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NSE IPO News: वैसे तो देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के आईपीओ की लिस्टिंग बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE होगी लेकिन भविष्य में निवेशकों को एक खास तोहफा मिल सकता है। बीएसई के बाद NSE के भी प्लेटफॉर्म पर भी इसके शेयर के ट्रेड करने की संभावना बन सकती है। हालांकि, इसके लिए NSE को पहले बाजार नियामक सेबी की मंजूरी लेनी होगी। मंजूरी मिल जाती है तो एनएसई शेयरों की डबल ट्रेडिंग का रास्ता खुल जाएगा।
क्या कहा एनएसई के सीईओ ने?
NSE के MD और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने कहा है कि स्टॉक एक्सचेंज इस विकल्प पर आगे चलकर विचार कर सकता है लेकिन फिलहाल सेबी के पास इसके लिए कोई आवेदन नहीं किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस प्रस्ताव के लिए NSE को “ट्रेडिंग की अनुमति” वाले रास्ते पर विचार करना होगा, जिसके तहत सिक्योरिटीज को किसी एक्सचेंज पर औपचारिक रूप से लिस्ट हुए बिना ट्रेड किया जा सकता है। इसके तहत कंपनी अपने प्राइमरी एक्सचेंज पर लिस्टेड बनी रहेगी और उसकी मौजूदा कंप्लायंस और डिस्क्लोजर की जिम्मेदारियां वैसी ही रहेंगी।
सेबी के नियम
वर्तमान में SEBI के नियम अभी किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपनी सिक्योरिटीज को लिस्ट करने की अनुमति नहीं देते हैं। SEBI स्टॉक एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन रेगुलेशन, 2018 के रेगुलेशन 45(1) के तहत कोई मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज अपनी सिक्योरिटीज को केवल किसी दूसरे मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर ही लिस्ट कर सकता है। इसका मतलब है कि NSE अपने IPO के बाद NSE पर औपचारिक रूप से लिस्ट नहीं हो सकता है। आशीष कुमार चौहान ने बताया कि यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई थी ताकि एक्सचेंज की निगरानी किसी दूसरे एक्सचेंज के जरिए हो सके।
खुदरा निवेशकों को ध्यान में रखकर प्राइस बैंड
आशीष कुमार चौहान ने मंगलवार को कहा कि खुदरा निवेशकों को ध्यान में रखते हुए NSE के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड तय किया गया है। चौहान ने यह भी कहा कि 22,569 करोड़ रुपये के आईपीओ में ‘एंकर बुक’ यानी बड़े निवेशकों की जतायी गई प्रतिबद्धता काफी बड़ी है और हमारी उम्मीद से कहीं अधिक है। इससे इस बड़े इश्यू में संस्थागत निवेशकों की मजबूत रुचि का संकेत मिलता है।
आईपीओ डिटेल
एनएसई का बहुप्रतीक्षित आईपीओ आम निवेशकों के लिए 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने इसके लिए प्रति शेयर 1,700 से 1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इसके जरिये उच्च मूल्य सीमा पर 22,569 करोड़ रुपये तक जुटाए जाने की उम्मीद है। एंकर यानी बड़े निवेशकों 16 सितंबर को शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे। निवेशक न्यूनतम आठ शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद आठ-आठ शेयरों के गुणक में बोली के लिए आवेदन दे सकेंगे।
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