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LIC आपके प्रीमियम का पैसा कहां लगाती है? सरकार ने बताया पूरा फॉर्मूला

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अगर आपने एलआईसी की पॉलिसी ली है, तो आपके मन में भी यह सवाल जरूर आया होगा कि आपका प्रीमियम आखिर कहां निवेश किया जाता है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पॉलिसीधारकों के प्रीमियम का पैसा कहां निवेश करती है, इसे लेकर सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है। साथ ही यह भी बताया है कि एलआईसी किन आधार पर शेयर खरीदती है।

एलआईसी कहां लगाती है प्रीमियम का पैसा

भारतीय जीवन बीमा निगम पॉलिसीधारकों के प्रीमियम का पैसा कहां निवेश करती है, इसे लेकर सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में बताया कि एलआईसी पिछले पांच सालों से लिस्टेड कंपनियों में निवेश करती रही है, लेकिन किस कंपनी में कितना निवेश किया गया है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम करोड़ों लोगों के प्रीमियम का पैसा अलग-अलग जगह निवेश करती है। सरकार ने लोकसभा में साफ किया है कि ऐसा करना एलआईसी के कारोबारी हितों के खिलाफ हो सकता है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में लिखित जवाब में बताया कि पिछले पांच साल के दौरान एलआईसी ने कई लिस्टेड कंपनियों में निवेश किया है। हालांकि, किस कंपनी में कितना पैसा लगाया गया है या किन कंपनियों में हिस्सेदारी है, इसकी लिस्ट शेयर नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि अगर यह जानकारी पब्लिक कर दी जाए तो इससे एलआईसी के फाइनेंशियल हित प्रभावित हो सकते हैं।

सरकार के मुताबिक एलआईसी किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले कई बातों पर गौर करती है। सबसे पहले कंपनी की आर्थिक स्थिति, मुनाफा, कारोबार का प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं का आकलन किया जाता है। इसके बाद तय निवेश नीति और सभी जरूरी नियमों का पालन करते हुए फैसला लिया जाता है कि निवेश करना है या नहीं।

अगर किसी कंपनी में पहले से निवेश है तो उसकी हिस्सेदारी बढ़ानी है या घटानी है, इसका फैसला भी कंपनी के प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं को देखकर किया जाता है। यानी निवेश का हर फैसला तय प्रक्रिया और एक्सपर्ट की राय के आधार पर लिया जाता है।

सरकार ने यह भी बताया कि एलआईसी का निवेश पूरी तरह नियमों के दायरे में होता है। इसके लिए बीमा अधिनियम 1938, एलआईसी अधिनियम 1956, बीमा नियामक IRDAI के नियम, सेबी (SEBI) के दिशा-निर्देश, आरबीआई के नियम और एलआईसी की अपनी निवेश नीति का पालन किया जाता है। इन सभी पर एलआईसी की निवेश समिति और बोर्ड की निगरानी रहती है।

पॉलिसीधारकों के पैसे की सुरक्षा के लिए निवेश की नियमित जांच भी की जाती है। स्वतंत्र ऑडिटर, स्टैच्यूटरी ऑडिटर और सिस्टम ऑडिटर समय-समय पर निवेश प्रक्रिया की समीक्षा करते हैं। इसके अलावा एलआईसी अपने पूरे निवेश पोर्टफोलियो पर लगातार नजर रखती है। कंपनी अपने रिटर्न की तुलना NSE 100 और NSE 200 जैसे प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों से करती है। जरूरत पड़ने पर पोर्टफोलियो में बदलाव भी किया जाता है। अगर किसी शेयर में ज्यादा गिरावट आती है तो नुकसान सीमित रखने के लिए स्टॉप-लॉस जैसा सिस्टम भी बनाया जाता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN