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NSE IPO का बड़ा अपडेट! 6% हिस्सेदारी बेचकर जुटाएगा ₹30,000 करोड़, ₹5 लाख करोड़ वैल्यूएशन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

NSE (National Stock Exchange) के IPO को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बाजार नियामक SEBI (Securities and Exchange Board of India) से IPO की मंजूरी मिलने के बाद अब देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज की शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, NSE IPO के जरिए करीब ₹30,000 करोड़ जुटा सकता है। इसके लिए कंपनी करीब 6% हिस्सेदारी को बाजार में ला सकती है। इस हिसाब से NSE का संभावित वैल्यूएशन करीब ₹5 लाख करोड़ बैठता है। हालांकि, IPO का अंतिम साइज, प्राइस बैंड और वैल्यूएशन आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। सूत्रों के मुताबिक, NSE 11 सितंबर को IPO का प्राइस बैंड घोषित कर सकता है, जबकि 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग का लक्ष्य रखा गया है।

NSE IPO की खास बात यह है कि इसमें कई सरकारी कंपनियों, इंश्योरेंस कंपनियों, प्राइवेट इक्विटी निवेशकों और वित्तीय संस्थानों की हिस्सेदारी बिक सकती है। IPO के दस्तावेजों के अनुसार, SBI (State Bank of India), बैंक ऑफ बड़ौदा (बैंक ऑफ बड़ौदा), स्टॉकहोल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (StockHolding Corporation of India), इंडियन बैंक (Indian Bank), GIC Re, न्यू इंडिया एश्योरेंस (New India Assurance), यूनाइटेड इंडिया एश्योरेंस (United India Assurance), नेशनल इंश्योरेंस (National Insurance) और ओरिएंटल इंश्योरेंस (Oriental Insurance) जैसी सरकारी संस्थाएं NSE में अपनी कुछ या पूरी हिस्सेदारी बेच सकती हैं। इसके अलावा मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley), CPPIB, Temasek, क्रॉउन कैपिटल (Crown Capital), OMERS, ChrysCapital, ICICI लोम्बॉर्ड और TA एसोसिएट्स जैसे निजी निवेशक भी संभावित बिक्री करने वाले शेयरधारकों में शामिल हैं।

NSE में LIC (Life Insurance Corporation) की भी बड़ी हिस्सेदारी है। LIC के पास NSE की करीब 10.7% हिस्सेदारी है। वहीं, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन (StockHolding Corporation), SBI कैपिटल और SBI के पास क्रमशः करीब 4.4%, 4.3% और 3.2% हिस्सेदारी बताई गई है। GIC के पास लगभग 1.64% और ओरिएंटल बैंक और न्यू इंडिया एश्योरेंस (New India Assurance) के पास करीब 1.42% हिस्सेदारी है। इस IPO की एक और खास बात यह है कि NSE के पास करीब 1.7 लाख शेयरधारक हैं, जो किसी अनलिस्टेड कंपनी के लिए बेहद बड़ी संख्या है।

NSE की लिस्टिंग का इंतजार निवेशकों को लंबे समय से है। SEBI की मंजूरी मिलने के बाद अब इसकी IPO प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। संभावित ₹30,000 करोड़ का इश्यू इसे भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में शामिल कर सकता है। NSE की लिस्टिंग से न केवल मौजूदा निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका मिलेगा, बल्कि आम निवेशकों को भी देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज में सीधे निवेश करने का अवसर मिल सकता है।

NSE IPO की चर्चा का असर कुछ संभावित सेलिंग शेयरहोल्डर्स से जुड़े शेयरों पर भी दिखाई दिया है। सितंबर में न्यू इंडिया एश्योरेंस (New India Assurance) के शेयरों में करीब 19% की तेजी दर्ज हुई है, जबकि स्टॉकहोल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (StockHolding Corporation of India) की प्रमोटर कंपनी IFCI के शेयरों में भी इस महीने करीब 16% की बढ़त देखी गई है। हालांकि, किसी शेयर में तेजी को केवल NSE IPO से जोड़कर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा। निवेशकों को NSE के IPO का प्राइस बैंड, वैल्यूएशन, कंपनी की वित्तीय स्थिति और इश्यू से जुड़े जोखिमों को ध्यान से समझने के बाद ही निवेश पर विचार करना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN