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HDFC के CEO पद की दौड़ में थे कैजाद भरूचा, अब बैंक से विदाई की तैयारी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • HDFC बैंक ने बताया कि उसके उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
  • भरूचा भी प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ पद पर प्रमोट होने की दौड़ में शामिल थे

देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC बैंक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा (Kaizad Bharucha) ने अपने पद से हटने की इच्छा जताई है। यह जानकारी बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी है। बैंक ने बताया कि वह 31 दिसंबर 2026 से पद छोड़ना चाहते हैं। बैंक के बोर्ड ने इसकी मंजूरी दे दी है लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हरी झंडी भी जरूरी है।

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन के उत्तराधिकारी के चयन के लिए HDFC बैंक ने शुरुआत में दो उम्मीदवारों के नाम प्राथमिकता और पारिश्रमिक के क्रम में भेजे थे। कैजाद भरूचा भी इस पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए गए थे। बैंक में उनके लंबे अनुभव और इंटीग्रेशन कमेटी में निभाई गई भूमिका के कारण उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा था। बता दें कि आईसीआईसीआई समूह के दिग्गज अनूप बागची 27 अक्टूबर को एचडीएफसी बैंक के एमडी और सीईओ का पदभार संभालने वाले हैं।

कैजाद भरूचा के बारे में

HDFC बैंक में कैजाद भरूचा कई तरह के व्यवसायों की देखरेख करते हैं, जिनमें कॉर्पोरेट बैंकिंग, इमर्जिंग कॉर्पोरेट्स ग्रुप, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, रूरल बैंकिंग ग्रुप और इमर्जिंग एंटरप्राइजेज ग्रुप आदि शामिल हैं। बैंक से जुड़ने से पहले, उन्होंने SBI कमर्शियल एंड इंटरनेशनल बैंक के साथ काम किया था। भरूचा ने मुंबई विश्वविद्यालय के सिडेनहैम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से बीकॉम की डिग्री हासिल की है।

बैंक के बोर्ड ने अपनी फाइलिंग में बताया कि उन्होंने बैंक के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही, बैंक की बैलेंस शीट को मजबूत बनाने, रिस्क मैनेजमेंट के मानकों को बेहतर करने और मुख्य क्रेडिट आर्किटेक्चर को तैयार करने में उनका अहम योगदान रहा है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे?

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) के दौरान बैंक ने एकल आधार पर 19,510 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4.7 प्रतिशत अधिक है। तिमाही के दौरान बैंक का राजस्व बढ़कर 484.5 अरब रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले यह 450 अरब रुपये था। ब्याज से हुई कमाई 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,619 अरब रुपये पर पहुंच गई। ब्याज से इतर बैंक की कमाई 138.3 अरब रुपये रही।

तिमाही के दौरान बैंक के पास औसत जमा राशि सालाना आधार पर 16.8 प्रतिशत बढ़कर 4.56 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। बैंक द्वारा दिया गया कुल ऋण का औसत 4.35 लाख करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले की तुलना में 16.2 प्रतिशत अधिक है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN