Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- लक्जरी स्नीकर्स मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और 2031 तक इसके 75 अरब डॉलर के आंकड़े को पार करने का अनुमान है
- 2025 में करीब 46.2 अरब डॉलर के बाजार में एशिया-प्रशांत सबसे बड़ा क्षेत्र रहा, जबकि चीन ने मांग को मजबूत बनाया
- Balenciaga, Gucci और Golden Goose जैसे ब्रांड युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं
एक समय स्नीकर्स को केवल स्पोर्ट्स या कैजुअल फुटवियर माना जाता था, लेकिन अब लग्जरी स्नीकर्स फैशन इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। महंगे ब्रांडेड स्नीकर्स अब जिम या वॉक तक सीमित नहीं हैं। लोग इन्हें ऑफिस, रेस्टोरेंट, पार्टियों और सोशल इवेंट्स में भी पहन रहे हैं। यही बदलाव ग्लोबल लग्जरी स्नीकर्स मार्केट को तेजी से बढ़ा रहा है। 2025 में यह बाजार करीब 46.2 अरब डॉलर यानी लगभग 4.45 लाख करोड़ रुपये का था। अनुमान है कि 2034 तक यह 98.7 अरब डॉलर यानी करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। मौजूदा ग्रोथ रफ्तार बनी रही तो 2031 के आसपास यह 75 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर सकता है।
एशिया-प्रशांत सबसे बड़ा बाजार
लग्जरी स्नीकर्स की बिक्री में एशिया-प्रशांत क्षेत्र सबसे आगे है। 2025 में वैश्विक बिक्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 37.4% रही। इस क्षेत्र में चीन सबसे बड़ा डिमांड सेंटर है और एशिया-प्रशांत की लग्जरी स्नीकर्स खरीद में उसका हिस्सा करीब 61% बताया गया है। चीन में बढ़ता मिडिल क्लास, फैशन को लेकर युवाओं की दिलचस्पी और मजबूत रीसेल मार्केट इस मांग को बढ़ा रहे हैं। दक्षिण कोरिया में K-pop का प्रभाव और जापान में मजबूत स्नीकर्स कल्चर भी बाजार को सपोर्ट कर रहा है। इंडोनेशिया, थाईलैंड और वियतनाम में भी मांग बढ़ रही है। उत्तरी अमेरिका 28.6% हिस्सेदारी के साथ दूसरे और यूरोप 22.1% के साथ तीसरे स्थान पर है।
चर्चा में Balenciaga, Gucci और Golden Goose जैसे ब्रांड
लग्जरी स्नीकर्स बाजार में Balenciaga, Gucci और Golden Goose जैसे ब्रांड अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। Balenciaga का Triple S और Golden Goose के जानबूझकर पुराने लुक वाले स्नीकर्स फैशन प्रेमियों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। Gucci अपने बड़े ब्रांड लोगो और डिजाइन के लिए जाना जाता है। इस सेगमेंट में ग्राहक एक जोड़ी के लिए करीब 400 डॉलर से 2,500 डॉलर तक, यानी लगभग 38,500 रुपये से 2.4 लाख रुपये तक खर्च कर रहे हैं। सीमित संख्या में लॉन्च होने वाले मॉडल और सेलिब्रिटी कोलैबोरेशन भी मांग बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं 2025 में लग्जरी स्नीकर्स का रीसेल कारोबार करीब 7.1 अरब डॉलर का रहा।
लो-टॉप स्नीकर्स की सबसे ज्यादा मांग
डिजाइन की बात करें तो लो-टॉप स्नीकर्स सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल हैं। 2025 में इनकी बाजार हिस्सेदारी करीब 41.3% रही। कॉमन प्रोजेक्ट्स अकिलीज़ लो, गोल्डन गूज बॉल स्टार और गुच्ची ऐस जैसे मॉडल इस कैटेगरी में आते हैं। हाई-टॉप स्नीकर्स करीब 32.7% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि स्लिप-ऑन मॉडल की हिस्सेदारी 17.4% रही। मटेरियल में लेदर अभी सबसे आगे है और कुल रेवेन्यू में इसकी हिस्सेदारी करीब 48.6% है। हालांकि, सिंथेटिक, रिक्लाइल्ड और प्लांट-बेस्ड मटेरियल्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, खासकर युवा ग्राहकों के बीच।
Gen Z और मिलिनियल्स बने सबसे बड़े ग्राहक
इस बाजार की ग्रोथ में युवा खरीदारों की भूमिका सबसे अहम है। 2025 में जेन Z और मिलिनियल्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 63.4% खरीदारी की रही। ये ग्राहक केवल लोगो या कीमत नहीं देखते, बल्कि ब्रांड की कहानी, डिजाइन, ऑथेंटिसिटी और उसकी कल्चरल वैल्यू को भी महत्व देते हैं। पुरुषों की हिस्सेदारी करीब 46.2% और महिलाओं की 37.9% रही। हालांकि, महिलाओं का सेगमेंट सबसे तेज गति से बढ़ने की उम्मीद है। रिटेल में स्पेसलिस्ट स्टोर्स अभी 37.6% हिस्सेदारी के साथ आगे हैं, जबकि ऑनलाइन स्टोर्स की हिस्सेदारी 33.8% है और ऑनलाइन चैनल के सबसे तेज बढ़ने की उम्मीद है।
सबसे ज्यादा बिक रहे 350 से 900 डॉलर वाले स्नीकर्स
कीमत के लिहाज से 350 से 900 डॉलर यानी करीब 34 हजार से 87 हजार रुपये के बीच आने वाले स्नीकर्स बाजार की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा देते हैं। इस कैटेगरी की रेवेन्यू हिस्सेदारी करीब 62.3% है। वहीं इससे भी महंगे मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, खासकर कलेक्टर्स और हाई-इनकम ग्राहकों के बीच। कुल मिलाकर लग्जरी स्नीकर्स का बाजार अब सिर्फ फुटवियर की बिक्री तक सीमित नहीं है। फैशन, सेलिब्रिटी कल्चर, सोशल मीडिया, लिमिटेड एडिशन और रीसेल वैल्यू मिलकर इसे तेजी से बढ़ते ग्लोबल लक्जरी बिजनेस में बदल रहे हैं।
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