा केन्द्र है, इसलिए यहां योगी ने धर्म की बात की। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का सम्मान किया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसका सबूत है। योगी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने काशी का कायाकल्प कर दिया। मथुरा, विंध्याचल, नैमीषारण्य और प्रयागराज जैसे आस्था के पवित्र स्थानों को चमकाया। इसके बाद योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का जिक्र किया और दोनों पार्टियों को हिन्दू विरोधी बताया। योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को तो दंगाइयों से प्यार है। समाजवादी पार्टी के राज में दंगे होते थे, सरकार आंखें मूंदे रहती थी और बाद में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया जाता था। योगी ने मुजफ्फरनगर सहारनपुर और मथुरा के दंगों की याद दिलाई और कहा कि समाजवादी पार्टी के राज में सिर्फ दंगों की खबरें आती थी लेकिन अब यूपी में हालात बदल गए हैं। पुलिस दंगाइयों पर काबू करना भूल न जाए, इसलिए दंगों की मॉक ड्रिल करानी पड़ती है।
सीएम योगी ने की छोटे मियां-बड़े मियां की बात
इसके बाद सीएम योगी ने छोटे मियां-बड़े मियां की बात की। योगी का इशारा अखिलेश यादव और राहुल गांधी की तरफ था। उन्होंने कहा कि अखिलेश को हिंदुओं से जितनी नफरत है, उतना ही घुसपैठियों से प्यार है। इसलिए जब भी घुसपैठियों को निकालने की बात आती है, सबसे ज्यादा परेशानी अखिलेश को होती है। योगी ने कहा कि अब तो वोट बैंक को खुश करने के चक्कर में अखिलेश देश के लोगों को ही घुसपैठिया बताने लगे हैं।
अखिलेश ने क्या जवाब दिया?
सीएम योगी ने अखिलेश को घुसपैठियों का हितैषी बताया तो अखिलेश ने तुरंत जवाब दिया। लखनऊ में अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी यूपी की वोटर लिस्ट में फर्जी वोटर्स की घुसपैठ करवा रही है। चुनाव आयोग के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। अखिलेश यादव ने बाकायदा प्रेजेंटेशन के जरिए अपनी बात को साबित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने यूपी की वोटर लिस्ट खंगाली है। इसमें राजेश नाम के एक व्यक्ति की वाइफ सुनीता के नाम से 420 एंट्री है और इसी नाम से 2300 से ज्यादा वोटर हैं। इसी तरह राजकुमारी वाइफ ऑफ राजकुमार के नाम से 315 एंट्री मिली है। अखिलेश ने कहा कि CM योगी को वोटर लिस्ट में हो रही इस घुसपैठ पर जवाब देना चाहिए और ये भी बताना चाहिए कि बीजेपी किसे घुसपैठिया कहती है।
अखिलेश ने कहा कि बीजेपी यूपी के असली वोटर्स को घुसपैठिया कह रही है जबकि वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़ा चुनाव आयोग और बीजेपी मिलकर कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी घुसपैठियों का नाम लेकर असल में खुद वोटर लिस्ट के अंदर घुसपैठ कर रही है।
चुनाव आयोग ने दिया जवाब
हालांकि, अखिलेश के आरोपों पर चुनाव आयोग ने तुरंत जबाव दिया। यूपी इलैक्शन कमीशन के CEO ने कहा कि अलग अलग इलाकों में एक ही नाम के कई वोटर हो सकते हैं। हो सकता है कि उनके परिवार वालों का नाम भी एक जैसा हो। इसलिए सिर्फ नाम के आधार पर वोटर लिस्ट में डुप्लीकेसी का आरोप ठीक नहीं हैं। इसके बाद योगी ने भी कहा कि अखिलेश झूठे दावे करके, लोगों को बहका कर, सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रहे हैं। एक बार भाग्य से उन्हें गद्दी तो मिल गई थी लेकिन बुद्धि नहीं मिली। अब न गद्दी मिलेगी, न बुद्धि।
अखिलेश पर बरसे ओवैसी
अखिलेश ने रामपुर में असदुद्दीन ओवैसी की तुलना रावण से की थी। अब ओवैसी ने भी मुजफ्फरनगर में दंगों की याद दिलाई। ओवैसी ने कहा जिस वक्त मुजफ्फरनगर के दंगे हुए, उस वक्त अखिलेश के पास 47 मुस्लिम विधायक थे, लेकिन किसी ने मुसलमानों की सुध नहीं ली। अखिलेश सैफई में बैठकर डांस देखते रहे। ओवैसी ने कहा कि असल में जो भी मुसलमानों के हक की बात करता है, अखिलेश उसे अपना दुश्मन समझते हैं। उन्हें दाढ़ी टोपी वाला हर शख्स रावण नजर आता है। ओवेसी ने कहा कि जब वो मुसलमानों के हक की बात करते हैं तो अखिलेश उन्हें बीजेपी का एजेंट बताते हैं। बीजेपी की B-टीम कहते हैं। ओवैसी ने कहा कि अखिलेश मुसलमानों को बीजेपी का डर दिखाकर वोट लेते हैं, अपने परिवार के लोगों को चुनाव जिताते हैं और सैफई जाकर आराम फरमाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब अबदुल्ला दरी नहीं बिछाएगा, कुर्सी पर बैठेगा।
राजभर ने किया ओवैसी का समर्थन
यूपी सरकार के मंत्री ओपी राजभर भी ओवैसी के सपोर्ट में उतरे। राजभर आजमगढ़ में बड़ी रैली करने जा रहे हैं। आज उन्होंने कहा कि ओवैसी की बात तो सही है। अखिलेश न मुसलमानों के सगे हैं और न पिछड़े वर्ग के। अगर अखिलेश में हिम्मत है तो एलान करें कि अगर उनकी सरकार बनी तो मुख्यमंत्री किसी मुसलमान को बनाएंगे।
मुसलमानों की देखभाल के लिए कांग्रेस मौजूद- इमरान मसूद
मुसलमान वोट के मामले में अखिलेश तो कुछ नहीं बोले लेकिन कांग्रेस के नेता तुरंत मैदान में कूदे। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ओवैसी मुसलमानों को लावारिस साबित करने की कोशिश ना करें। मुसलमानों की देखभाल के लिए इस देश में कांग्रेस मौजूद है। दूसरे किसी नेता की जरूरत नहीं है।
चंद्रशेखर ने भी अखिलेश की टेंशन बढ़ाई
लेकिन ओवैसी के बाद भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने भी अखिलेश की टेंशन बढ़ा दी। चंद्रशेखर ने भी ओवैसी की तरह अखिलेश को अलायंस का ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी को हटाना है तो अखिलेश को सभी को साथ लेकर चलना होगा। सभी पार्टियों को उनका हक देना पड़ेगा।
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