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NPS Health: पेंशन के साथ इलाज की भी चिंता खत्म! 25% पैसा निकाल सकेंगे, 85 साल तक बीमा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पेंशन के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाली NPS Health योजना को अक्तूबर में शुरू करने की तैयारी है। यह सामान्य एनपीएस खाते से अलग होगी। इसमें स्वास्थ्य बीमा लेना अनिवार्य होगा और जरूरत पड़ने पर खाताधारक अपने अंशदान का 25 फीसदी तक हिस्सा इलाज के लिए निकाल सकेंगे।

इस योजना में निवेश खाता और स्वास्थ्य बीमा अलग-अलग हिस्से होंगे। स्वास्थ्य बीमा सुपर टॉप-अप के रूप में होगा। योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देने की तैयारी है। बीमा कवर 30 लाख रुपये तक हो सकता है, हालांकि वास्तविक कवर चुने गए प्लान और उसकी शर्तों पर निर्भर करेगा।

दो हिस्सों में होगी योजना: NPS Health खाते में दो प्रमुख हिस्से होंगे। निवेश खाता और सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा। स्वास्थ्य बीमा लेना अनिवार्य होगा। एनपीएस खाता और बीमा पॉलिसी कानूनी रूप से अलग रहेंगे। जिन लोगों के पास पहले से सामान्य एनपीएस खाता है, वे अपना पुराना खाता बंद किए बिना अलग से NPS Health खाता खोल सकेंगे।

पुराने NPS खाते वालों को क्या करना होगा?

सामान्य NPS के ऑल सिटीजन मॉडल के खाताधारकों को नया स्वास्थ्य खाता खोलने के लिए अपना पुराना खाता बंद नहीं करना होगा।नए स्वास्थ्य खाते में पुराने एनपीएस खाते से कुछ रकम ट्रांसफर की जा सकेगी। यह राशि चुने गए बीमा प्लान के शुरुआती खर्च यानी डिडक्टिबल को पूरा करने के लिए होगी। उदाहरण के तौर पर 10 हजार, 50 हजार, 1 लाख या 3 लाख रुपये जैसी राशि हो सकती है। अगर भविष्य में NPS Health खाता बंद भी हो जाता है तो पुराने सामान्य NPS खाते पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

इलाज के लिए 25% तक पैसा निकाल सकेंगे

योजना की सबसे अहम विशेषता इलाज के लिए आंशिक निकासी है। खाताधारक ओपीडी और अस्पताल में भर्ती होने से जुड़े निर्धारित खर्चों के लिए अपने एनपीएस स्वास्थ्य खाते से 25 फीसदी तक राशि निकाल सकेंगे। खास बात यह है कि निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है।

अगर किसी बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने पर खर्च इतना ज्यादा हो जाए कि 25 फीसदी निकासी से पूरा खर्च नहीं निकल पाए, तो निर्धारित परिस्थितियों में खाते में जमा पूरी NPS Health राशि का इस्तेमाल अस्पताल का खर्च चुकाने के लिए किया जा सकेगा।

अस्पताल को सीधे होगा भुगतान

योजना में इलाज की भुगतान प्रक्रिया को कैशलेस रखने की तैयारी है। अस्पताल से जरूरी जानकारी मिलने के बाद करीब एक घंटे में कैशलेस इलाज की मंजूरी देने का प्रावधान बताया गया है। वहीं अस्पताल से छुट्टी की मंजूरी करीब तीन घंटे में दिए जाने की व्यवस्था होगी।

स्वास्थ्य लाभ प्रशासक और बीमा कंपनी के माध्यम से टॉप-अप बीमा की राशि भी सीधे अस्पताल को भेजी जाएगी। इससे मरीज को क्लेम के लिए अलग-अलग जगह चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

बीमा कंपनी चुनने का विकल्प

NPS Health को पेंशन फंड कंपनियों के माध्यम से पेश किया जाएगा। पेंशन फंड कंपनियां प्रमुख पॉलिसीधारक की भूमिका निभाते हुए अलग-अलग बीमा कंपनियों के साथ संयुक्त उत्पाद तैयार करेंगी।

इससे ग्राहकों को उपलब्ध विकल्पों में से अपनी जरूरत के मुताबिक पेंशन और स्वास्थ्य कवर वाला फंड मैनेजर चुनने का विकल्प मिलेगा।

18 से 70 साल की उम्र में खुल सकेगा खाता

बीमा में दुर्घटनाओं को छोड़कर सामान्य बीमारियों के लिए 30 दिन की प्रारंभिक प्रतीक्षा अवधि और पहले से मौजूद बीमारियों के लिए 12 महीने की प्रतीक्षा अवधि तय की गई है।

नवीनीकरण के नियम

बीमा नवीनीकरण के लिए यदि निवेश खाते में पर्याप्त राशि नहीं है, तो पेंशन फंड प्रबंधक को नवीनीकरण से 90, 60 और 30 दिन पहले अंशधारक को सूचित करना होगा। छूट अवधि खत्म होने पर पॉलिस बंद हो जाएगी।

जिनके पास पहले से एनपीएस खाता नहीं है…

● बिल्कुल नए सिरे से सीधे एनपीएस स्वास्थ्य योजना में शामिल हो सकते हैं। 18 से 70 वर्ष का कोई भी भारतीय नागरिक खाता खुलवा सकता है।

● खाता खोलते समय तीन भुगतान एक साथ करने होंगे। पहले साल की बीमा पॉलिसी की किस्त, 200 रुपये का रख-रखाव शुल्क और निवेश खाते में जमा करने के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये।

● खाता सक्रिय होने के बाद, न्यूनतम 10 रुपये की राशि भी इसमें आगे का अंशदान जमा कर सकेंगे।

● यदि भविष्य में बीमा प्रीमियम नहीं भर पाते और पॉलिसी बंद हो जाती है, तब यह खाता खुद-ब-खुद सामान्य एनपीएस खाते में तब्दील हो जाएगा और इसमें जमा पूंजी सुरक्षित रहेगी।

बीमा प्रीमियम नहीं भरा तो क्या होगा?

अगर किसी वजह से खाताधारक भविष्य में स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम नहीं भर पाता और पॉलिसी बंद हो जाती है, तो NPS Health खाते को सामान्य NPS खाते में बदलने का प्रावधान होगा। खाते में जमा निवेश राशि सुरक्षित रहेगी।

85 साल की उम्र तक जारी रह सकता है बीमा

इस योजना में 18 से 70 वर्ष की उम्र में प्रवेश किया जा सकता है। बीमा का नवीनीकरण 85 वर्ष की उम्र तक किया जा सकेगा। नवीनीकरण के समय सामान्य तौर पर दोबारा जोखिम की जांच नहीं किए जाने का प्रावधान बताया गया है।

  • बीमारी के इलाज की प्रतीक्षा अवधि भी होगी
  • स्वास्थ्य बीमा में कुछ प्रतीक्षा अवधि लागू होगी।
  • दुर्घटना के मामलों को छोड़कर सामान्य बीमारियों के लिए 30 दिन की शुरुआती प्रतीक्षा अवधि
  • पहले से मौजूद बीमारियों के लिए 12 महीने की प्रतीक्षा अवधि

इसलिए खाता खोलते समय बीमा की शर्तों और कवरेज को ध्यान से देखना जरूरी होगा।

इलाज नहीं हुआ तो पैसा खत्म नहीं होगा

NPS Health की एक खास बात यह है कि स्वास्थ्य खर्च के लिए रखी गई राशि इलाज में इस्तेमाल नहीं होने पर खत्म नहीं होगी। वह खाते में निवेशित रहेगी और बाजार के अनुसार उस पर रिटर्न मिलता रहेगा। इस तरह योजना में एक तरफ स्वास्थ्य बीमा का सुरक्षा कवच होगा, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य खर्च के लिए जमा रकम निवेश के रूप में बनी रहेगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN