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LPG Price Today: एलपीजी सिलेंडर हुआ 385 रुपये तक सस्ता, छोटकू सिलेंडर का दाम 13 रुपये गिरा, चेक करें आज का रेट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

LPG Price Today: एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार दूसरे महीने कटौती देखने को मिली है। 1 जुलाई को दिल्ली में 183 रुपये की गिरावट कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में दर्ज की गई थी। वहीं, 1 अगस्त को 202 रुपये कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ता हो गया। महज दो महीने में में 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर का दाम 385 रुपये तक गिर गया है। एएनआई के अनुसार 1 जुलाई को दिल्ली में 2728 रुपये, कोलकाता में 2872.50 रुपये, मुंबई में 2691.50 रुपये और चेन्नई में 2906 रुपये में कॉमर्शियल सिलेंडर मिल रहा है। बता दें, घरेलू सिलेंडर के दाम पुराने स्तर पर ही स्थिर बने हुए हैं।

छोटकू सिलेंडर भी हुआ सस्ता (5kh LPG Cylinder rates)

1 अगस्त को कॉमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ छोटकू सिलेंडर का दाम भी कम हुआ था। 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेट एलपीजी सिलेंडर का रेट दिल्ली में 13 रुपये कम हो गया। जिसके बाद अब यह सिलेंडर 808.50 रुपये में ग्राहकों को मिल रहा है।

घरेलू सिलेंडर का क्या है दाम

दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर का दाम – 942 रुपये

कोलकाता में सिलेंडर का रेट – 968 रुपये

चेन्नई में गैस सिलेंडर का रेट – 957.50 रुपये

मुंबई में 941.50 रुपये है।

युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू सिलेंडर का रेट 89 रुपये तक बढ़ा है। दो बार कीमतों में इस दौरान इजाफा हुआ है। जून में दाम 29 रुपये बढ़ा था। इससे पहले मार्च के महीने में घरेलू सिलेंडर का रेट 60 रुपये बढ़ाया गया था।

मई में अचानक लगभग 1000 रुपये महंगा हो गया था सिलेंडर

1 मई को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगभग 1000 रुपये का इजाफा कर दिया था। जिसकी वजह से पहली बार 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर का रेट 3000 रुपये को पार कर गया। 1 अप्रैल को कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 2078.50 रुपये था। जोकि 1 मई को बढ़कर 3071.50 रुपये दिल्ली में पहुंच गया। बता दें, 1 जनवरी को इंडेन एलपीजी सिलेंडर का रेट 1691.50 रुपये था।

भारत जैसे देशों के सामने संकट

मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत जैसे देशों के सामने बड़ा संकट है। भारत एलपीजी के लिए लगभग पूरी तरह से विदेशी आयात पर निर्भर रहता है। इसमें से भी युद्ध से पहले कतर से अधिक मात्रा में एलपीजी आयात किया जाता था। युद्ध शुरू होने के बाद भारत के सामने एक बड़ा संकट आ गया। जिसके बाद घरेलू स्तर पर एलपीजी प्रोडक्शन को बढ़ाया गया। कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने नियमों में कड़ाई की। अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN