Source :- LIVE HINDUSTAN

LPG Price Today: पेट्रोल और डीजल की तरह एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। घरेलू सिलेंडर के रेट पुराने स्तर पर बने हुए हैं। इससे पहले 1 जून 2026 को कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया था। तब एलपीजी सिलेंडर का रेट 42 रुपये से 54 रुपये तक बढ़ा दिया गया था। बता दें, मार्च से अबतक कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 5 बार संशोधन किया जा चुका है। जिसकी वजह से रेस्टोरेंट्स से लेकर छोटे दुकानदार तक सबके खर्च में बढ़ोतरी हुई है। आइए जानते हैं घरेलू एलपीजी सिलेंडर का आज 6 जून 2026 को क्या रेट चल रहा है?

घरेलू एलपीजी सिलेंडर का आज क्या है रेट? (Domestic LPG cylinder Price)

नई दिल्ली – 913 रुपये

मुंबई – 912.50 रुपये

बेंगलुरू – 915.50 रुपये

चेन्नई – 928.50 रुपये

गुरुग्राम – 921.50 रुपये

नोएडा – 910.50 रुपये

चंडीगढ़ – 922.50 रुपये

जयपुर – 916.50 रुपये

हैदराबाद – 965 रुपये

कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का क्या है रेट? (Commercial LPG Cylinder Price)

नई दिल्ली – 3113.50 रुपये

मुंबई – 3067.50 रुपये

बेंगलुरू – 3113.50 रुपये

चेन्नई – 3283 रुपये

गुरुग्राम – 3130 रुपये

नोएडा – 3113.50 रुपये

चंडीगढ़ – 3136 रुपये

जयपुर – 3141 रुपये

हैदराबाद – 3367 रुपये

सरकार का एलपीजी भंडारण बढ़ाने का निर्देश

केंद्र सरकार ने सरकारी कंपनियों को एलपीजी स्टोरेटज क्षमता को बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने कहा है कम से कम देश में 30 दिन का एलपीजी स्टोरेज की व्यवस्था की जाए। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि हम रणनीतिक तौर पर रिजर्व बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।

एलपीजी की समस्या (LPG Crisis)

देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा एलपीजी आयात करता रहा है। यही वजह है कि युद्ध शुरू होने के बाद स्थिति काफी बदल गई। सरकार ने नियमों में कड़ाई की। साथ ही घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश कंपनियों को दिया गया। इन प्रयासों की वजह से देश में स्थिति काफी हद तक सामान्य हुई।

एलपीजी बुकिंग नियम (LPG Booking rule)

गांवों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग 45 दिन में और शहरों में 25 दिन के अंतराल पर ही हो सकती है। इसके अलावा सरकार के निर्देश पर सभी डीलर्स ने अपने उपभोक्ताओं का केवाईसी भी लगभग कर लिया है। मौजूदा समय में बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर नहीं लिया जा सकता है। नियमों में कड़ाई की वजह कालाबाजारी को रोकना है।

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