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NSE पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के शेयर की दहाड़, एक बयान से टूट पड़े निवेशक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

BSE share price: बाजार में बिकवाली के बीच गुरुवार को NSE पर लिस्टेड कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE के शेयर को खरीदने की लूट सी मच गई। गुरुवार को बीएसई के शेयर 4.36% चढ़कर 3,306.10 रुपये पर पहुंच गए। कंपनी के शेयर में उछाल की वजह BSE के एमडी और सीईओ सुंदररामन रामामूर्ति का बयान है। आइए डिटेल में इसके बारे में जान लेते हैं।

क्या है बयान?

CNBC-TV18 से बात करते हुए BSE के MD और CEO सुंदररामन राममूर्ति ने कहा, “NSE ने कन्फर्म किया है कि ऑफर डॉक्यूमेंट के साथ सेल्फ-ट्रेडिंग के लिए कोई सप्लीमेंट्री डॉक्यूमेंट जारी नहीं किया जाएगा।” राममूर्ति ने कहा, “2017 में इजाजत मांगने के बावजूद BSE को अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड करने की मंजूरी नहीं मिली थी।” ऐसे में NSE की लिस्टिंग के बाद अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग करने की संभावना को लेकर बाजार में चल रही चर्चाओं पर BSE की ओर से यह अहम टिप्पणी मानी जा रही है।

NSE IPO का BSE पर क्या असर?

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि NSE, BSE पर लिस्ट होने के बाद “परमिटेड टू ट्रेड” कैटेगरी के जरिए अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड कर सकता है। PL कैपिटल के एक नोट के अनुसार अगर कैश मार्केट शेयर में और सुधार नहीं होता है तो NSE के इस कदम से सेंसिटिविटी एनालिसिस के आधार पर FY27 में BSE की कमाई पर लगभग 1-2 प्रतिशत का असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत सेल्फ-लिस्टिंग की इजाजत नहीं है।

सेबी की एनएसई के खिलाफ याचिकाओं का सैटलमेंट किया

इस बीच, गुरुवार को उच्चतम न्यायालय ने ‘को-लोकेशन’ और ‘डार्क फाइबर’ मामलों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के खिलाफ दायर याचिकाओं का सैटलमेंट कर दिया। यह सैटलमेंट बाजार नियामक के एनएसई के साथ करीब 1,500 करोड़ रुपये के समझौते को मंजूरी दिए जाने के बाद किया गया है। को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामले कुछ शेयर ब्रोकर को बाजार के आंकड़ें अन्य निवेशकों से कुछ पहले अनुचित और प्रेफेंशियल रूप से मिलने के आरोपों से जुड़े हैं।

बता दें कि एनएसई ने जुलाई में नियामक की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद काफी समय से लंबित ‘को-लोकेशन’ और ‘डार्क फाइबर’ मामलों के सैटलमेंट के लिए 714.74 करोड़ रुपये सेबी को चुकाए थे। इन मामलों में कुल 1,491.21 करोड़ रुपये के समझौते पर सहमति बनी थी। एनएसई ने पहले 776.47 करोड़ रुपये जमा कराये थे। ताजा भुगतान के साथ संशोधित शर्तों के तहत निर्धारित 1,491.21 करोड़ रुपये की पूरी समझौता राशि का भुगतान हो गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN