Source :- LIVE HINDUSTAN
Adani ports share price: एलपीजी संकट के बीच गौतम अडानी की कंपनी- अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) को अर्जेंटीना की पहली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यात परियोजना के लिए ठेका मिला है। यह समुद्री सेवाओं का ठेका है। इसके साथ ही कंपनी ने दक्षिण अमेरिका में प्रवेश किया है और अपने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सेवाओं के दायरे का विस्तार किया है। इस खबर के बीच अडानी पोर्ट्स के शेयर की रफ्तार सुस्त थी। सोमवार को शेयर की कीमत 1825 रुपये के स्तर पर थी।
क्या कहा कंपनी ने?
अडानी पोर्ट्स ने कहा कि यह ठेका एपीएसईजेड की सब्सिडयरी कंपनी (स्टेप-डाउन) अडानी हार्बर इंटरनेशनल एफजेडसीओ को अर्जेंटीना स्थित मेरिडियन ग्रुप के साथ एक संघ के जरिये दिया गया है। यह ठेका सदर्न एनर्जी एसए (सेसा) द्वारा आयोजित वैश्विक प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के बाद मिला है। कंपनी ने कहा कि इस कॉन्ट्रैक्ट से इंटरनेशनल एनर्जी लॉजिस्टिक्स प्राइस सीरीज में उसकी मौजूदगी मजबूत होगी और यह विशेषीकृत मरीन सेवाओं में उसकी बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
अडानी पोर्ट्स के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अश्वनी गुप्ता ने कहा- 12 देशों में समुद्री संचालन और बंदरगाहों, एलएनजी टर्मिनल, राष्ट्रीय तेल कंपनियों, रिफाइनरियों और अपतटीय सुविधाओं को समर्थन देने वाले बढ़ते समुद्री संसाधनों के साथ, हमारे पास मजबूत समुद्री वातावरण में गहरी परिचालन विशेषज्ञता है। उन्होंने कहा कि इन क्षमताओं को मजबूत स्थानीय साझेदारियों के साथ जोड़कर हम भरोसेमंद समुद्री तंत्र बनाने में मदद कर रहे हैं।
अर्जेंटीना का बढ़ने वाला है दबदबा?
कंपनी ने कहा कि अर्जेंटीना एक प्रमुख नए एलएनजी आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है और 2027 से भारत को प्रति वर्ष एक करोड़ टन तक एलएनजी निर्यात के लिए समझौते किए गए हैं। सदर्न एनर्जी एफएलएनजी परियोजना इस बढ़ती आपूर्ति को वैश्विक मांग केंद्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह परियोजना सेस द्वारा विकसित की जा रही है, जो गोलार एलएनजी और पैन अमेरिकन एनर्जी (पीएई) के बीच एक ज्वाइंट वेंचर है। कंपनी ने कहा कि इस ठेके को मेरिडियन ट्रांसपोर्टेस मैरिटिमोस एसए के माध्यम से पूरा किया जाएगा जो अडानी हार्बर इंटरनेशनल एफजेडसीओ और मेरिडियन ग्रुप के बीच 51:49 का ज्वाइंट वेंचर है।
LPG और LNG में क्या है अंतर?
LPG और LNG दोनों ही गैसीय ईंधन हैं लेकिन इनके यूज, स्ट्रक्चर और स्टोरेज के तरीके अलग-अलग होते हैं। एलपीजी का पूरा नाम लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस है, जो मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का मिश्रण होती है। इसका इस्तेमाल घरों में खाना पकाने, होटलों और छोटे उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
दूसरी ओर, एलएनजी को लिक्विफाइड नेचुरल गैस कहा जाता है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनी होती है और इसका उपयोग बिजली उत्पादन, भारी उद्योगों, ट्रकों और जहाजों जैसे बड़े परिवहन साधनों में किया जाता है। सरल शब्दों में कहें तो घरों में इस्तेमाल होने वाला गैस सिलेंडर एलपीजी होता है जबकि एलएनजी का उपयोग बड़े उद्योगों, बिजलीघरों और भारी वाहनों के लिए किया जाता है।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN







