Source :- LIVE HINDUSTAN
Sanghi industries share: वैसे तो गौतम अडानी समूह की कई सीमेंट कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं लेकिन उनमें भी सांघी इंडस्ट्रीज की चर्चा ज्यादा होती है। ये चर्चा इसलिए होती है क्योंकि कंपनी के शेयर काफी सस्ते हैं। शेयर बाजार में लिस्टेड इस कंपनी के शेयर 50 रुपये के स्तर पर हैं लेकिन बीते कुछ दिनों से इसकी ट्रेडिंग ठप पड़ी है।
शेयर का परफॉर्मेंस
सांघी के शेयर की आखिरी कीमत 50 रुपये के स्तर पर है। बीएसई की वेबसाइट पर ट्रेडिंग सस्पेंड किए जाने का मैसेज दिख रहा है। इस मैसेज में स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि प्रक्रिया संबंधी कारणों से ट्रेडिंग निलंबित है। बता दें कि अंबुजा सीमेंट्स ने वर्ष 2023 में 5,185 करोड़ रुपये के सौदे में सांघी इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया था।
सांघी का सैटलमेंट
इस बीच, हाल ही में सांघी इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रवर्तक आलोक सांघी ने अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट के साथ विवाद के निपटारे के बाद उसके खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में दायर अपनी याचिका वापस ले ली है। यह विवाद 84 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत गारंटी से जुड़ा था, जिसके साथ दोनों पक्षों के बीच चल रही कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई है।अंबुजा सीमेंट्स ने भी 10 अप्रैल, 2026 को अहमदाबाद स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकर (एनसीएलटी) में आलोक सांघी के खिलाफ दायर अपनी याचिका वापस ले ली थी।
सांघी ने एनसीएलएटी में एनसीएलटी के नवंबर, 2025 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अंबुजा सीमेंट की दिवालिया कार्यवाही याचिका के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। एनसीएलटी ने इस मामले में अंतरिम समाधान पेशेवर की नियुक्ति भी की थी। अप्रैल में अपीलीय न्यायाधिकरण को सूचित किया गया था कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है, जिसके बाद अंबुजा सीमेंट ने एनसीएलटी में धारा 95 के तहत अपनी याचिका वापस लेने के लिए आवेदन किया था।
धारा 99 के तहत समाधान पेशेवर की रिपोर्ट अब तक दाखिल नहीं की गई थी, जिसका मुख्य कारण एनसीएलएटी द्वारा लगाया गया स्थगन आदेश बताया गया। इसके बाद 26 मई को सांघी की ओर से एनसीएलएटी में याचिका वापस लेने का अनुरोध किया गया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
कब शुरू हुआ विवाद?
बता दें कि दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी), 2016 की धारा 95 के तहत लेनदार व्यक्तिगत गारंटर सहित देनदारों के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू कर सकते हैं। अंबुजा सीमेंट ने सांघी इंडस्ट्रीज के अधिग्रहण के बाद उनके व्यक्तिगत गारंटर के रूप में यह कार्यवाही शुरू की थी। विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक बिजली बिल के भुगतान को लेकर मतभेद हुए और समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद अंबुजा सीमेंट ने 84 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत गारंटी लागू की।
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