Home BUSINESS NEWS HINDI ITR भरने की डेडलाइन को क्या आगे बढ़ाया गया? क्या है लेटेस्ट...

ITR भरने की डेडलाइन को क्या आगे बढ़ाया गया? क्या है लेटेस्ट अपडेट

1
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Income tax Return deadline updates: वेतन पाने वाले (ITR-1) और व्यक्तिगत आईटीआर (ITR-2) भरने वाले लोगों के पास इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की 31 जुलाई 2026 थी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से अबतक इस डेडलाइन को आगे बढ़ाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है। तारीख आगे बढ़ाई जाए इसकी भी संभावना काफी कम ही है। बता दें, ITR-3 और ITR-4 को भरने की आखिरी तारीख में अभी समय है।

ई-वेरीफिकेशन क्या अब किया जा सकता है? (e-Verification last date)

अगर किसी भी टैक्यपेयर्स ने 31 जुलाई या उससे पहले आईटीआर भर दिया है तो उसके पास वेरीफिकेशन करने का अभी समय है। ऐसे टैक्सपेयर्स के पास 30 दिन का समय होता है। वो इस दौरान अपना ई-वेरीफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

5000 रुपये तक लग सकता है जुर्माना (ITR latest updates)

जो टैक्सपेयर्स 31 जुलाई तक आईटीआर किसी कारणवश नहीं भर पाए हैं वो इस प्रक्रिया को जुर्माना राशि के साथ पूरा कर सकते हैं। अब 5000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। बता दें, जुर्माना आप किस कैटगरी में आते हैं इस पर निर्भर करेगा।

पिछले 5 सालों के ट्रेंड क्या कह रहे हैं? (ITR News)

1-एसेसमेंट ईयर 2021-22 में

पिछले कुछ सालों में सिर्फ इसी एसेसमेंट ईयर के दौरान टैक्सपेयर्स को राहत मिली थी। कोविड-19 की वजह से नॉन ऑडिट टैक्सपेयर्स के लिए पहले टाइमलाइन को 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर किया गया था। उसके बाद 31 दिसंबर तक डेडलाइन बढ़ा दी गई थी।

2-एसेसमेंट ईयर 2022-23

सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को इस साल कोई राहत नहीं मिली थी। बिजनेस और प्रोफेशनल्स को डिपार्टमेंट की तरफ से छूट मिली थी। ऑडिट रिपोर्ट की डेडलाइन को 7 अक्टूबर 2022 तक बढ़ा दिया गया था।

3- एसेसमेंट ईयर 2023-24

इस बार टैक्सपेयर्स को कोई भी राहत नहीं दी गई थी। 31 जुलाई ही इस साल आईटीआर भरने की आखिरी तारीख थी।

4- एससेमेंट ईयर 2024-25

सैलरी पाने वाले कुछ कर्मचारियों को इस साल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने राहत दी थी। ऑडिट प्रोविजन के अंदर आने वाले टैक्स पेयर्स को यह राहत मिली थी। इन टैक्स पेयर्स के पास 7 अक्टूबर 2024 तक ऑडिट रिपोर्ट को जमा करने का समय मिला था।

5- एसेसमेंटम ईयर 2025-26

पिछले साल टैक्सपेयर्स को राहत मिली थी। सरकार 31 जुलाई से तारीख को आगे बढ़ाते हुए 15 सितंबर 2025 कर दिया था। इसके बाद एक बार फिर से डेडलाइन एक दिन बढ़ाकर 16 सितंब 2025 कर दिया था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN