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LockUpp 2: ‘गरीब बच्चे पैदा करेंगे तो गरीबी ही बढ़ेगी’, अश्नीर ग्रोवर की पत्नी के बयान पर बवाल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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Madhuri in Lock Upp Season 2: अश्नीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी ने रियलिटी टीवी शो लॉकअप में कुछ ऐसा कहा, जिस पर बवाल मच गया है। दरअसल बिजनेस वुमेन परिवार नियोजन पर अपने विचार रख रही थीं।

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रसारित किया जा रहा रियलिटी शो ‘लॉकअप’ (सीजन-2) में इस वीकेंड माधुरी जैन चर्चा का विषय रहीं। माधुरी जैन खुद एक बिजनेस वुमेन हैं और ‘भारत-पे’ के फाउंडर अश्नीर ग्रोवर की पत्नी हैं। माधुरी ने ‘लॉकअप – सच या सजा’ में फैमिली प्लानिंग को लेकर कुछ ऐसा कह दिया जो विवादों की वजह बन गया। अश्नीर ग्रोवर के साथ तीसरा बच्चा नहीं करने के बारे में बात करते हुए उन्होंने परिवार नियोजन के बारे में अपने विचार रखे और कहा कि अमीरों और गरीबों के बच्चे पैदा करने को लेकर नजरिए में काफी फर्क होता है। इंटरनेट पर माधुरी के इस बयान पर बहस तेज हो गई है।

माधुरी के बयान पर क्यों मचा बवाल?

मालूम हो कि माधुरी और अश्नीर ग्रोवर की शादी साल 2006 में हुई थी। उनके दो बच्चे हैं- अव्युक्त (बेटा) और मन्नत (बेटी)। एक्ट्रेस ने एक हालिया एपिसोड में कहा कि वह और अश्नीर एक और बच्चा पैदा करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक विरोध के चलते उन्होंने ऐसा नहीं किया। बाद में जब उन्होंने दोबारा तीसरे बच्चे के लिए ट्राय किया तब यह मेडिकली पॉसिबल नहीं हो सका। माधुरी के इस बयान ने इंटरनेट पर कई लोगों को नाराज कर दिया। उन्होंने कहा- तीसरा बच्चा आपको जवान रखता है। आप शाहरुख खान समेत सभी अमीरों को देखेंगे, तो उन सबके पास तीन बच्चे हैं।

माधुरी की बात पर लोगों का रिएक्शन

माधुरी ने कहा कि हम दो हमारे दो, यह कहावत हर किसी पर लागू नहीं होती। जितने अमीर लोग बच्चे पैदा करेंगे तो अमीरी बढ़ेगी, गरीब लोग बच्चे पैदा करेंगे तो गरीबी बढ़ेगी। बिजनेस वुमेन की बात लोगों को चुभ गई और उन्होंने ट्रोलिंग शुरू कर दी। माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर एक यूजर ने लिखा- माधुरी अश्नीर ग्रोवर पर मुझे शर्म आती है। उनका यह बयान मुट्ठी भर लोगों के समाज पर राज करते रहने की सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है। जो लोगों को उनके बैंक बैलेंस तक सीमित कर देता है और यह जताता है कि सम्मन, फैमिली और बच्चे पैदा करना सिर्फ अमीरों का अधिकार है।

“पूरा सिस्टम ही अमीरों के हिसाब से..”

एक यूजर ने लिखा कि उनके हिसाब से अमीरों का गरीबों का शोषण करना कभी कोई दिक्कत रही ही नहीं है, उनके हिसाब से गरीबों का अस्तित्व ही सबसे बड़ी समस्या है। किसी ने लिखा कि नेपोटिज्म यूं ही नहीं खत्म हो जाएगा, तो किसी ने लिखा- मैडम आप तो यह बता दो कि आखिर यह आर्थिक असमानता समाज में है ही क्यों? मैं बता देता हूं, यह इसलिए है क्योंकि पूरा सिस्टम ही अमीरों के हिसाब से डिजाइन्ड है। इनके तर्क के हिसाब से तो गरीबों को बच्चे पैदा ही नहीं करने चाहिए, कंसीव हो भी जाए तो उन्हें गर्भपात करवा लेना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN