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MCX पर फिर से ₹1.50 लाख के पार सोना, सितंबर में 6% से ज्यादा गिरे थे भाव

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • एक अक्टूबर को MCX पर सोने ने ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम का स्तर फिर हासिल कर लिया
  • सितंबर महीने के दौरन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 6.5 फीसदी गिर गई, जो जून के बाद इसकी सबसे खराब मासिक गिरावट रही

Gold Rate Today: सोने की खरीदारी करने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, कमजोर अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से अक्टूबर में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। इस खबर की वजह से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी MCX पर सोने ने ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम का स्तर फिर हासिल कर लिया। वहीं, MCX सिल्वर भी ₹2.26 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गया और करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। बता दें कि सितंबर में सोने की कीमतों में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी।

सितंबर में 6.5% सस्ता हुआ सोना

सितंबर महीने के दौरन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 6.5 फीसदी गिर गई, जो जून के बाद इसकी सबसे खराब मासिक गिरावट रही। यह गिरावट अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा मौद्रिक सख्ती के कारण आई क्योंकि महीने के दौरान बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, भारत में त्योहारों और शादी-ब्याह का मौसम आने वाला है। ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर में सोने की कीमतों में उछाल आ सकता है।

Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में आई तेजी के कारण सोना दबाव में आ गया। अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 29 सितंबर को 5.293 फीसदी तक पहुंच गई, जो 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। डॉलर में मजबूती ने भी सोने पर दबाव बढ़ाया। सितंबर के अंत में डॉलर इंडेक्स तीन महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया। आम तौर पर मजबूत डॉलर से डॉलर में कीमत वाले सोने पर दबाव पड़ता है।

किन चीजों से मिल सकता है सहारा?

अक्टूबर का महीना त्योहारी और शादी के सीजन का है। दशहरा, धनतेरस और दिवाली के साथ अक्टूबर और नवंबर में सोने की फिजिकल मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। इसके बाद सर्दियों का वेडिंग सीजन भी मांग को समर्थन दे सकता है।

एक्सपर्ट के मुताबिक अब बाजार की नजर अमेरिका के रोजगार डेटा पर रहेगी। इससे फेड की आगे की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। अक्टूबर-नवंबर के त्योहारी महीनों में फिजिकल डिमांड और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी सोने को मजबूत आधार दे सकती है। अगर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर स्थिति साफ होती है तो सोने को आगे बढ़ने के लिए बेहतर समर्थन मिल सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN