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SEBI द्वारा प्रमोटर राजेश मेहता पर कार्रवाई के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) के शेयर में 5% का लोअर सर्किट लगा। कंपनी में LIC की 10.8% और करीब 1.94 लाख रिटेल निवेशकों की 14.13% हिस्सेदारी है। यह मामला ₹15 लाख करोड़ की गड़बड़ी से जुड़ा है।

सोने और ज्वेलरी कारोबार से जुड़ी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) एक बार फिर सुर्खियों में है। SEBI (Securities and Exchange Board of India) की बड़ी कार्रवाई के बाद कंपनी के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला। गुरुवार 4 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) का शेयर 5% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। यह गिरावट उस समय आई है, जब SEBI ने कंपनी के प्रमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उन्हें शेयर बाजार में कारोबार करने से रोक दिया है।

SEBI की इस कार्रवाई ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) में सिर्फ छोटे निवेशकों का ही नहीं बल्कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC का भी बड़ा निवेश है। मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग के अनुसार, LIC के पास कंपनी में करीब 10.8% हिस्सेदारी है। इसके अलावा लगभग 1.94 लाख छोटे रिटेल निवेशकों के पास भी कंपनी के 14.13% शेयर हैं। ऐसे में शेयर में आई गिरावट का असर लाखों निवेशकों पर पड़ सकता है।

SEBI की जांच में कई गंभीर बातें सामने आई हैं। नियामक संस्था का आरोप है कि राजेश मेहता कंपनी और उसकी विदेशी सहायक इकाइयों के वित्तीय और ऑपरेशन मामलों पर पूरा कंट्रोल रखते थे। जांच के दौरान कंपनी ने जरूरी दस्तावेज, अकाउंट बुक्स और सहायक कंपनियों के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में पूरा सहयोग नहीं किया। SEBI का कहना है कि कंपनी ने फॉरेंसिक ऑडिट के दौरान भी कई अहम जानकारियां साझा नहीं कीं, जिससे वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

इन आरोपों के बाद बाजार में राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। निवेशकों को सबसे बड़ा झटका इस बात से लगा कि कभी बाजार के पसंदीदा शेयरों में शामिल राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) अब लगातार गिरावट का शिकार हो रहा है।

अगर शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो तस्वीर और भी चौंकाने वाली है। फरवरी 2023 में राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) का शेयर ₹1,029 के अपने ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन, अब यह शेयर करीब ₹104 के आसपास कारोबार कर रहा है, यानी अपने उच्चतम स्तर से यह लगभग 90% टूट चुका है।

पिछले 5 सालों से कंपनी के शेयर लगातार नकारात्मक रिटर्न दे रहे हैं। साल 2022 में शेयर में मामूली 0.8% गिरावट आई थी। इसके बाद 2023 में 50%, 2024 में 37%, 2025 में 20% और 2026 में अब तक 42% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। लगातार गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी ला दी है।

एक्सपर्ट का मानना है कि SEBI की जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। ऐसे में निवेशकों को कंपनी से जुड़ी हर नई जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है। फिलहाल बाजार की धारणा राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) के प्रति काफी नकारात्मक बनी हुई है और SEBI की अंतिम रिपोर्ट आने तक शेयर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) का मामला इस बात का उदाहरण बन गया है कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता की कमी किसी भी बड़ी कंपनी को मुश्किल में डाल सकती है। अब सभी की नजर SEBI की आगे की कार्रवाई और कंपनी के जवाब पर टिकी हुई है।

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